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Sitapur News: आठ अपात्रों से वसूले गए 3.20 लाख रुपये
Thu, 18 May 2023 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 18 May 2023 12:35 AM IST
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सीतापुर। बिसवां की ग्राम पंचायत उलरा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आठ अपात्रों को जारी पहली किस्त की वसूली हो गई है। स्टेट पूल में तीन लाख 20 हजार रुपये जमा करा दिए गए हैं। अपात्रों से वसूली तो कर ली गई, लेकिन खेल करने वाले ग्राम सचिव पर कार्रवाई की हिम्मत जिम्मेदार नहीं दिखा पाए।
चार अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत उलरा गांव में नौ अपात्रों को लाभान्वित करने को लेकर खबर प्रकाशित की थी। नौ में से आठ अपात्रों के बैंक खातों में योजना के तहत दी जाने वाली पहली किस्त के 40-40 हजार रुपये भी भेज दिए गए। अपात्रों को लाभान्वित करने वाले ग्राम सचिव को बचाने की कवायद किए जाने का उल्लेख भी किया गया था।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद आठ अपात्रों से पहली किस्त के रूप में दिए गए 40-40 हजार रुपये की वसूली कर ली गई। खंड विकास अधिकारी के माध्यम से स्टेट पूल में रुपये जमा कराकर इसकी जानकारी भी शासन को भेज दी गई है। पूरे मामले में संबंधित ग्राम सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
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बचाने के लिए हुआ था यह खेल
अपात्रों को धन आवंटित करने के मामले में खंड विकास अधिकारी, बिसवां काजल ने खुद ही ग्राम पंचायत अधिकारी देवेंद्र कुमार को आरोप पत्र जारी कर दिया, ताकि उसे निलंबन से बचाया जा सके। नियमानुसार विभागीय कार्रवाई का अधिकार सिर्फ जिला पंचायत राज अधिकारी को है। आरोप पत्र भी जांच अधिकारी जारी करता है।
अपात्रों से रिकवरी हो गई है। अब अपात्रों को लाभ देने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन बीडीओ अवकाश पर चली गईं थीं। कार्यवाहक बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है।
गजेंद्र प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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चार अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत उलरा गांव में नौ अपात्रों को लाभान्वित करने को लेकर खबर प्रकाशित की थी। नौ में से आठ अपात्रों के बैंक खातों में योजना के तहत दी जाने वाली पहली किस्त के 40-40 हजार रुपये भी भेज दिए गए। अपात्रों को लाभान्वित करने वाले ग्राम सचिव को बचाने की कवायद किए जाने का उल्लेख भी किया गया था।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद आठ अपात्रों से पहली किस्त के रूप में दिए गए 40-40 हजार रुपये की वसूली कर ली गई। खंड विकास अधिकारी के माध्यम से स्टेट पूल में रुपये जमा कराकर इसकी जानकारी भी शासन को भेज दी गई है। पूरे मामले में संबंधित ग्राम सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
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बचाने के लिए हुआ था यह खेल
अपात्रों को धन आवंटित करने के मामले में खंड विकास अधिकारी, बिसवां काजल ने खुद ही ग्राम पंचायत अधिकारी देवेंद्र कुमार को आरोप पत्र जारी कर दिया, ताकि उसे निलंबन से बचाया जा सके। नियमानुसार विभागीय कार्रवाई का अधिकार सिर्फ जिला पंचायत राज अधिकारी को है। आरोप पत्र भी जांच अधिकारी जारी करता है।
अपात्रों से रिकवरी हो गई है। अब अपात्रों को लाभ देने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन बीडीओ अवकाश पर चली गईं थीं। कार्यवाहक बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है।
गजेंद्र प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए