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उल्टी दस्त से भाई बहन की मौत

Tue, 25 Sep 2018 11:50 PM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:50 PM IST
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उल्टी दस्त से भाई बहन की मौत
लहरपुर के तेजवापुर गांव में डायरिया का प्रकोप, कई बच्चे बीमार
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लहरपुर (सीतापुर)। लहरपुर इलाके में डायरिया के चलते भाई-बहन की मौत हो गई। गांव में कई अन्य बच्चे भी बीमार हैं। इससे गांव में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों को दवाएं वितरित की।

ग्राम तेजवापुर निवासी ब्रजकिशोर के 8 वर्षीय पुत्र कुंदन को सोमवार को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। इस पर परिवारीजन उसे लखीमपुर जिले की पीएचसी नकहा ले गए। जहां पर कुछ देर इलाज के बाद कुंदन की मौत हो गई। मंगलवार की सुबह दो वर्षीय पुत्री कामिनी को भी उल्टी-दस्त की शिकायत हुई।
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इससे परिवारीजन बहुत घबरा गए। बच्ची पीएचसी नकहा ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवारीजन निकटवर्ती जिला अस्पताल लखीमपुर ले जा रहे थे। तभी रास्ते में ही कामनी की मौत हो गई।
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लगातार एक ही घर में दो मौतों से पूरे गांव में कोहराम मच गया। हर कोई बच्चों को देखने दौड़ पड़ा। सीएचसी तंबौर की टीम जानकारी होने पर गांव पहुंची। यहां पर 230 मरीजों को दवाएं वितरित की। गांव में अभी भी कई बच्चे उल्टी-दस्त से परेशान हैं।

इस बाबत सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया कि तेजवापुर में डायरिया की शिकायत मिलने पर वहां पर एक टीम भेजी गई थी। गांव के अन्य मरीजों का चेकअप कर दवाएं वितरित की गई हैं।

दिमागी बुखार से बच्चे की मौत
रेउसा (सीतापुर)। रेउसा इलाके में एक मासूम की दिमागी बुखार के चलते मौत हो गई। मासूम का पहले लखनऊ अब सीतापुर में इलाज चल रहा था। रेउसा के ग्राम बरौली निवासी नवीन की चार वर्षीय पुत्री श्रद्धा को करीब एक माह पूर्व तेज बुखार आया था।

यहां पर फायदा न होने पर परिवारीजन लखनऊ ले गए थे। परिवारीजनों का कहना है कि लखनऊ के सरकारी अस्पताल में बेड खाली नहीं थे। इसी वजह से घर वापस ले आए थे। आर्थिक हालत ठीक न होने की वजह से प्राइवेट अस्पताल नहीं ले गए थे।


अब स्थानीय स्तर पर ही इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही श्रद्धा की मौत हो गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनंत मिश्रा का कहना है कि जानकारी मिलने पर टीम गांव गई थी। हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। लेकिन परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही बरती।
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