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शारदा नदी का कटान देख तीस परिवारों ने छोड़ा घर
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:17 PM IST
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रेउसा/लहरपुर (सीतापुर)। जिले के गांजरी क्षेत्र में नदियों का कहर जारी है। जलस्तर बढ़ने से शारदा व घाघरा नदी कटान कर रही हैं। करीब तीन हजार बीघा खेत जलमग्र हो गए हैं। लहरपुर क्षेत्र में रतौली गांव के निकट शारदा नदी में कटान तेज होने से 30 परिवार अपने आशियाने छोड़कर पलायन कर गए हैं। जहां नदियों ने ऐसा रौद्र रूप धारण कर लिया है, वहीं रविवार को घाघरा व शारदा बैराजों से ढाई लाख क्यूसके पानी छोड़ा गया। इससे नदियों के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी के आसार नजर आ रहे हैं।
इन दिनों शारदा नदी लहरपुर तहसील क्षेत्र में तो घाघरा नदी बिसवां क्षेत्र में कहर बरपा रही है। लहरपुर इलाके में शारदा नदी तटीय क्षेत्र के रतौली डीह गांव को नेस्तनाबूद करने में जुटी है। कटान से दसों बीघा जमीन कटकर नदी में समा रही है।
नदी का ऐसा रूप देखकर गांव के प्रताप, कमल गिरी, केशव, अशोक तिवारी, अवध बिहारी, अनूप, मूलचंद यादव, रजितराम, हरिशंकर, अजीत, अवध राम, अशोक, सुभाष, राम नरेश गिरी, सुमित गिरी, रामजीवन, शिवप्यारी, मुन्ना चौधरी, शहर यार, पैरू, सलामुद्दीन, यासीन, महेंद्र तिवारी आदि 30 परिवारों ने अपने घरों को छोड़ दिया है।
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वे घरेलू सामान को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लोड करके सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल गए हैँ। जिस हिसाब से गांव के बाशिंदे भयभीत होकर गांव छोड़ रहे हैं, उसे देखकर लग रहा है कि एक या दो दिन में पूरा गांव खाली हो जाएगा। जहां लहरपुर इलाके में यह हाल है, वहीं बिसवां केे रेउसा इलाके में घाघरा नदी उफान मार रही है। कोनी, परमेश्वर पुरवा, लोध पुरवा, जैतहिया, मरेली, कटैला पुरवा, नगीना पुरवा आदि गांवों के निकट नदी कटान कर रही है।
इस क्षेत्र में करीब तीन हजार बीघे से अधिक खेती नदी के बाढ़ के पानी में समाई हुई है। यहां पर खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। इस इलाके में कोनी समेत 10 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। क्षेत्र के 9 संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। वहीं रविवार को शारदा व घाघरा बैराजों से 250737 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लोगों का कहना है कि यह पानी इतनी अधिक मात्रा में है, कि नदी के जल स्तर में और इजाफा होगा।
रतौली में घरों पर चल रहे हथौड़े
लहरपुर क्षेत्र के रतौली डीह गांव में शारदा नदी इस कदर कहर बरपा रही है, कि आबादी की जमीन व घर दोनों ही कटकर नदी में बहते नजर आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का हाल यह है कि वे यह सोच रहे हैं, कि उनके हाथ जो मिल जाए, वही काफी है। यही वजह है कि वहां के बाशिंदे अपने घरों पर खुद ही हथौड़े चले रहे हैं। मकान की ईंट, सरिया ट्रॉलियों में भरकर गांव से पलायन कर रहे हैं। गांव के रजितराम, हरिशंकर, अजीत, अवध राम, अशोक आदि ने बताया कि अपने घरों को अपने हाथों तोड़ना उनकी मजबूरी है। क्योंकि उन्होंने अपनी आंखों के सामने गांव के घर नदी में समाते और बहते देखे हैं।
ऐरा मार्ग पर बसे पीड़ित परिवार
लहरपुर के रतौली डीह गांव के पीड़ितों को रहने भर की जमीन मयस्सर नहीं हो रही है। यही वजह है कि वहां से पलायन करने वाले परिवार सड़कों पर ही डेरा डालने को मजबूर हैं। रविवार को रतौली डीह गांव के सुभाष, राम नरेश गिरी, सुमित गिरी, रामजीवन, शिवप्यारी, मुन्ना चौधरी, शहर यार, पैरू, सलामुद्दीन, यासीन, महेंद्र तिवारी आदि 30 परिवारों ने अपने घरों को छोड़ तो दिया। लेकिन उन्हें आशियाने भर की जमीन नसीब नहंी हुई। नतीजा ये सारे परिवार क्षेत्र की ऐरा मार्ग पर पहुंच गए। ऐसे बारिश भरे मौसम में ये परिवार बेघर हो गए हैं। जो सड़कों पर तिरपाल व पॉलीथिन तानकर रहने को मजबूर हैं।
