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16 मकान घाघरा में बहे, 83 बीघा जमीन भी कटी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:52 PM IST
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स्कूली बच्चे
- फोटो : amar ujala
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घाघरा के जलस्तर में शुक्रवार रात मामूली गिरावट देखने को मिली है। इसके बावजूद नदी गांजरी क्षेत्र में कहर बरपा रही है। नदी ने तटीय क्षेत्र में तेजी से कटान शुरू कर दी। 16 मकान नदी में समा गए हैं, जबकि 83 बीघा जमीन घाघरा निगल गई है।
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नदी दुर्गापुरवा व गोड़ियन पुरवा में तेजी से कटान कर रही है। टापू पर भी कहर बरप रहा है। उधर, शनिवार को बैराजों से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रेउसा के 13 गांवों में घाघरा का पानी घुसा हुआ है।
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वहीं 22 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। दुर्गापुरवा में नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां के रामपाल, प्रदीप, अशोक, उमेश, मनकू, कनऊ, लल्लू, अजीत, राजकुमार के घर नदी में बह गए हैं। गोड़ियन पुरवा गांव में शीलू, अज्जेराम के घर नदी में बह गए।
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पचीसा पर भी घाघरा का कहर बरप रहा है। टापू पर बसे माया प्रकाश, हरद्वारी, सियाराम, राधेश्याम, राजहंस व गया प्रसाद के घर नदी में बह गए हैं। हालांकि इन लोगों ने खतरा भांपकर पहले ही घर खाली कर दिए थे।
टापू पर करीब 80 बीघा जमीन कटकर बह गई है। दुर्गापुरवा गांव में छेद्दू की 3 बीघा खेती नदी में समा गई है। गोड़ियन पुरवा के 30 परिवारों ने पलायन कर आशारामपुरवा जाने वाली सड़क पर डेरा डाल रखा है।
दुर्गापुरवा के लोग भी पलायन कर रहे हैं। उधर, शनिवार को घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 242566 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे तटीय इलाके में एक बार फिर से घाघरा का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।