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वाहनों का बढ़ा आवागमन, तेंदुआ ने किया किनारा
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:16 AM IST
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पिंजड़े के करीब भी नहीं फटका रहा तेंदुआ
सरैंया (सीतापुर)। तेंदुआ को पकड़ने की कवायद में जुटे वन विभाग के मंसूबों पर बिसवां के जाम ने पानी फेर दिया। आजकल उस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, जिस मार्ग पर तेंदुआ अक्सर देखा जाता था। वन विभाग ने इसी मार्ग के किनारे पिंजड़ा भी लगा रखा है लेकिन वाहनों की आवाजाही बढ़ने से तेंदुआ वहां से खिसक गया है।
बता दें कि सदरपुर थाना क्षेत्र के बेनी माधवपुर के निकट तेंदुआ बार-बार देखा जा रहा था। इस वजह से वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए इसी मार्ग के किनारे पिंजड़ा लगा दिया है। विभाग तेंदुआ के पिंजड़ा तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है। लेकिन उसको झटका उस वक्त लगा, जब बिसवां में जाम लगने लगा।
दरअसल बिसवां चीनी मिल में जाने वाले वाहन इन दिनों जाम की स्थिति पैदा किए हुए हैं। करीब दो किलोमीटर दूरी तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस वजह से महमूदाबाद जाने वाले वाहन अब नहर पटरी का रुख कर रहे है। जाम से बचने के लिए लोगों ने नहर पटरी मार्ग को ही अपना लिया है।
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इससे नहर पटरी पर हलचल तेज हो गई। वाहनों के इंजन व हार्न की आवाज इस कदर बढ़ी, कि तेंदुआ इस स्थान से कहीं खिसक गया। अब वन विभाग परेशान है कि आखिर वो तेंदुआ को तलाशें तो कहां तलाशें। वाहनों के टायर तले पगचिन्हों के निशान भी गायब हो रहे हैं।
हालांकि वन विभाग उसकी लोकेशन तलाशने में जुटा है। वन अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ को ट्रेस किया जा रहा है। अगर उसने स्थान बदला है, तो उस स्थान को चिन्हित किया जाएगा, जहां पर उसकी मौजूदगी है। जरूरत पड़ी तो पिंजड़े का स्थान भी बदला जा सकता है।
यहां बता दें कि इस क्षेत्र में जनवरी माह से तेंदुआ मौजूद है। उसे पकड़ने की कवायद हाल ही में शुरू की गई है। बीते दस दिन हो गए हैं, लेकिन वन विभाग तेंदुआ की हवा भी नहीं पा सका है। यह अलग बात है कि वह अक्सर क्षेत्र के बाशिंदों के सामने आ रहा है।
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सरैंया (सीतापुर)। तेंदुआ को पकड़ने की कवायद में जुटे वन विभाग के मंसूबों पर बिसवां के जाम ने पानी फेर दिया। आजकल उस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, जिस मार्ग पर तेंदुआ अक्सर देखा जाता था। वन विभाग ने इसी मार्ग के किनारे पिंजड़ा भी लगा रखा है लेकिन वाहनों की आवाजाही बढ़ने से तेंदुआ वहां से खिसक गया है।
बता दें कि सदरपुर थाना क्षेत्र के बेनी माधवपुर के निकट तेंदुआ बार-बार देखा जा रहा था। इस वजह से वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए इसी मार्ग के किनारे पिंजड़ा लगा दिया है। विभाग तेंदुआ के पिंजड़ा तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है। लेकिन उसको झटका उस वक्त लगा, जब बिसवां में जाम लगने लगा।
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दरअसल बिसवां चीनी मिल में जाने वाले वाहन इन दिनों जाम की स्थिति पैदा किए हुए हैं। करीब दो किलोमीटर दूरी तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस वजह से महमूदाबाद जाने वाले वाहन अब नहर पटरी का रुख कर रहे है। जाम से बचने के लिए लोगों ने नहर पटरी मार्ग को ही अपना लिया है।
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इससे नहर पटरी पर हलचल तेज हो गई। वाहनों के इंजन व हार्न की आवाज इस कदर बढ़ी, कि तेंदुआ इस स्थान से कहीं खिसक गया। अब वन विभाग परेशान है कि आखिर वो तेंदुआ को तलाशें तो कहां तलाशें। वाहनों के टायर तले पगचिन्हों के निशान भी गायब हो रहे हैं।
हालांकि वन विभाग उसकी लोकेशन तलाशने में जुटा है। वन अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ को ट्रेस किया जा रहा है। अगर उसने स्थान बदला है, तो उस स्थान को चिन्हित किया जाएगा, जहां पर उसकी मौजूदगी है। जरूरत पड़ी तो पिंजड़े का स्थान भी बदला जा सकता है।
यहां बता दें कि इस क्षेत्र में जनवरी माह से तेंदुआ मौजूद है। उसे पकड़ने की कवायद हाल ही में शुरू की गई है। बीते दस दिन हो गए हैं, लेकिन वन विभाग तेंदुआ की हवा भी नहीं पा सका है। यह अलग बात है कि वह अक्सर क्षेत्र के बाशिंदों के सामने आ रहा है।