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घाघरा की कटान में आठ आशियाने जमींदोज, छह पर मंडराया खतरा
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:49 PM IST
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शारदा में उफान से करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में, संपर्क मार्गों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित
तंबौर/रेउसा (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में बाढ़ व कटान से होने वाली तबाही बदस्तूर जारी है। शारदा नदी में उफान से तंबौर इलाके में करीब 30 गांव पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। इन गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आकर जलमग्न हो गए हैं। जिससे आवागमन प्रभावित है।
उधर, घाघरा नदी के जलस्तर में कमी आने से कटान तेज हो गया है। घूसेपुरवा और कोनी गांव में आठ आशियाने कटान की जद में आने से जमींदोज हो गए हैं। जबकि छह मकानों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण अपनी गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। विकासखंड तंबौर इलाके में शारदा नदी का कहर बुधवार को भी जारी रहा।
शारदा नदी में लगातार उफान आने से क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। बाढ़ का पानी तंबौर से रजनापुर, बिसवां खुर्द, रायमडोर के अलावा अब बसन्तापुर, मोगलापुर, आलमपुर, औरंगाबाद, छतांगुर, रोहिया शिवपुर, सुजावलपुर, बरछता, बोधवा, नन्हूई, बड़रिया, रजनापुर, अकबरपुर, ड्योढ़ेडीह, रायमंडोर, खानामडोर तथा मानपुर सहित करीब 30 गांवों में फैल गया है।
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यह गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी भरने से ज्यादातर रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मार्गों पर गहरे-गहरे गड्ढे बन जाने से राह चलना खतरनाक हो गया है। कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, हालात यही रहे तो आने वाले दिनों में बाढ़ बड़े पैमाने पर तबाही मचाएगी।
उधर, रेउसा विकासखंड इलाके में घाघरा का जलस्तर जरूर घटा है लेकिन कटान तेज हो गई है। बुधवार को घूसेपुरवा मजरा मेवड़ीछोलहा में रहने वाले बुद्धू, फूलमती, सुरेंद्र के घर धीरे-धीरे कटकर जमींदोज होते जा रहे हैं। इसके अलावा कोनी गांव के जगेश्वर, रामप्रताप, विनोद, इंदल, रामनिवास की झोपड़ी कटान की चपेट में आकर ध्वस्त हो गई है।
घूसेपुरवा के नकछेद, अशर्फी, कठुरी, मुन्नालाल, रामकिशुन व सोनेलाल के घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। यह सभी ग्रामीण अपनी गृहस्थी का सामान सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। बाढ़ व कटान से फिलहाल राहत के कोई आसार नजर नही आ रहे हैं।
एसडीएम ने मदद का किया आह्वान
लहरपुर। बाढ़ पीड़ितों को अधिक से अधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को तहसील सभागार में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की एक बैठक एसडीएम पूर्णिमा सिंह की अध्यक्षता में हुई। एसडीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सहायता तो उपलब्ध कराई ही जा रही है। इसके अलावा यदि आप सबकी पहल से उन्हें मदद प्रदान कराई जा सके तो उनको काफी राहत मिल जाएगी।
एसडीएम ने सभी से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस पर हरीश रस्तोगी, वीरेंद्र पुरी, हाजी रईस, अहमद जुबेर, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशरफ बिलाल, विशाल कपूर, हसीन अंसारी, फुरकान अली, मौलाना आफताब अहमद ने एसडीएम को आश्वासन दिया की आगामी एक सितंबर को बाढ़ प्रभावित गांव रतौली डीह में ग्रामीणों को भोजन पैकेट, चटाइयां एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जाएगी।
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तंबौर/रेउसा (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में बाढ़ व कटान से होने वाली तबाही बदस्तूर जारी है। शारदा नदी में उफान से तंबौर इलाके में करीब 30 गांव पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। इन गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आकर जलमग्न हो गए हैं। जिससे आवागमन प्रभावित है।
उधर, घाघरा नदी के जलस्तर में कमी आने से कटान तेज हो गया है। घूसेपुरवा और कोनी गांव में आठ आशियाने कटान की जद में आने से जमींदोज हो गए हैं। जबकि छह मकानों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण अपनी गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। विकासखंड तंबौर इलाके में शारदा नदी का कहर बुधवार को भी जारी रहा।
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शारदा नदी में लगातार उफान आने से क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। बाढ़ का पानी तंबौर से रजनापुर, बिसवां खुर्द, रायमडोर के अलावा अब बसन्तापुर, मोगलापुर, आलमपुर, औरंगाबाद, छतांगुर, रोहिया शिवपुर, सुजावलपुर, बरछता, बोधवा, नन्हूई, बड़रिया, रजनापुर, अकबरपुर, ड्योढ़ेडीह, रायमंडोर, खानामडोर तथा मानपुर सहित करीब 30 गांवों में फैल गया है।
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यह गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी भरने से ज्यादातर रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मार्गों पर गहरे-गहरे गड्ढे बन जाने से राह चलना खतरनाक हो गया है। कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, हालात यही रहे तो आने वाले दिनों में बाढ़ बड़े पैमाने पर तबाही मचाएगी।
उधर, रेउसा विकासखंड इलाके में घाघरा का जलस्तर जरूर घटा है लेकिन कटान तेज हो गई है। बुधवार को घूसेपुरवा मजरा मेवड़ीछोलहा में रहने वाले बुद्धू, फूलमती, सुरेंद्र के घर धीरे-धीरे कटकर जमींदोज होते जा रहे हैं। इसके अलावा कोनी गांव के जगेश्वर, रामप्रताप, विनोद, इंदल, रामनिवास की झोपड़ी कटान की चपेट में आकर ध्वस्त हो गई है।
घूसेपुरवा के नकछेद, अशर्फी, कठुरी, मुन्नालाल, रामकिशुन व सोनेलाल के घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। यह सभी ग्रामीण अपनी गृहस्थी का सामान सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। बाढ़ व कटान से फिलहाल राहत के कोई आसार नजर नही आ रहे हैं।
एसडीएम ने मदद का किया आह्वान
लहरपुर। बाढ़ पीड़ितों को अधिक से अधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को तहसील सभागार में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की एक बैठक एसडीएम पूर्णिमा सिंह की अध्यक्षता में हुई। एसडीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सहायता तो उपलब्ध कराई ही जा रही है। इसके अलावा यदि आप सबकी पहल से उन्हें मदद प्रदान कराई जा सके तो उनको काफी राहत मिल जाएगी।
एसडीएम ने सभी से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस पर हरीश रस्तोगी, वीरेंद्र पुरी, हाजी रईस, अहमद जुबेर, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशरफ बिलाल, विशाल कपूर, हसीन अंसारी, फुरकान अली, मौलाना आफताब अहमद ने एसडीएम को आश्वासन दिया की आगामी एक सितंबर को बाढ़ प्रभावित गांव रतौली डीह में ग्रामीणों को भोजन पैकेट, चटाइयां एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जाएगी।