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दो गोआश्रय स्थल में 25 गोवंश की मौत
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कमलापुर (सीतापुर)। शासन के तमाम प्रयासों के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में गो-आश्रय स्थलों की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ब्लॉक कसमंडा के दो गो-आश्रय स्थलों में शुक्रवार को 25 पशुओं की मौत से हड़कंप मच गया। तहसीलदार सिधौली ने गो-आश्रय स्थल का मुआयना किया। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद मौत का सही कारण पता लगेगा।
शुक्रवार को विकास खंड कसमंडा के गो-आश्रय स्थल रेवरी में पांच एवं बहरीमऊ में 20 गोवंश के मृत मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार सिधौली ने गौ-शाला का निरीक्षण किया। रेवरी गोशाला में कुछ महीने पहले भी कई गोवंश मृत पाए गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक चारा-पानी की किल्लत और गोवंशों के बीमार होने पर देखरेख के अभाव में गोवंश काल के गाल में समा जाते हैं।
हालांकि गोशाला के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले सचिव और प्रधान लापरवाही होने की बात को नकार रहे हैं लेकिन गोशाला की स्थिति सारा माजरा खुद बयान कर रही है। इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद मौत के कारणों का पता चलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार को विकास खंड कसमंडा के गो-आश्रय स्थल रेवरी में पांच एवं बहरीमऊ में 20 गोवंश के मृत मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार सिधौली ने गौ-शाला का निरीक्षण किया। रेवरी गोशाला में कुछ महीने पहले भी कई गोवंश मृत पाए गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक चारा-पानी की किल्लत और गोवंशों के बीमार होने पर देखरेख के अभाव में गोवंश काल के गाल में समा जाते हैं।
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हालांकि गोशाला के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले सचिव और प्रधान लापरवाही होने की बात को नकार रहे हैं लेकिन गोशाला की स्थिति सारा माजरा खुद बयान कर रही है। इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद मौत के कारणों का पता चलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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