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सीएम हेल्पलाइन शिकायत निस्तारण में जिला फिसड्डी
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प्रदेश के टॉप 10 डिफॉल्टर जिलों में सीतापुर शामिल
सीतापुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायत निस्तारण में सीतापुर जिला फिसड्डी साबित हो रहा है। कारण यह है कि सीएम हेल्पलाइन शिकायत समाधान में 104 शिकायतें लंबित हैं। जबकि 43 मामले डिफॉल्टर की श्रेणी में है। बावजूद इसके इनका समाधान नहीं हो पाया है। खास बात तो यह है कि प्रदेश के टॉप टेन डिफॉल्टर की फेहरिश्त में सीतापुर जिले का नाम दर्ज है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से पांच सौ सीट्स का कॉल सेंटर स्थापित है। जिसका टोल फ्री नम्बर 1076 है। इस पर आम जनमानस के लिए अपनी शिकायत को पंजीकृत किए जाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इस सेंटर पर प्राप्त शिकायतें आईजीआरएस एप्लीकेशन में दर्ज होकर संबंधित विभाग से निर्धारित स्तर-1 के अफसरों को निस्तारण के लिए अग्रसारित होती हैं। ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित 16 फरवरी तक प्राप्त शिकायतों के आंकड़े से यह बात सामने आई है कि सीतापुर जिला अधिकतम शिकायतों वाले 10 जनपदों में सम्मिलित हैं।
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सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक सीतापुर में कुल 1487 शिकायतें दर्ज हैं। इनके सापेक्ष 976 निपटाई गईं। जबकि 364 मामले आंशिक निस्तारित हैं। 104 शिकायतें लंबित हैं। ये सभी मामले निस्तारण अवधि सीमा के हैं। जबकि 43 शिकायतें समाधान की समय सीमा निकल चुकी है।
शिकायत निस्तारण में फिसड्डी होने पर ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने सीडीओ को पत्र भेजा है। इसके जरिए कहा कि सीएम हेल्पलाइन एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसकी आईजीआरएस पर उपलब्ध डैशबोर्ड सीएम द्वारा स्वयं कभी भी समीक्षा की जा सकती है।
ऐसी स्थिति में पेंडिंग मामलों का समय से निस्तारण की कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें। उधर, सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि लंबित शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को सूची भेजी जा रही है। इसके जरिए उनसे शीघ्र मामले निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
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सीतापुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायत निस्तारण में सीतापुर जिला फिसड्डी साबित हो रहा है। कारण यह है कि सीएम हेल्पलाइन शिकायत समाधान में 104 शिकायतें लंबित हैं। जबकि 43 मामले डिफॉल्टर की श्रेणी में है। बावजूद इसके इनका समाधान नहीं हो पाया है। खास बात तो यह है कि प्रदेश के टॉप टेन डिफॉल्टर की फेहरिश्त में सीतापुर जिले का नाम दर्ज है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से पांच सौ सीट्स का कॉल सेंटर स्थापित है। जिसका टोल फ्री नम्बर 1076 है। इस पर आम जनमानस के लिए अपनी शिकायत को पंजीकृत किए जाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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इस सेंटर पर प्राप्त शिकायतें आईजीआरएस एप्लीकेशन में दर्ज होकर संबंधित विभाग से निर्धारित स्तर-1 के अफसरों को निस्तारण के लिए अग्रसारित होती हैं। ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित 16 फरवरी तक प्राप्त शिकायतों के आंकड़े से यह बात सामने आई है कि सीतापुर जिला अधिकतम शिकायतों वाले 10 जनपदों में सम्मिलित हैं।
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सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक सीतापुर में कुल 1487 शिकायतें दर्ज हैं। इनके सापेक्ष 976 निपटाई गईं। जबकि 364 मामले आंशिक निस्तारित हैं। 104 शिकायतें लंबित हैं। ये सभी मामले निस्तारण अवधि सीमा के हैं। जबकि 43 शिकायतें समाधान की समय सीमा निकल चुकी है।
शिकायत निस्तारण में फिसड्डी होने पर ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने सीडीओ को पत्र भेजा है। इसके जरिए कहा कि सीएम हेल्पलाइन एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसकी आईजीआरएस पर उपलब्ध डैशबोर्ड सीएम द्वारा स्वयं कभी भी समीक्षा की जा सकती है।
ऐसी स्थिति में पेंडिंग मामलों का समय से निस्तारण की कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें। उधर, सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि लंबित शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को सूची भेजी जा रही है। इसके जरिए उनसे शीघ्र मामले निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।