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नैमिषारण्य पड़ाव पर अव्यवस्थाओं से जूझेंगेे परिक्रमार्थी त
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84 कोसी परिक्रमा का नौवां पड़ाव नैमिषारण्य पिछले बरस की भांति दुर्व्यवस्थाओं का शिकार हो चुका है। इस पड़ाव की हकीकत बदहाल मार्ग व जगह-जगह पड़ी गंदगी बयां कर रही है।
परिक्रमा मार्ग पर न तो प्रकाश की व्यवस्था है और न ही पेयजल के साधन। यह हाल तब है जब परिक्रमा शुरू होने में महज चार दिन ही बचे हैं फिर भी एक भी पड़ाव पर सुविधाएं मुकम्मल नहीं हो सकी हैं। इससे परिक्रमार्थियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी।
नैमिषारण्य में परिक्रमा प्रारंभ होने वाला है। मां ललिता देवी मंदिर के निकट भैरमपुर मार्ग है। इस मार्ग पर जलभराव बहुत बड़ी समस्या बन चुका है।
मार्ग पर दोपहिया वाहन तक निकलना दूभर हो चुका है जबकि इस मार्ग कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए नंगे पांव निकलते हैं। आए दिन होने वाली बारिश से यह समस्या और भी विकराल रूप ले चुकी है।
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वहीं परिक्रमार्थियों के मुख्य विश्राम स्थल सूत गद्दी मंदिर मार्ग पर थोड़ी सी बारिश के बाद ही काफी जलभराव हो गया है। इससे श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
84 कोसी परिक्रमा मेला समिति के अध्यक्ष पहला महंत भरतदास आए दिन परिक्रमा मेला की समस्याओं को लेकर जिले के आला अधिकारियों से मिलकर दुश्वारियों से अवगत कराते रहते है लेकिन जिले के किसी भी अधिकारी को ये समस्याएं दिखती ही नहीं है।
नैमिषारण्य के प्रमुख परिक्रमा मार्ग देवदेवेश्वर मंदिर मार्ग, अयोध्या धाम, काशीकुंड, रुद्रावर्त मार्ग, हरदोई-सीतापुर मुख्य मार्ग, कालीपीठ चौक से गोमती नदी मार्ग, हनुमान गढ़ी मार्ग, ललिता देवी मंदिर मार्ग, चक्रतीर्थ मार्ग समेत नारदानंद आश्रम आदि मार्गों पर लगी लाइटें कभी जलती ही नहीं हैं।
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परिक्रमा मार्ग पर न तो प्रकाश की व्यवस्था है और न ही पेयजल के साधन। यह हाल तब है जब परिक्रमा शुरू होने में महज चार दिन ही बचे हैं फिर भी एक भी पड़ाव पर सुविधाएं मुकम्मल नहीं हो सकी हैं। इससे परिक्रमार्थियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी।
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नैमिषारण्य में परिक्रमा प्रारंभ होने वाला है। मां ललिता देवी मंदिर के निकट भैरमपुर मार्ग है। इस मार्ग पर जलभराव बहुत बड़ी समस्या बन चुका है।
मार्ग पर दोपहिया वाहन तक निकलना दूभर हो चुका है जबकि इस मार्ग कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए नंगे पांव निकलते हैं। आए दिन होने वाली बारिश से यह समस्या और भी विकराल रूप ले चुकी है।
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वहीं परिक्रमार्थियों के मुख्य विश्राम स्थल सूत गद्दी मंदिर मार्ग पर थोड़ी सी बारिश के बाद ही काफी जलभराव हो गया है। इससे श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
84 कोसी परिक्रमा मेला समिति के अध्यक्ष पहला महंत भरतदास आए दिन परिक्रमा मेला की समस्याओं को लेकर जिले के आला अधिकारियों से मिलकर दुश्वारियों से अवगत कराते रहते है लेकिन जिले के किसी भी अधिकारी को ये समस्याएं दिखती ही नहीं है।
नैमिषारण्य के प्रमुख परिक्रमा मार्ग देवदेवेश्वर मंदिर मार्ग, अयोध्या धाम, काशीकुंड, रुद्रावर्त मार्ग, हरदोई-सीतापुर मुख्य मार्ग, कालीपीठ चौक से गोमती नदी मार्ग, हनुमान गढ़ी मार्ग, ललिता देवी मंदिर मार्ग, चक्रतीर्थ मार्ग समेत नारदानंद आश्रम आदि मार्गों पर लगी लाइटें कभी जलती ही नहीं हैं।