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तालाब में मगरमच्छ दिखने से हड़कम्प
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:04 AM IST
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लहरपुर (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में गुरुवार को एक तालाब में मगरमच्छ नजर आने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ व शोरगुल सुनकर मगरमच्छ तालाब के अंदर चला गया। खबर पाकर वन विभाग की टीम व पुलिस ने गांव पहुंचकर जाल डाला लेकिन मगरमच्छ का कुछ पता नहीं चला।
वन कर्मियों कें मुताबिक, जब तक मगरमच्छ पानी से बाहर नहीं निकलेगा उसे पकड़ना संभव नही है। वन कर्मी लगातार तालाब पर निगाह रख रहे हैं। कोतवाली क्षेत्र के महसी जल्लापुर गांव में एक पुराना तालाब है। गुरुवार की सुबह तालाब के किनारे ग्रामीणों को मगरमच्छ दिखाई दिया। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। भारी संख्या में ग्रामीण तालाब पर पहुंच गए।
चहलकदमी सुनकर मगरमच्छ पानी के अंदर चला गया। खबर पाकर पुलिस व वन विभाग की टीम ने पहुंचकर तालाब में जाल डाला। लेकिन मगरमच्छ का कोई सुराग नहीं मिला। फॉरेस्टर गिरीश कुमार व हरीश के मुताबिक, तराई इलाका होने से शायद मगरमच्छ बाढ़ के दौरान कहीं से भटककर आ गया हो।
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तालाब दस फीट से ज्यादा गहरा और काफी बड़े दायरे में फैला है। जब तक मगरमच्छ पानी से बाहर नहीं आएगा उसे पकड़ना मुश्किल है। दो वन कर्मी तालाब पर निगाह रखे हैं। ग्रामीण रामसागर, रामजीवन, मोहनलाल, हरद्वारी लाल, रामप्रसाद आदि ने बताया कि मगरमच्छ तालाब के अंदर होने से ग्रामीणों में दहशत है।
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वन कर्मियों कें मुताबिक, जब तक मगरमच्छ पानी से बाहर नहीं निकलेगा उसे पकड़ना संभव नही है। वन कर्मी लगातार तालाब पर निगाह रख रहे हैं। कोतवाली क्षेत्र के महसी जल्लापुर गांव में एक पुराना तालाब है। गुरुवार की सुबह तालाब के किनारे ग्रामीणों को मगरमच्छ दिखाई दिया। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। भारी संख्या में ग्रामीण तालाब पर पहुंच गए।
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चहलकदमी सुनकर मगरमच्छ पानी के अंदर चला गया। खबर पाकर पुलिस व वन विभाग की टीम ने पहुंचकर तालाब में जाल डाला। लेकिन मगरमच्छ का कोई सुराग नहीं मिला। फॉरेस्टर गिरीश कुमार व हरीश के मुताबिक, तराई इलाका होने से शायद मगरमच्छ बाढ़ के दौरान कहीं से भटककर आ गया हो।
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तालाब दस फीट से ज्यादा गहरा और काफी बड़े दायरे में फैला है। जब तक मगरमच्छ पानी से बाहर नहीं आएगा उसे पकड़ना मुश्किल है। दो वन कर्मी तालाब पर निगाह रखे हैं। ग्रामीण रामसागर, रामजीवन, मोहनलाल, हरद्वारी लाल, रामप्रसाद आदि ने बताया कि मगरमच्छ तालाब के अंदर होने से ग्रामीणों में दहशत है।