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शाहजहांपुर-हरदोई से आईं 28 बसें, संकट बरकरार
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रोडवेज बस स्टैंड पर दिल्ली रूट की बस के इंतजार में खड़े यात्री। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। शहर के बस स्टॉप पर लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी बसों का संकट बरकरार रहा। मुसाफिरों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। हालांकि, पहले किसी भी तरह की कोई दिक्कत न होने का दावा करने वाले एआरएम को यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए शाहजहांपुर और हरदोई जिले से 28 बसें बुधवार को मंगानी पड़ी। इससे यात्रियों को राहत जरूर मिली, लेकिन इसके बाद भी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। बसों का काफी देर तक लोगों को इंतजार करना पड़ा।
शहर के रोडवेज बस स्टॉप पर बसों की समस्या लगातार बनी हुई है। पहले से ही बसों की किल्लत से परेेशान यात्रियों की समस्याएं मंगलवार को तब और बढ़ गईं, जब डिपो से निगम की 57 बसों को लखनऊ में प्रधानों के होने वाले सम्मेलनों में उन्हें ले जाने के लिए मंगलवार की शाम को भेज दिया गया। इससे देर रात दिल्ली, शाहजहांपुर, हरिद्वार, नेपाल बार्डर के रूट पर जाने वाले यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। देर रात बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने से अफरातफरी का माहौल नजर आया था।
इस खबर को सिर्फ अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यही वजह रही कि कल तक बसों के लंबी दूरी के रूट से हटने के बाद भी किसी तरह की समस्या यात्रियों को नहीं होने का दावा कर रहे सीतापुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार को बुधवार को समस्या दिखाई पड़ी। रूट से अचानक 57 बसों के हटने से यात्रियों के सामने परेशानी तो बढ़नी ही थी।
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मामले को देखते हुए एआरएम राकेश कुमार ने गैर जिलों के एआरएम से संपर्क किया। इसके बाद शाहजहांपुर डिपो से 17 और हरदोई डिपो से 11 बसें सीतापुर डिपो पर मंगाई गई। 28 बसों के आने के बाद किसी तरह से समस्या को कम किया जा सका। बसों को संबंधित रूटों पर लगाकर यात्रियों को ले जाया गया। इसके बाद भी यात्रियों के सामने पूरी तरह से समस्या खत्म नहीं हुई। उन्हें बसों के लिए काफी देर तक बस स्टॉप पर इधर-उधर भटकना पड़ा। इसके बाद ही बसें मिल पा रहीं थीं। हालांकि, अन्य दिनों की अपेक्षा समस्या कम रही।
आज से मिलेगी राहत
प्रधानों को लेकर सम्मेलन में गईं 57 बसें देर रात उन्हें लेकर वापस ब्लॉकों में छोड़ने जाएंगी। एआरएम राकेश कुमार का कहना है कि इसके बाद गुरुवार सुबह सभी बसें अपने रूट पर आ जाएंगी। उम्मीद है बसों के अपने रूट पर आने के बाद समस्या कम होगी। यात्रियों को राहत मिलेगी।
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए शाहजहांपुर, हरदोई जिले से 28 अनुबंधित बसों को मंगाया गया था। शाहजहांपुर डिपो की बसों को सीतापुर से शाहजहांपुर से बरेली के बीच चलाकर यात्रियों को पहुंचाया गया। हरदोई डिपो की बसों को सीतापुर से हरदोई और लखीमपुर के बीच चलाया गया। बाकी हमारे डिपो में जो बसें थी, वह लखनऊ और लोकल रूटों पर चलाई गईं।
राकेश कुमार, एआरएम
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शहर के रोडवेज बस स्टॉप पर बसों की समस्या लगातार बनी हुई है। पहले से ही बसों की किल्लत से परेेशान यात्रियों की समस्याएं मंगलवार को तब और बढ़ गईं, जब डिपो से निगम की 57 बसों को लखनऊ में प्रधानों के होने वाले सम्मेलनों में उन्हें ले जाने के लिए मंगलवार की शाम को भेज दिया गया। इससे देर रात दिल्ली, शाहजहांपुर, हरिद्वार, नेपाल बार्डर के रूट पर जाने वाले यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। देर रात बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने से अफरातफरी का माहौल नजर आया था।
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इस खबर को सिर्फ अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यही वजह रही कि कल तक बसों के लंबी दूरी के रूट से हटने के बाद भी किसी तरह की समस्या यात्रियों को नहीं होने का दावा कर रहे सीतापुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार को बुधवार को समस्या दिखाई पड़ी। रूट से अचानक 57 बसों के हटने से यात्रियों के सामने परेशानी तो बढ़नी ही थी।
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मामले को देखते हुए एआरएम राकेश कुमार ने गैर जिलों के एआरएम से संपर्क किया। इसके बाद शाहजहांपुर डिपो से 17 और हरदोई डिपो से 11 बसें सीतापुर डिपो पर मंगाई गई। 28 बसों के आने के बाद किसी तरह से समस्या को कम किया जा सका। बसों को संबंधित रूटों पर लगाकर यात्रियों को ले जाया गया। इसके बाद भी यात्रियों के सामने पूरी तरह से समस्या खत्म नहीं हुई। उन्हें बसों के लिए काफी देर तक बस स्टॉप पर इधर-उधर भटकना पड़ा। इसके बाद ही बसें मिल पा रहीं थीं। हालांकि, अन्य दिनों की अपेक्षा समस्या कम रही।
आज से मिलेगी राहत
प्रधानों को लेकर सम्मेलन में गईं 57 बसें देर रात उन्हें लेकर वापस ब्लॉकों में छोड़ने जाएंगी। एआरएम राकेश कुमार का कहना है कि इसके बाद गुरुवार सुबह सभी बसें अपने रूट पर आ जाएंगी। उम्मीद है बसों के अपने रूट पर आने के बाद समस्या कम होगी। यात्रियों को राहत मिलेगी।
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए शाहजहांपुर, हरदोई जिले से 28 अनुबंधित बसों को मंगाया गया था। शाहजहांपुर डिपो की बसों को सीतापुर से शाहजहांपुर से बरेली के बीच चलाकर यात्रियों को पहुंचाया गया। हरदोई डिपो की बसों को सीतापुर से हरदोई और लखीमपुर के बीच चलाया गया। बाकी हमारे डिपो में जो बसें थी, वह लखनऊ और लोकल रूटों पर चलाई गईं।
राकेश कुमार, एआरएम