फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   प्रशासन पर बिफरे सांसद, सुनाई खरी-खोटी

प्रशासन पर बिफरे सांसद, सुनाई खरी-खोटी

Sun, 24 Sep 2017 12:19 AM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन पर बिफरे सांसद, सुनाई खरी-खोटी
समारोह में डीएम पर बिफरे सांसद, सुनाई खरी खोटी
विज्ञापन


सीतापुर। सांसद व डीएम के बीच मनमुटाव शनिवार को खुले मंच पर जगजाहिर हो गया। गल्ला मंडी में ऋण मोचन योजना के तहत प्रमाणपत्र वितरण समारोह में सांसद राजेश वर्मा ने अफसरों पर मनमानी व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप जड़ते हुए चेतावनी दी, कि अब कोई भी कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों के बगैर आयोजित किया गया तो ठीक नहीं होगा।

बीच सभा में सांसद के तीखे बोल सुनकर डीएम साहिबा भी मंच से उठकर चली गईं। हालांकि बाद में सदर तहसील के 841 किसानों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया गया। यह पूरा मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
विज्ञापन


शहर की नवीन गल्लामंडी में शनिवार को ऋण मोचन योजना के दायरे में आने वाले सदर तहसील के 841 किसानों को कर्जमाफी प्रमाण पत्र का वितरण समारोह आयोजित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


समारोह के मुख्य अतिथि सांसद राजेश वर्मा जब संबोधन के लिए पहुंचे तो जिला प्रशासन पर बिफर पड़े। सांसद ने तीखे लहजे में कहा कि अफसरों का रवैया बेहद उपेक्षात्मक है।

समय पर कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी जाती है। कभी कार्यक्रम के एक दिन पहले कई बार तो देर रात में अगले दिन होने वाले समारोह की सूचना मिलती है। ऐसे में पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने डीएम का ध्यान खींचते हुए दो टूक कहा कि आगे से इस तरह के प्रोग्राम जनप्रतिनिधियों की गैर मौजूदगी में नहीं होने चाहिए। सूचना समय पर जनप्रतिनिधियों को दी जानी चाहिए।

सांसद ने यह नाराजगी शुक्रवार को गल्ला मंडी में हुए अंत्योदय मेला व प्रदर्शनी में किसी जनप्रतिनिधि के न पहुंचने पर जाहिर की। उधर, सांसद के तीखे बोल सुन डीएम बीच सभा में ही प्रोग्राम छोड़ मंच से उठकर चली गईं।

हालांकि इसके बाद समारोह में 841 किसानों को सांसद ने प्रमाणपत्र बांटे। इस दौरान सदर विधायक राकेश राठौर, सीडीओ अरविंद चौरसिया, एसडीएम सदर प्रभाकांत अवस्थी, पीडी राजेश त्रिपाठी, डीसीओ दुष्यंत कुमार आदि मौजूद थे।

शासन की गाइडलाइन पर ही कर रहे काम
समारोह शासन की गाइड लाइन के तहत ही कराया जा रहा है। जीओ के मुताबिक जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री और तहसील स्तरीय में संबधित विधायक को आमंत्रित करना होता है।


फिर भी सांसद को सम्मान देते हुए आमंत्रित किया गया था। सांसद का आरोप है, कि सूचना एक दिन पहले मिली, इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी। रही बात समारोह से जाने की तो मैं एक अन्य जरूरी काम आने पर वहां से आई थी।
- डॉ. सारिका मोहन, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed