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84 कोसी परिक्रमा : द्रोणाचार्य घाट पार कर देवगवां पहुंचा रामादल

Sun, 17 Mar 2024 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sun, 17 Mar 2024 12:17 AM IST
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84 Kosi Parikrama: Ramadal reached Devgawan after crossing Dronacharya Ghat.
कुतुबनगर (सीतापुर)। पुण्य व मोक्ष प्रदान करने वाली 84 कोसी परिक्रमा शनिवार को अपने छठे पड़ाव देवगवां पहुंची। परिक्रमार्थियों ने डेरा डाला तो जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा। रामादल में शामिल देश-विदेश के साधु-संतों ने देवगवां में आसन लगाया तो दर्शन के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण उमड़ पड़े। संत-महंतों का डेरा आस्था का केंद्र बना रहा। श्रद्धालु भजन कीर्तन में लीन हो गए।
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हरदोई की सीमा से दोपहर बाद सीतापुर की सीमा में प्रवेश करते हुए छठे पड़ाव पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम जारी रहा। इस दौरान तक जगह-जगह लोग सेवा भाव से परिक्रमार्थियों का स्वागत करते रहे। नैमिषारण्य से 11 मार्च को 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ परंपरागत ढंग से डंका बजाकर किया गया था। परिक्रमा पहले पड़ाव कोरौना में ठहरने के बाद सीधे हरदोई जनपद के लिए रवाना हो गई थी। हरदोई में पड़ने वाले चार पड़ावों पर होते हुए शनिवार को छठे पड़ाव सीतापुर के देवगवां पहुंची। हरदोई के साखिन गोपालपुर के पांचवें पड़ाव स्थल से शनिवार की भोर रामादल ने जैसे ही गोमती नदी पर स्थित द्रोणाचार्य घाट को पार करके सीतापुर की सीमा में प्रवेश किया, वैसे ही जय श्रीराम के जयकारों से देवगवां क्षेत्र गूंजने लगा।
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रामादल की अगुवाई कर रहे 84 कोसी परिक्रमा समिति के अध्यक्ष महंत नारायण दास का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद रामादल को देखने के लिए क्षेत्र के गांवों से बच्चे, बूढ़े व महिलाएं देवगवां पड़ाव स्थल पर उमड़ पड़े। रामादल में देश विदेश से तमाम श्रद्धालु डंडे के सहारे, नंगे पांव व पैदल चलकर यात्रा कर रहे हैं। कई भक्त अपने सिर व साइकिल पर खाने की वस्तुओं की व्यवस्था लेकर चल रहे हैं। वहीं, साधु-संत अपने-अपने वाहन, घोड़ा, पालकी व गाड़ी पर सवार होकर परिक्रमा कर रहे हैं। कुछ भक्त दंडवत करते हुए भी परिक्रमा करते नजर आए। देवगवां में डेरा डालने के बाद श्रद्धालुओं ने नागालय पर्वत, नील गंगा, शृंगी ऋषि आश्रम, द्रोणाचार्य पर्वत आदि पौराणिक स्थलों के दर्शन किए। छठे पड़ाव पर रामादल रात्रि विश्राम करेगा। रविवार की भोर होते ही परिक्रमार्थी सातवें पड़ाव मड़रूवा के लिए प्रस्थान करेंगे।
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रामादल के लिए लगाया भंडारा
बाबा अचूकनाथ मानस सेवा समिति की ओर से देवगवां में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी कुंजबिहारी मिश्र ने बताया कि स्वयंसेवकों की ओर से समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रम किए जाते रहते हैं।

अल्लाह की इबादत के साथ रामभक्तों का सत्कार

अल्लाह की इबादत का महीना रमजान चल रहा है। इस दौरान शनिवार को कस्बे के कुछ मुस्लिम युवक कौमी एकता की अनूठी मिसाल पेश करते दिखाई दिए। दरअसल, रामादल के छठे पड़ाव पर पहुंचने के बाद कुतुबनगर निवासी अजहरशाह व सब्बू हसन ने अपने साथियों के साथ रोजे के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया। इसमें रामादल को सब्जी पूड़ी वितरण करते रहे। उन्होंने बताया कि वह हर वर्ष रामादल की सेवा करने का इंतजार किया करते हैं। उन्होंने बताया 84 कोसी परिक्रमा करना कठिन है। राम भक्त पैदल ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर यात्रा करते हैं। उनकी सेवा करने से काफी सुकून मिलता है।
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