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घंटाघर पर अब लगेगी इलेक्ट्रॉनिक घड़ी
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सीतापुर। सीतापुर की ऐतिहासिक पहचान घंटाघर की घड़ी अब नए लुक में दिखेगी। दशकों से चली आ रही व्यवस्था में अब परिवर्तन होगा। यहां पर एक नई इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लगाई जाएगी। इससे घड़ी अब रेग्यूलर चलती रहेगी।
शहर के ब्रिटिश कॉल में घंटाघर में एक घड़ी लगाई गई थी। यह घड़ी पूरे जिले की एक पहचान थी। उस समय इस घड़ी के समय ही देखकर ही लोग चलते थे। इस घड़ी के समय को ही वास्तविक माना जाता था। इसको सभी कारीगर बना भी नहीं पाते थे। कुछ ही इसे बनाते थे। नगर पालिका की तरफ से इसका रखरखाव किया जाता था।
समय गुजरने के साथ घड़ी के पुर्जे भी पुराने होने लगे। इससे यह अक्सर खराब हो जाती हैं। जब यह घड़ी बंद होती है तो लोगों का कहना होता कि आज सीतापुर का भाग्य बंद हो गया। अब इस व्यवस्था में बदलाव होगा। रोजाना यह घड़ी चलती रहेगी।
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नगर पालिका के चेयरमैन राधेश्याम जायसवाल कहते हैं कि घंटाघर की इस घड़ी के स्थान पर नई इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लगाई जाएगी। वह भी नगर पालिका की देखरेख में रहेगी। इससे अब सीतापुर का भाग्य बंद होने नहीं दिया जाएगा। अगले साल से यह शुरू हो जाएगी।
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शहर के ब्रिटिश कॉल में घंटाघर में एक घड़ी लगाई गई थी। यह घड़ी पूरे जिले की एक पहचान थी। उस समय इस घड़ी के समय ही देखकर ही लोग चलते थे। इस घड़ी के समय को ही वास्तविक माना जाता था। इसको सभी कारीगर बना भी नहीं पाते थे। कुछ ही इसे बनाते थे। नगर पालिका की तरफ से इसका रखरखाव किया जाता था।
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समय गुजरने के साथ घड़ी के पुर्जे भी पुराने होने लगे। इससे यह अक्सर खराब हो जाती हैं। जब यह घड़ी बंद होती है तो लोगों का कहना होता कि आज सीतापुर का भाग्य बंद हो गया। अब इस व्यवस्था में बदलाव होगा। रोजाना यह घड़ी चलती रहेगी।
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नगर पालिका के चेयरमैन राधेश्याम जायसवाल कहते हैं कि घंटाघर की इस घड़ी के स्थान पर नई इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लगाई जाएगी। वह भी नगर पालिका की देखरेख में रहेगी। इससे अब सीतापुर का भाग्य बंद होने नहीं दिया जाएगा। अगले साल से यह शुरू हो जाएगी।