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 141702 क्यूसेक
शारदा 109035 क्यूसेक
बनबसा 82440 क्यूसेक
कटान थमा, जलस्तर में बढ़ोत्तरी
तंबौर। क्षेत्र के बंसतापुर व कोल्हापुर में रविवार को शारदा नदी का कटान स्थिर होने से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से गांव में बाढ़ के संकेत नजर आने लगे हैं। बसंतापुर से नदी करीब पचास मीटर दूर तो कोल्हुआ पुरवा से मात्र दस मीटर की दूरी तक नदी कटान कर पहुँच चुकी है। हालांकि शारदा नदी का कटान रविवार को स्थिर रहा। सिंचाई विभाग के जेई सुनील कुमार ने बताया कि नदी के बहाव के रुख में अचानक बदलाव से 5 स्टड बह गए हैं। अब बांस के बंबूओं में बोरियो में रोड़े भरवा कर किनारों पर लोहे के तार से बांधे जा रहे हैं। कटान रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं।
विधायक ने देखा बाढग़्रस्त इलाके का हाल, सुनीं समस्याएं
सीतापुर। रेउसा इलाके में बाढ़ प्रभावित इलाके का हाल जानने के लिए सोमवार को सेवता विधायक ज्ञान तिवारी घाघरा तट पर पहुंचे। उन्होंने पैदल चलकर व नदी के पानी में स्टीमर से तटीय इलाके का हाल देखा। विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए चहलारीघाट सहित कई अन्य बाढ़ प्रभावित गांव में ग्रामीणों से मुलाकात की।
गोलोक कोडर, दुर्गा पुरवा में पहुंचकर ग्रामीणों को बाढ़ से होने वाली समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक ने बताया कि छह अगस्त को सिंचाई राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख सेवता विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगेे। इस दौरान वे बाढ़ पीड़ितों से जहां मुलाकात करेंगे।
विधायक ने कहा कि बाढ़ के दौरान समस्याएं आती हैं, उनके समाधान को लेकर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के बाद सिंचाई विभाग के राज्यमंत्री को सेवता क्षेत्र में जाने को कहा है। मंत्री क्षेत्र में आकर रेउसा, रामपुर मथुरा आदि इलाकों में बाढ़ का दौरा करेंगे।
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इन दिनों शारदा नदी लहरपुर तहसील क्षेत्र में तो घाघरा नदी बिसवां क्षेत्र में कहर बरपा रही है। लहरपुर इलाके में शारदा नदी तटीय क्षेत्र के रतौली डीह गांव को नेस्तनाबूद करने में जुटी है। कटान से दसों बीघा जमीन कटकर नदी में समा रही है।
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नदी का ऐसा रूप देखकर गांव के प्रताप, कमल गिरी, केशव, अशोक तिवारी, अवध बिहारी, अनूप, मूलचंद यादव, रजितराम, हरिशंकर, अजीत, अवध राम, अशोक, सुभाष, राम नरेश गिरी, सुमित गिरी, रामजीवन, शिवप्यारी, मुन्ना चौधरी, शहर यार, पैरू, सलामुद्दीन, यासीन, महेंद्र तिवारी आदि 30 परिवारों ने अपने घरों को छोड़ दिया है।
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वे घरेलू सामान को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लोड करके सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल गए हैँ। जिस हिसाब से गांव के बाशिंदे भयभीत होकर गांव छोड़ रहे हैं, उसे देखकर लग रहा है कि एक या दो दिन में पूरा गांव खाली हो जाएगा। जहां लहरपुर इलाके में यह हाल है, वहीं बिसवां केे रेउसा इलाके में घाघरा नदी उफान मार रही है। कोनी, परमेश्वर पुरवा, लोध पुरवा, जैतहिया, मरेली, कटैला पुरवा, नगीना पुरवा आदि गांवों के निकट नदी कटान कर रही है।
