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ेंगू की जांच तो है मगर इलाज लखनऊ में

Thu, 06 Jul 2017 11:35 PM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:35 PM IST
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ेंगू की जांच तो है मगर इलाज लखनऊ में
डेंगू की जांच संभव मगर इलाज लखनऊ में
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प्लेट्लेट्स की व्यवस्था आज भी नहीं
सीतापुर। जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। बीते तीन दिनों से जिले में रुक रुक कर बारिश हो रही है। जिससे जगह जगह जलभराव हो गया है और मच्छरों की पैदावार बढ़ने लगी है। इन्हीं मच्छरों से डेंगू फैलने का खतरा है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की हालत ये है कि, यहां पर आज भी डेंगू से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यहां पर जिला अस्पताल में जांच का तो इंतजाम है। इसके बाद भी खून से प्लेटलेट्स निकालने और उसे मरीज को चढ़ाने में जिला अस्पताल असहाय नजर आता है। डेंगू के इलाज के मामले में यह जिला आज भी लखनऊ के मेडिकल कालेज पर ही निर्भर है। बीते वर्ष 2016 में जिले में डेंगू की बीमारी ने बड़े स्तर पर पांव पसारा था। उस दौरान जिला अस्पताल डेंगू के इलाज में असहाय नजर आया। वहीं प्राइवेट चिकित्सक भी मरीजों को लखनऊ रेफर करते रहे। सरकारी आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2016 में डेंगू की चपेट में आकर 187 लोग बीमार हुए थे। जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई थी। बीमार मरीजों में लगभग सभी का इलाज लखनऊ में ही हो सका। इस वर्ष हालत ये है कि अभी तक डेंगू के 4 मरीज सामने आए हैं। जबकि 1 की मौत हो चुकी है। डेंगू को लेकर हो हल्ला अधिक मचने पर इस बार डेंगू की जांच की व्यवस्था तो जिला अस्पताल में हो गई है। यहां प्लेट्लेट्स की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि जांच में यहां किसी को डेंगू की पुष्टि होती है और उसे प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत है। तब मरीज के तिमारदारों के पास दो ही विकल्प मौजूद हैं। पहला यह है कि वह लखनऊ जाकर प्लेटलेट्स खरीदे और सीतापुर लाकर मरीज को चढ़वाएं। जबकि दूसरा विकल्प यह कि वह मरीज को ही लखनऊ ले जाकर प्लेटलेट्स चढ़वाए। कुल मिलाकर यहां डेंगू की जांच तो है, लेकिन पुख्ता इलाज के इंतजाम अभी तक नहीं किए जा सके हैं।
उपाय कर डेंगू से बचें
डेंगू मच्छर से पनपता है, अगर लोग इस पर ध्यान दें, तो शायद इस बीमारी से बचा जा सकता है। सभी को ध्यान रखने की जरूरत है कि बरसात का पानी कहीं पर ठहरने न दे। कूलर, टायर, गमलों में पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पनपता है। जहां पर जलभराव हो, तो उसे साफ करें, पानी में कीट नाशक डालें, डीजल या मिट्टी का तेल डाल दें। जिम्मेदार अधिकारी अपने क्षेत्र में फागिंग करा दें। जब मच्छर ही नहीं पनपेगा, तब यह बीमारी ही नहीं होगी। बुखार लगातार बने रहने पर तत्काल निकट के अस्पताल में दिखाएं और समय से इलाज कराएं।
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- डॉ. जेएन सिंह, फिजीशियन
वर्ष 2016 में जनवरी से दिसंबर तक डेंगू के मरीजों का हाल
बीमार 187
मौत 03
वर्ष 217 में अब तक
बीमार 04
मौत 01

गठित है टास्कफोर्स
डेंगू पर नियंत्रण के लिए जिले में टास्क फोर्स का गठन हो चुका है। इसकी अगली बैठक 12 जुलाई को होनी है। जिसमें डेंगू से निपटने को लेकर चर्चा की जाएगी और कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल किया जाएगा।
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- ध्रुवराज सिंह, सीएमओ

जिला अस्पताल में है जांच की व्यवस्था
जिला अस्पताल में डेंगू की जांच की व्यवस्था मौजूद है। पहले एलाइजा टेस्ट में दिक्कत आती थी, अब ये जांच भी जिला अस्पताल में हो सकेगी। प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत वाले गंभीर रोगी ही लखनऊ रेफर किए जाएंगे।
- डॉ. एके गौतम, सीएमएस
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