{"_id":"5a70bad34f1c1bef7b8b4766","slug":"191517337299-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दिन के लिए छात्रा बनी हेडमास्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दिन के लिए छात्रा बनी हेडमास्टर
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सकरन के विद्यालय की प्रधानाध्यापक के अवकाश पर शिक्षकों ने की अनोखी पहल
साण्डा (सीतापुर)। विकास क्षेत्र सकरन के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सांडा के शिक्षकों ने यूपी पुलिस की तर्ज पर विद्यालय में सातवीं छात्रा को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापक बनाया और उसके मार्गदर्शन में अध्यापन कार्य किया।
एक दिन के लिए स्कूल का हेडमास्टर बनी मोनिका ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कक्षाओं का निरीक्षण किया। कहा कि विद्यालय में गणित-विज्ञान शिक्षकों की कमी को देखते हुए मॉनीटर अपनी कक्षाओं में संबंधित विषय में कमजोर बच्चों की मदद करें।
छुट्टी के बाद मोनिका ने बाल संसद की बैठक की और मंत्रियों एवं मॉनीटरों के साथ स्कूल के बारे में चर्चा की। उन्होंने बाल संसद के मंत्रियों से कहा कि बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की पहचान करें तथा उन्हें स्कूल के साथ जोड़ने का प्रयास करें।
विज्ञापन
अपने क्षेत्र में भ्रमण करें तथा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करें। मोनिका ने स्कूल परिसर में साफ-सफाई के प्रति ध्यान देने की बात कही। साथ स्वच्छता संबंधी कई आवश्यक कदम उठाने का निर्देश भी दिया।
इस बाबत सकरन के बीईओ डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उक्त विद्यालय के शिक्षकों ने अति सराहनीय कार्य करते हुए एक अनूठी पहल की है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक प्रवीण श्रीवास्तव, रुचि वर्मा, सारिका अवस्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
साण्डा (सीतापुर)। विकास क्षेत्र सकरन के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सांडा के शिक्षकों ने यूपी पुलिस की तर्ज पर विद्यालय में सातवीं छात्रा को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापक बनाया और उसके मार्गदर्शन में अध्यापन कार्य किया।
एक दिन के लिए स्कूल का हेडमास्टर बनी मोनिका ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कक्षाओं का निरीक्षण किया। कहा कि विद्यालय में गणित-विज्ञान शिक्षकों की कमी को देखते हुए मॉनीटर अपनी कक्षाओं में संबंधित विषय में कमजोर बच्चों की मदद करें।
विज्ञापन
छुट्टी के बाद मोनिका ने बाल संसद की बैठक की और मंत्रियों एवं मॉनीटरों के साथ स्कूल के बारे में चर्चा की। उन्होंने बाल संसद के मंत्रियों से कहा कि बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की पहचान करें तथा उन्हें स्कूल के साथ जोड़ने का प्रयास करें।
विज्ञापन
अपने क्षेत्र में भ्रमण करें तथा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करें। मोनिका ने स्कूल परिसर में साफ-सफाई के प्रति ध्यान देने की बात कही। साथ स्वच्छता संबंधी कई आवश्यक कदम उठाने का निर्देश भी दिया।
इस बाबत सकरन के बीईओ डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उक्त विद्यालय के शिक्षकों ने अति सराहनीय कार्य करते हुए एक अनूठी पहल की है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक प्रवीण श्रीवास्तव, रुचि वर्मा, सारिका अवस्थी मौजूद रहे।