इस क्षेत्र में करीब तीन हजार बीघे से अधिक खेती नदी के बाढ़ के पानी में समाई हुई है। यहां पर खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। इस इलाके में कोनी समेत 10 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। क्षेत्र के 9 संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। वहीं रविवार को शारदा व घाघरा बैराजों से 250737 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लोगों का कहना है कि यह पानी इतनी अधिक मात्रा में है, कि नदी के जल स्तर में और इजाफा होगा।
रतौली में घरों पर चल रहे हथौड़े
लहरपुर क्षेत्र के रतौली डीह गांव में शारदा नदी इस कदर कहर बरपा रही है, कि आबादी की जमीन व घर दोनों ही कटकर नदी में बहते नजर आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का हाल यह है कि वे यह सोच रहे हैं, कि उनके हाथ जो मिल जाए, वही काफी है। यही वजह है कि वहां के बाशिंदे अपने घरों पर खुद ही हथौड़े चले रहे हैं। मकान की ईंट, सरिया ट्रॉलियों में भरकर गांव से पलायन कर रहे हैं। गांव के रजितराम, हरिशंकर, अजीत, अवध राम, अशोक आदि ने बताया कि अपने घरों को अपने हाथों तोड़ना उनकी मजबूरी है। क्योंकि उन्होंने अपनी आंखों के सामने गांव के घर नदी में समाते और बहते देखे हैं।
ऐरा मार्ग पर बसे पीड़ित परिवार
लहरपुर के रतौली डीह गांव के पीड़ितों को रहने भर की जमीन मयस्सर नहीं हो रही है। यही वजह है कि वहां से पलायन करने वाले परिवार सड़कों पर ही डेरा डालने को मजबूर हैं। रविवार को रतौली डीह गांव के सुभाष, राम नरेश गिरी, सुमित गिरी, रामजीवन, शिवप्यारी, मुन्ना चौधरी, शहर यार, पैरू, सलामुद्दीन, यासीन, महेंद्र तिवारी आदि 30 परिवारों ने अपने घरों को छोड़ तो दिया। लेकिन उन्हें आशियाने भर की जमीन नसीब नहंी हुई। नतीजा ये सारे परिवार क्षेत्र की ऐरा मार्ग पर पहुंच गए। ऐसे बारिश भरे मौसम में ये परिवार बेघर हो गए हैं। जो सड़कों पर तिरपाल व पॉलीथिन तानकर रहने को मजबूर हैं।
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 141702 क्यूसेक
शारदा 109035 क्यूसेक
बनबसा 82440 क्यूसेक
कटान थमा, जलस्तर में बढ़ोत्तरी
तंबौर। क्षेत्र के बंसतापुर व कोल्हापुर में रविवार को शारदा नदी का कटान स्थिर होने से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से गांव में बाढ़ के संकेत नजर आने लगे हैं। बसंतापुर से नदी करीब पचास मीटर दूर तो कोल्हुआ पुरवा से मात्र दस मीटर की दूरी तक नदी कटान कर पहुँच चुकी है। हालांकि शारदा नदी का कटान रविवार को स्थिर रहा। सिंचाई विभाग के जेई सुनील कुमार ने बताया कि नदी के बहाव के रुख में अचानक बदलाव से 5 स्टड बह गए हैं। अब बांस के बंबूओं में बोरियो में रोड़े भरवा कर किनारों पर लोहे के तार से बांधे जा रहे हैं। कटान रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं।
विधायक ने देखा बाढग़्रस्त इलाके का हाल, सुनीं समस्याएं
सीतापुर। रेउसा इलाके में बाढ़ प्रभावित इलाके का हाल जानने के लिए सोमवार को सेवता विधायक ज्ञान तिवारी घाघरा तट पर पहुंचे। उन्होंने पैदल चलकर व नदी के पानी में स्टीमर से तटीय इलाके का हाल देखा। विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए चहलारीघाट सहित कई अन्य बाढ़ प्रभावित गांव में ग्रामीणों से मुलाकात की।
गोलोक कोडर, दुर्गा पुरवा में पहुंचकर ग्रामीणों को बाढ़ से होने वाली समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक ने बताया कि छह अगस्त को सिंचाई राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख सेवता विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगेे। इस दौरान वे बाढ़ पीड़ितों से जहां मुलाकात करेंगे।
विधायक ने कहा कि बाढ़ के दौरान समस्याएं आती हैं, उनके समाधान को लेकर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के बाद सिंचाई विभाग के राज्यमंत्री को सेवता क्षेत्र में जाने को कहा है। मंत्री क्षेत्र में आकर रेउसा, रामपुर मथुरा आदि इलाकों में बाढ़ का दौरा करेंगे।