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चार गांवों में घुसा घाघरा का पानी

Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
Sitapur
Sitapur Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
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रेउसा (सीतापुर)। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े गए पानी के चलते गांजर क्षेत्र की नदियों ने मंगलवार की रात से फिर तबाही की इबारत लिखनी शुरू कर दी है। बाढ़ प्रभावित रेउसा विकास खंड में बहने वाली शारदा, घाघरा और चौका नदियों की विनाशलीला का सिलसिला अभी थमा नहीं है। पिछले चौबीस घंटोें के दौरान घाघरा के जलस्तर में हुई 35 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी से उफनाई नदी का पानी ब्लाक क्षेत्र के नगीनापुरवा, श्यामनगर, चंद्रभाल पुरवा और सिसईया बाजार में प्रवेश कर गया है। इससे इन गांवों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। इसके अलावा इस नदी ने इसी ब्लाक के कोनी गांव के चार घरों को काट कर बहा भी ले गई है। इनमें गांव के पेशकार, छोटेलाल, प्यारे लाल और बेचे लाल के घर शामिल हैं। नदियों के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने से इलाके के काशीपुर, गोड़ियन पुरवा, असईपुर, बाजपेयीपुरवा, असईपुर, चमारनपुरवा, मटेरिया, खमहरिया, शेखपुर, मल्लापुर, कोनी, नगीनापुरवा, श्यामनगर, चंद्रभाल पुरवा और सिसइया बाजार आदि गांवों में स्थिति भयावह हो गयी है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए सैकड़ों ग्रामीण परिवार अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर एकत्रित होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं, जिससे हम लोग सड़कों पर डेरा डालकर रह रहे हैं। तमाम लोग रिश्तेदारों के घर डेरा डाले हुए हैं। बाढ़ प्रभावित सड़कों के किनारे, खुले आसमान के नीचे रह रहे इन ग्रामीणों के पास न मकान बचे हैं और न ही कपड़े बचे हैं। बाढ़ के पानी से जान बचाने के चक्कर में लोग अनाज भी घर पर ही छोड़ आए थे। वह दो जून की रोटी के लिए भी तरस रहे हैं। छोटे बच्चों को दूध भी नहीं मिल पा रहा है। नदियों के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी और नदियों की दिशा बदलने के कारण गांवों में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण पूरी तरह से प्रशासनिक मदद पर निर्भर हैं। इस संबंध में जब एसडीएम बिसवां मृत्युजय राम से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए शीघ्र ही राहत सामग्री भिजवाई जा रही है। बाढ़ से हुए नुकसान का अनुमान लगा कर उन्हें आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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घाघरा और चौका के जलस्तर में वृद्धि
सीतापुर। गांजरी इलाके में कहर ढाने वाली चौका और घाघरा नदियों के जल स्तर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान 35-35 सेमी की बढ़ोत्तरी से तटवर्ती गांवों के लोग सहम उठे हैं। गोमती नदी के जलस्तर में भी 46 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। सरायन और महमूदाबाद बांध केजल स्तर में पिछले 48 घंटों के दौरान कोई कमी अथवा वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। इसके विपरीत विभिन्न बैराजों के जल स्तर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान आंशिक कमी दर्ज की गई है। हांलाकि पिछले 24 घंटों के दौरान इन तीनों बैराजों से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी जिले की विभिन्न नदियाें में डिस्चार्ज किया गया है। शहर के बीचो बीच से बहने वाली सरायन नदी के जलस्तर में पिछले 48 घंटाें के दौरान कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। पिछले दो दिनों से जिले में धीमी गति से होने वाली बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 48 घंटों के दौरान जिले में 38 मिमी की औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। बुधवार को गोमती में 118.08 मीटर, सरायन में 125.80 मीटर, चौका महमूदाबाद बांध में 116.50 मीटर, चौका कनरखी में 119.15 एवं घाघरा में 118.95 मीटर जलस्तर था। इसके अलावा इन बैराजों से जिले की नदियों में 2,14,387 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बनवसा बैराज से 83,658 क्यूसेक, शारदा 20,093 क्यूसेक तथा गिरिजा बैराज से 1,50,636 क्यूसेक पानी नदियों में डिस्चार्ज किया गया। इसके अलावा मंगलवार के मुकाबले बुधवार को शारदा बैराज का जल स्तर बीस सेमी घटकर 134.55 मीटर पर पहुंच गया था। इसी प्रकार गिरिजा बैराज का जल स्तर 35 सेमी घटकर 135.20 मीटर पर और बनवसा बैराज का जल स्तर 25 सेमी घटकर 219.70 मीटर पर पहुंच गया था।
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शारदा की कटान में समाए दस घर
लहरपुर (सीतापुर)। लगातार बैराजों से छोड़े जा रहे हजारों क्यूसेक पानी के कारण शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ कटान भी तेजी से हो रही है। बुधवार की देर शाम हुई शारदा की कटान में क्षेत्र के दस मकान नदी में समा गये। कटान की सूचना मिलने पर तहाीलदार व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। लहरपुर क्षेत्र के ग्राम टिकोना में बुधवार की देर शाम शारदा नदी में जबरदस्त कटान हुई है। कटान के कारण गांव के तीन कच्चे, पांच पक्के व दो इंदिरा आवास रेत के ढे़र की तरह नदी में समा गये। इनमें राजकुमार, हरिकिशन, भानू, अवधेश, रामसिंह व श्रीदेवी समेत अन्य लोगों के घर शामिल हैं। कटान के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। तहसीलदार लहरपुर घनश्याम वर्मा मौके पर पहुंचे।
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