{"_id":"5b561c344f1c1b47748b6888","slug":"71532369972-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल की छह घंटे गुल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल की छह घंटे गुल रही बिजली
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गर्मी व उमस से परेशान रहे मरीज और तीमारदार
सीतापुर। जिला महिला चिकित्सालय की सोमवार को अचानक बिजली गुल हो गई। कुछ देर बाद जेनरेटर चलाया लेकिन वह भी मौके पर दगा दे गया। इससे अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार गर्मी और उमस से बेहाल रहे। कोई वार्ड से बाहर निकलकर लेट गया तो किसी का तीमारदार वहीं पर हाथ वाले पंखे से मरीज को सुकून दिलाने को कोशिश करता रहा।
करीब दो घंटे बाद जेनरेटर चला कि वह लोड नहीं उठा सका। इससे सोमवार को दोपहर 12 बजे तक एक भी जांचें नहीं हुई। इसके बाद पावर कॉर्पोरेशन ने दूसरे जगह से लाइन जोड़कर आपूर्ति चालू की। तब जाकर कामकाज पटरी पर आया। इस दौरान करीब छह घंटे अस्पताल में अफरातफरी का आलम रहा। कई मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए।
जिला महिला चिकित्सालय को स्पेशल विद्युत लाइन से 24 घंटे आपूर्ति मिलती है। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक बिजली गुल हो गई। इससे मरीज गर्मी और उमस में परेशान होने लगे। करीब आधा घंटा तक जब आपूर्ति नहीं आई तो अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर चलाने का प्रयास किया। लेकिन वह खराबी के चलते स्टार्ट नहीं हो सका।
विज्ञापन
इससे तमाम मरीज वार्ड से बाहर निकलकर बरामदे में आ गए। जिन मरीजों की हालात गंभीर थी वह मजबूरन वार्ड में ही लेटे रहे। इस दौरान उनके परिवारीजन हाथ वाले पंखे से गर्मी से निजात दिलाने का प्रयास करते रहे। इधर करीब दो घंटे बाद जेनरेटर चालू हो सका। लेकिन यह अधिक लोड नहीं उठा पा रहा था।
इससे एक साथ सभी वार्डों के पंखे नहीं चल सके। वहीं जांच का काम पूरी तरह से प्रभावित रहा। सुबह ओपीडी में दिखाने आई महिला जांच के लिए लाइन में लगी रही लेकिन उनकी जांच नहीं हो पाई। 12 बजे के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने दूसरे फीडर से लाइन जोड़कर आपूर्ति बहाल की तब जाकर अस्पताल की सेवाएं पटरी पर लौटी।
विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आ जाने के बाद आपूर्ति गुल हो गई थी। जेनरेटर चलाया गया था कि लेकिन अधिक लोड होने की वजह से वह नहीं उठा पा रहा था। इसी वजह से जांचें प्रभावित हुई।
-डॉ. सुषमा कर्णवाल, सीएमएस
तीन से चार दिन में आएगा ट्रांसफॉर्मर
अस्पताल की स्पेशल लाइन का ट्रांसफॉर्मर फुंक गया है। यह आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता है। ट्रांसफॉर्मर के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। तब तक दूसरे फीडर से जोड़कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उम्मीद है कि तीन से चार दिन के अंदर नया ट्रांसफॉर्मर आ जाएगा।
-रवि कुमार, एसडीओ, पावर कॉर्पोरेशन
विज्ञापन
सीतापुर। जिला महिला चिकित्सालय की सोमवार को अचानक बिजली गुल हो गई। कुछ देर बाद जेनरेटर चलाया लेकिन वह भी मौके पर दगा दे गया। इससे अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार गर्मी और उमस से बेहाल रहे। कोई वार्ड से बाहर निकलकर लेट गया तो किसी का तीमारदार वहीं पर हाथ वाले पंखे से मरीज को सुकून दिलाने को कोशिश करता रहा।
करीब दो घंटे बाद जेनरेटर चला कि वह लोड नहीं उठा सका। इससे सोमवार को दोपहर 12 बजे तक एक भी जांचें नहीं हुई। इसके बाद पावर कॉर्पोरेशन ने दूसरे जगह से लाइन जोड़कर आपूर्ति चालू की। तब जाकर कामकाज पटरी पर आया। इस दौरान करीब छह घंटे अस्पताल में अफरातफरी का आलम रहा। कई मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए।
विज्ञापन
जिला महिला चिकित्सालय को स्पेशल विद्युत लाइन से 24 घंटे आपूर्ति मिलती है। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक बिजली गुल हो गई। इससे मरीज गर्मी और उमस में परेशान होने लगे। करीब आधा घंटा तक जब आपूर्ति नहीं आई तो अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर चलाने का प्रयास किया। लेकिन वह खराबी के चलते स्टार्ट नहीं हो सका।
विज्ञापन
इससे तमाम मरीज वार्ड से बाहर निकलकर बरामदे में आ गए। जिन मरीजों की हालात गंभीर थी वह मजबूरन वार्ड में ही लेटे रहे। इस दौरान उनके परिवारीजन हाथ वाले पंखे से गर्मी से निजात दिलाने का प्रयास करते रहे। इधर करीब दो घंटे बाद जेनरेटर चालू हो सका। लेकिन यह अधिक लोड नहीं उठा पा रहा था।
इससे एक साथ सभी वार्डों के पंखे नहीं चल सके। वहीं जांच का काम पूरी तरह से प्रभावित रहा। सुबह ओपीडी में दिखाने आई महिला जांच के लिए लाइन में लगी रही लेकिन उनकी जांच नहीं हो पाई। 12 बजे के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने दूसरे फीडर से लाइन जोड़कर आपूर्ति बहाल की तब जाकर अस्पताल की सेवाएं पटरी पर लौटी।
विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आ जाने के बाद आपूर्ति गुल हो गई थी। जेनरेटर चलाया गया था कि लेकिन अधिक लोड होने की वजह से वह नहीं उठा पा रहा था। इसी वजह से जांचें प्रभावित हुई।
-डॉ. सुषमा कर्णवाल, सीएमएस
तीन से चार दिन में आएगा ट्रांसफॉर्मर
अस्पताल की स्पेशल लाइन का ट्रांसफॉर्मर फुंक गया है। यह आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता है। ट्रांसफॉर्मर के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। तब तक दूसरे फीडर से जोड़कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उम्मीद है कि तीन से चार दिन के अंदर नया ट्रांसफॉर्मर आ जाएगा।
-रवि कुमार, एसडीओ, पावर कॉर्पोरेशन