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पुरोहितों को विदाई में दिए 5.53 लाख चूरन वाले नोट, महिला गिरफ्तार
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रामपुर मथुरा के टेरवा मनिकापुर स्थित गीता पाठक आश्रम से बरामद फर्जी नोट।
- फोटो : SITAPUR
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। एक आश्रम संचालित करने वाली महिला द्वारा पुरोहितों के साथ ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमीन से गड़ा धन निकालने के लिए महिला ने आश्रम में अनुष्ठान कराया। इस अनुष्ठान में कई जनपदों से बुलाए गए करीब 61 ब्राह्मणों ने पूजा कराई। पूजा संपन्न होने के बाद जब दक्षिणा देने का समय आया तो महिला ने एक पोटली में करीब 5.53 लाख के चूरन वाले नोट रख दिए। महिला के ही एक शिष्य ने इसका खुलासा कर पुलिस को सूचना दी। हंगामा बढ़ता देख महिला आश्रम से भाग निकली। पुलिस ने चूरन वाले नोट बरामद किए हैं।
महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। देर रात उसे थानगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टेरवा मनिकापुर में गीता पाठक कई वर्षों से एक आश्रम का संचालन कर रही है। सूत्र बताते हैं कि इस आश्रम में ग्रामवासियों व बाहरी व्यक्तियों के आने-जाने पर प्रतिबंध था। आश्रम में 13 दिन से नैमिषारण्य व अयोध्या सहित कई जिलों से करीब 61 ब्राह्मणों द्वारा जमीन में गड़े धन की प्राप्ति के लिए अनुष्ठान कराया जा रहा था। गुरुवार भोर आयोजन की पूर्णाहुति हुई।
इसके बाद गीता ने ब्राह्मणों को तय दक्षिणा देने के लिए बहराइच के रुपईडीहा निवासी दिलीप कुमार को एक बड़ी पोटली में रुपये दिए। महिला ने दिलीप से कहा कि पोटली में पैसे ज्यादा है। इसलिए ब्राह्मण जब अपने घरों के पास गाड़ी से उतरेंगे, वहीं इन्हें दे दीजिएगा। आश्रम में पोटली खोलना ठीक नहीं है। इस पर दिलीप को शक हुआ। उन्होंने थोड़ा हटकर जब पोटली खोली तो उसमें सारे नोट बच्चों के खेल व मनोरंजन बैंक वाले थे। यह बात दिलीप ने सारे ब्राह्मणों को बताई।
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सारे ब्राह्मण गीता से सही रुपये देने की मांग करने लगे। इस पर गीता एक कुल्हाड़ी लेकर दिलीप को मारने दौड़ी। गीता ने कहा कि तुम लोगों ने तंत्रमंत्र से असली नोटों को नकली बना दिया है। पर ब्राह्मण शुद्ध रुपये लेने के लिए अड़े रहे। उन्होंने पुलिस को फोन किया। मामला बढ़ता देख गीता मौके से फरार हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी ब्राह्मणों के पास से पांच लाख 53 हजार छह सौ रुपये के बच्चों के मनोरंजन वाले नोट बरामद किए। एसओ सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि सभी ब्राह्मणों के लिखित प्रार्थना पत्र के आधार पर गीता पाठक पर केस दर्ज किया गया है। उसे थानगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है।
कई प्रांतों में हैं गीता के शिष्य
सूत्रों के मुताबिक गीता पाठक के बिहार सहित अन्य प्रदेशों व जिलों में कई शिष्य है, जो अक्सर लग्जरी गाड़ियों से आते रहते है। गीता पाठक की हुलासी पाठक से शादी हुई। पर वह शादी के बाद से ही उसका पति से कोई ताल्लुक नहीं है।
बिहारी शिष्य लगा चुका 20 लाख ठगी का आरोप
सूत्र बताते हैं कि गीता पाठक शुरू से जमीन में गड़े धन को निकालने के लिए पूजा पाठ करने के बहाने लाखो रुपये ऐंठने का काम करती रही है। करीब 4-5 वर्ष पूर्व क्षेत्र के भगौतीपुर में भी एक भवन पर अवैध कब्जा करने का केस चल रहा है। इस भवन पर अवैध कब्जे के दौरान ही बिहार प्रान्त के एक शिष्य ने गीता पाठक पर जमीन में गड़े करोड़ों का धन को निकालने के एवज में 4 से 5 वर्षों में 20 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया था।
कहां से आए इतने फर्जी नोट
जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को करीब 18 ब्राह्मणों की विदाई में प्रत्येक ब्राह्मणों को प्रतिदिन के हिसाब से दो हजार रुपये देने की बात थी। पर इसे लेकर उसकी ब्राह्मणों से काफी कहासुनी हुई। गीता पाठक ने धमकी देकर उन्हें आश्रम से भगा दिया। इन ब्राह्मणों का कोई मध्यस्थ नहीं था। इसलिए वह डरकर बिना दक्षिणा लिए चले गए। लेकिन गुरुवार को 42 ब्राह्मणों का एक मध्यस्थ था जो बिना पैसा लिए जाने को राजी नहीं था। इन ब्राह्मणों से पूर्णाहुति भी करवानी थी। इसलिए इन्हें दक्षिणा देने में बच्चों के मनोरंजन वाले नोट एकत्र कर बांटे गए।
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महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। देर रात उसे थानगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के ग्राम टेरवा मनिकापुर में गीता पाठक कई वर्षों से एक आश्रम का संचालन कर रही है। सूत्र बताते हैं कि इस आश्रम में ग्रामवासियों व बाहरी व्यक्तियों के आने-जाने पर प्रतिबंध था। आश्रम में 13 दिन से नैमिषारण्य व अयोध्या सहित कई जिलों से करीब 61 ब्राह्मणों द्वारा जमीन में गड़े धन की प्राप्ति के लिए अनुष्ठान कराया जा रहा था। गुरुवार भोर आयोजन की पूर्णाहुति हुई।
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इसके बाद गीता ने ब्राह्मणों को तय दक्षिणा देने के लिए बहराइच के रुपईडीहा निवासी दिलीप कुमार को एक बड़ी पोटली में रुपये दिए। महिला ने दिलीप से कहा कि पोटली में पैसे ज्यादा है। इसलिए ब्राह्मण जब अपने घरों के पास गाड़ी से उतरेंगे, वहीं इन्हें दे दीजिएगा। आश्रम में पोटली खोलना ठीक नहीं है। इस पर दिलीप को शक हुआ। उन्होंने थोड़ा हटकर जब पोटली खोली तो उसमें सारे नोट बच्चों के खेल व मनोरंजन बैंक वाले थे। यह बात दिलीप ने सारे ब्राह्मणों को बताई।
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सारे ब्राह्मण गीता से सही रुपये देने की मांग करने लगे। इस पर गीता एक कुल्हाड़ी लेकर दिलीप को मारने दौड़ी। गीता ने कहा कि तुम लोगों ने तंत्रमंत्र से असली नोटों को नकली बना दिया है। पर ब्राह्मण शुद्ध रुपये लेने के लिए अड़े रहे। उन्होंने पुलिस को फोन किया। मामला बढ़ता देख गीता मौके से फरार हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी ब्राह्मणों के पास से पांच लाख 53 हजार छह सौ रुपये के बच्चों के मनोरंजन वाले नोट बरामद किए। एसओ सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि सभी ब्राह्मणों के लिखित प्रार्थना पत्र के आधार पर गीता पाठक पर केस दर्ज किया गया है। उसे थानगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है।
कई प्रांतों में हैं गीता के शिष्य
सूत्रों के मुताबिक गीता पाठक के बिहार सहित अन्य प्रदेशों व जिलों में कई शिष्य है, जो अक्सर लग्जरी गाड़ियों से आते रहते है। गीता पाठक की हुलासी पाठक से शादी हुई। पर वह शादी के बाद से ही उसका पति से कोई ताल्लुक नहीं है।
बिहारी शिष्य लगा चुका 20 लाख ठगी का आरोप
सूत्र बताते हैं कि गीता पाठक शुरू से जमीन में गड़े धन को निकालने के लिए पूजा पाठ करने के बहाने लाखो रुपये ऐंठने का काम करती रही है। करीब 4-5 वर्ष पूर्व क्षेत्र के भगौतीपुर में भी एक भवन पर अवैध कब्जा करने का केस चल रहा है। इस भवन पर अवैध कब्जे के दौरान ही बिहार प्रान्त के एक शिष्य ने गीता पाठक पर जमीन में गड़े करोड़ों का धन को निकालने के एवज में 4 से 5 वर्षों में 20 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया था।
कहां से आए इतने फर्जी नोट
जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को करीब 18 ब्राह्मणों की विदाई में प्रत्येक ब्राह्मणों को प्रतिदिन के हिसाब से दो हजार रुपये देने की बात थी। पर इसे लेकर उसकी ब्राह्मणों से काफी कहासुनी हुई। गीता पाठक ने धमकी देकर उन्हें आश्रम से भगा दिया। इन ब्राह्मणों का कोई मध्यस्थ नहीं था। इसलिए वह डरकर बिना दक्षिणा लिए चले गए। लेकिन गुरुवार को 42 ब्राह्मणों का एक मध्यस्थ था जो बिना पैसा लिए जाने को राजी नहीं था। इन ब्राह्मणों से पूर्णाहुति भी करवानी थी। इसलिए इन्हें दक्षिणा देने में बच्चों के मनोरंजन वाले नोट एकत्र कर बांटे गए।