{"_id":"5c5dcb72bdec2273a256378f","slug":"21549650802-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो हजार शिक्षक बोर्ड परीक्षा से करेंगे किनारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो हजार शिक्षक बोर्ड परीक्षा से करेंगे किनारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
12 फरवरी तक कार्रवाई न होने पर दी चेतावनी
सीतापुर। यूपी बोर्ड परीक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे है। कारण यह है कि परीक्षा में लगे करीब दो हजार वित्तविहीन शिक्षकों ने मांगें पूरी न होने पर परीक्षा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इससे माध्यमिक शिक्षा विभाग के हाथ पांव फूल गए है।
वहीं परीक्षा में आधे से अधिक वित्तविहीन शिक्षक लगाए गए हैं। अगर यह हड़ताल पर चले जाते हैं तो परीक्षा प्रभावित होना स्वाभाविक है। सात फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरु हो गई है। हालांकि अभी कोई बड़ा पेपर नहीं हुआ है। इससे परीक्षा आराम से निपट रही है। जबकि परीक्षा में 3832 कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं।
इसमें से करीब दो हजार वित्तविहीन शिक्षक परीक्षा में लगाए गए हैं। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष पंकज पांडेय का कहना है कि प्रदेश सरकार ने बजट में वित्तविहीन शिक्षकों के लिए कोई प्राविधान और राशि की व्यवस्था न करने से पूरे प्रदेश का शिक्षक समुदाय बहुत आहत हुआ है।
विज्ञापन
यदि 11 फरवरी तक सुरक्षायुक्त सेवा नियमावली पर त्वरित ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 12 फरवरी से पूरा वित्तविहीन शिक्षक समुदाय बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करेगा। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग की असली परीक्षा 12 फरवरी को है।
क्योंकि इस दिन हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में हिन्दी का पेपर है। इसमें करीब 82 हजार विद्यार्थी एग्जाम देंगे। अगर ये शिक्षक इस दिन बहिष्कार कर देंगे तो विभाग के सामने कक्ष निरीक्षकों का संकट खड़ा हो जाएगा। इसकी जानकारी होते ही विभाग माथापच्ची करने में जुट गया है।
विज्ञापन
सीतापुर। यूपी बोर्ड परीक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे है। कारण यह है कि परीक्षा में लगे करीब दो हजार वित्तविहीन शिक्षकों ने मांगें पूरी न होने पर परीक्षा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इससे माध्यमिक शिक्षा विभाग के हाथ पांव फूल गए है।
वहीं परीक्षा में आधे से अधिक वित्तविहीन शिक्षक लगाए गए हैं। अगर यह हड़ताल पर चले जाते हैं तो परीक्षा प्रभावित होना स्वाभाविक है। सात फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरु हो गई है। हालांकि अभी कोई बड़ा पेपर नहीं हुआ है। इससे परीक्षा आराम से निपट रही है। जबकि परीक्षा में 3832 कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं।
विज्ञापन
इसमें से करीब दो हजार वित्तविहीन शिक्षक परीक्षा में लगाए गए हैं। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष पंकज पांडेय का कहना है कि प्रदेश सरकार ने बजट में वित्तविहीन शिक्षकों के लिए कोई प्राविधान और राशि की व्यवस्था न करने से पूरे प्रदेश का शिक्षक समुदाय बहुत आहत हुआ है।
विज्ञापन
यदि 11 फरवरी तक सुरक्षायुक्त सेवा नियमावली पर त्वरित ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 12 फरवरी से पूरा वित्तविहीन शिक्षक समुदाय बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करेगा। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग की असली परीक्षा 12 फरवरी को है।
क्योंकि इस दिन हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में हिन्दी का पेपर है। इसमें करीब 82 हजार विद्यार्थी एग्जाम देंगे। अगर ये शिक्षक इस दिन बहिष्कार कर देंगे तो विभाग के सामने कक्ष निरीक्षकों का संकट खड़ा हो जाएगा। इसकी जानकारी होते ही विभाग माथापच्ची करने में जुट गया है।