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तीन घंटा ठप रही महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:48 AM IST
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सुबह बिजली गुल हो जाने से गर्मी व उमस से परेशान रहे मरीज व तीमारदार
सीतापुर। जिला महिला चिकित्सालय की शनिवार को तीन घंटा बिजली गुल रहने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं। इस दौरान न तो अल्ट्रासाउंड हुए न ही पैथालॉजी चली। सबसे अधिक दिक्कत वार्ड में भर्ती मरीजों को हुई। गर्मी और उमस की वजह से उन्होंने वार्ड से बाहर निकलकर पेड़ की छांव ली तो गंभीर मरीज के परिवारीजन बेड पर राहत देने के काम जुटे रहे।
दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। जिला व महिला चिकित्सालय को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाती है। इसके लिए स्पेशल विद्युत लाइन बिछी हुई है। लेकिन इस लाइन में शनिवार को अचानक फॉल्ट आ गई। इससे पूर्वाह्न करीब 11 बजे अस्पताल की बिजली गुल हो गई।
जेनरेटर भी चालू नहीं हो सका। इसके कारण अल्ट्रासाउंड व पैथालॉजी सेवा पूर्ण रुप से बंद हो गई। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर महिलाओं की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। जब बिजली गुल थी तो गर्मी अधिक होने से मरीज भी परेशान होने लगे।
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कोई वार्ड के बाहर निकलकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास करता तो किसी के परिवारीजन अखबार व कागज से ही हवा देने में जुटे रहे। वहीं ओपीडी में अंधेरा होने से डॉक्टरों ने मोबाइल का टॉर्च जलाकर मरीज को देखा। यह अव्यवस्था दोपहर करीब दो बजे तक हावी रही। उसके बाद आपूर्ति शुरु होने पर ही स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आईं।
बिना जांच के लौटे मरीज
अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी लहरपुर के मदारपुर निवासी रेनू गर्मी व उमस से बहुत बेहाल थीं। उनका नंबर आने वाला था कि बत्ती गुल हो गई। इसी प्रकार रौसीपुर की मौसमी देवी जब इंतजार करते-करते थक गईं तो वह दीवार का सहारा लेकर खड़ी गईं।
सरैया निवासी नीलम गर्मी की वजह से इतनी अधिक परेशान थीं कि वह अंदर आती कुछ देर बाद बाहर जाती। नीलम का कहना था कि आज बत्ती गुल हो गई है। जांच भी नहीं हो पाई। अब तो कल मजबूरी में आना पड़ेगा। ऐसे ही तमाम मरीज बिना जांच कराएं ही मायूस होकर घर लौट गए।
सही हो गई लाइन
विद्युत लाइन में तकनीकी फॉल्ट आ गई थी। इसको सही करने में करीब दो घंटे लग गए। अब पूरी तरीके से लाइन सही हो गई है।
-रवि कुमार, एसडीओ
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सीतापुर। जिला महिला चिकित्सालय की शनिवार को तीन घंटा बिजली गुल रहने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं। इस दौरान न तो अल्ट्रासाउंड हुए न ही पैथालॉजी चली। सबसे अधिक दिक्कत वार्ड में भर्ती मरीजों को हुई। गर्मी और उमस की वजह से उन्होंने वार्ड से बाहर निकलकर पेड़ की छांव ली तो गंभीर मरीज के परिवारीजन बेड पर राहत देने के काम जुटे रहे।
दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। जिला व महिला चिकित्सालय को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाती है। इसके लिए स्पेशल विद्युत लाइन बिछी हुई है। लेकिन इस लाइन में शनिवार को अचानक फॉल्ट आ गई। इससे पूर्वाह्न करीब 11 बजे अस्पताल की बिजली गुल हो गई।
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जेनरेटर भी चालू नहीं हो सका। इसके कारण अल्ट्रासाउंड व पैथालॉजी सेवा पूर्ण रुप से बंद हो गई। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर महिलाओं की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। जब बिजली गुल थी तो गर्मी अधिक होने से मरीज भी परेशान होने लगे।
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कोई वार्ड के बाहर निकलकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास करता तो किसी के परिवारीजन अखबार व कागज से ही हवा देने में जुटे रहे। वहीं ओपीडी में अंधेरा होने से डॉक्टरों ने मोबाइल का टॉर्च जलाकर मरीज को देखा। यह अव्यवस्था दोपहर करीब दो बजे तक हावी रही। उसके बाद आपूर्ति शुरु होने पर ही स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आईं।
बिना जांच के लौटे मरीज
अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी लहरपुर के मदारपुर निवासी रेनू गर्मी व उमस से बहुत बेहाल थीं। उनका नंबर आने वाला था कि बत्ती गुल हो गई। इसी प्रकार रौसीपुर की मौसमी देवी जब इंतजार करते-करते थक गईं तो वह दीवार का सहारा लेकर खड़ी गईं।
सरैया निवासी नीलम गर्मी की वजह से इतनी अधिक परेशान थीं कि वह अंदर आती कुछ देर बाद बाहर जाती। नीलम का कहना था कि आज बत्ती गुल हो गई है। जांच भी नहीं हो पाई। अब तो कल मजबूरी में आना पड़ेगा। ऐसे ही तमाम मरीज बिना जांच कराएं ही मायूस होकर घर लौट गए।
सही हो गई लाइन
विद्युत लाइन में तकनीकी फॉल्ट आ गई थी। इसको सही करने में करीब दो घंटे लग गए। अब पूरी तरीके से लाइन सही हो गई है।
-रवि कुमार, एसडीओ