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नगरपालिका अध्यक्ष के प्रशासनिक व वितीय अधिकार सीज
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जिलाधिकारी के बाद अब शासन ने की विधिक कार्रवाई
सीतापुर। नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार इस बार शासन ने सीज कर दिए हैं। इससे पहले जिलाधिकारी द्वारा अधिकार सीज करने पर हाईकोर्ट ने राहत दे दी थी। कोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया था। अब शासन की तरफ से कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी नगर पालिका की प्रशासक तौर पर काम करेंगी।
मालूम हो कि अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल पर नगर पालिका की सरकारी जमीन को गलत तरीके से आवंटन करने व ईओ पर काम करने का दबाव बनाने सहित अन्य आरोप लगे थे। जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में यह आरोप सही पाए गए थे। इस पर शासन स्तर से अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया था।
इसके बाद जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने एक सप्ताह पहले अध्यक्ष के अधिकार सीज कर दिए थे। सिटी मजिस्ट्रेट को नगर पालिका का प्रशासक नियुक्ति किया था। इस पर अध्यक्ष ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में शरण ली। न्यायालय ने जिलाधिकारी के अधिकार सीज करने के आदेश को निरस्त कर दिया था।
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न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार केवल शासन को है। इधर अध्यक्ष फिर से कामकाज संभालने की तैयारी में जुटे हुए थे। वहीं मंगलवार को शासन ने कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। तब तक जिलाधिकारी को प्रशासक के तौर पर काम करने का निर्देश दिया है।
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सीतापुर। नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार इस बार शासन ने सीज कर दिए हैं। इससे पहले जिलाधिकारी द्वारा अधिकार सीज करने पर हाईकोर्ट ने राहत दे दी थी। कोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया था। अब शासन की तरफ से कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी नगर पालिका की प्रशासक तौर पर काम करेंगी।
मालूम हो कि अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल पर नगर पालिका की सरकारी जमीन को गलत तरीके से आवंटन करने व ईओ पर काम करने का दबाव बनाने सहित अन्य आरोप लगे थे। जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में यह आरोप सही पाए गए थे। इस पर शासन स्तर से अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया था।
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इसके बाद जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने एक सप्ताह पहले अध्यक्ष के अधिकार सीज कर दिए थे। सिटी मजिस्ट्रेट को नगर पालिका का प्रशासक नियुक्ति किया था। इस पर अध्यक्ष ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में शरण ली। न्यायालय ने जिलाधिकारी के अधिकार सीज करने के आदेश को निरस्त कर दिया था।
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न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार केवल शासन को है। इधर अध्यक्ष फिर से कामकाज संभालने की तैयारी में जुटे हुए थे। वहीं मंगलवार को शासन ने कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। तब तक जिलाधिकारी को प्रशासक के तौर पर काम करने का निर्देश दिया है।