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19 सीएचसी अधीक्षकों ने सौंपा सामूहिक इस्तीफा
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डीएम आवास पर डीएम अनुज सिंह से मिलकर लौटते सीएचसी अधीक्षक। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिलाधिकारी की तरफ से रविवार को लाइव लोकेशन लिए जाने से नाराज 19 सीएचसी अधीक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। डेढ़ साल से बजट न मिलने के कारण आ रही तमाम समस्याएं भी गिनाईं। एक साथ इस्तीफा देने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सोमवार देर शाम तक करीब दो घंटे डीएम व अधीक्षकों के बीच लंबी बैठक चली। बैठक में डीएम ने बजट दिलाने सहित अन्य मांगों पर अमल का आश्वासन दिया। उसके बाद सभी अधीक्षकों ने इस्तीफा वापस ले लिया।
जिले में 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण इलाके की स्वास्थ्य सुविधाएं संचालित होती हैं। सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से वैक्सीनेशन, वाहन किराया, साफ-सफाई का कोई बजट नहीं दिया गया है। इन हालातों में अब काम कराना मुश्किल हो रहा है। बजट के अभाव में गांवों में बाल स्वास्थ्य गारंटी के तहत टीमें नहीं जा पा रही हैं। वाहनों के ठेकेदार भी अब बजट के अभाव में अपना वाहन देना बंद कर रहे है।
अस्पतालों में स्टॉफ की कमी के कारण सफाई नहीं हो पा रही है। इसके लिए कई बार विभाग को अवगत कराया जा चुका है फिर भी अनदेखी की जा रही है। जबकि रोजाना अस्पतालों के निरीक्षण हो रहे है। सफाई न मिलने पर अधीक्षकों पर कार्रवाई हो रही है। दो-दो चिकित्सकों के सहारे सीएचसी, पीएचसी चलाई जा रही है। अस्पतालों में स्टॉफ का टोटा बना हुआ है। जबकि रोजाना नई-नई योजनाएं बनाकर उनके क्रियान्यवन की हकीकत परखी जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी अफसरों को अपने कार्यस्थल क्षेत्र पर ही रुकने के निर्देश दिए थे।
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ब्लॉक मुख्यालय छोड़ने से पहले अफसरों की अनुमति लेना जरूरी बताया था। रविवार को जिलाधिकारी ने इस निर्देश की हकीकत परखने के लिए सभी अधीक्षकों की लाइव लोकेशन मांगी तो अधिकांश ब्लॉक मुख्यालय से बाहर मिले। इससे नाराज अधीक्षक बीती रात जिलाधिकारी आवास मिलने पहुंचे थे। लेकिन उस समय जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी।
उसके बाद अधीक्षक सीएमओ से मिले। सोमवार देर शाम अधीक्षकों को डीएम ने मिलने के लिए बुलाया। करीब दो घंटे तक चली लंबी बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधीक्षकों की समस्याएं सुनी। बजट के लिए पत्र लिखने व बाहर होने की जानकारी देने सहित अन्य मांगों पर जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। उसके बाद अधीक्षकों ने इस्तीफा वापस ले लिया।
‘एक साथ सभी अधीक्षक बाहर न जाएं’
डीएम ने कहा कि जिन सीएचसी व पीएचसी के भवन मरम्मत योग्य है, उनको नगर पालिका व नगर पंचायत से मरम्मत करवाया जाएगा। जिन सीएचसी पर सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां पर प्रत्येक रविवार को ब्लॉक से 10-10 सफाई कर्मचारी भेजे जाएंगे। वह सीएचसी की बेहतर तरीके से सफाई करेंगे। लाइव लोकेशन पर बताया कि अगर आप लोग लखनऊ में है तो बता दीजिए। एक साथ सभी अधीक्षक बाहर न जाएं। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हो। बजट को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है। डीएम ने अधीक्षकों से कहा कि आप लोग ओपीडी में समय से बैठे और मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज करें।
डीएम ने सभी सुनी समस्याएं
जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को बहुत ही गंभीरता से सुना है। रविवार को एक दिन की छुट्टी मिलती है, उस दिन लोकेशन लिए जाने से खराब लगा था, तभी हम लोगों ने इस्तीफा दिया था। सभी मांगों पर डीएम ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब कोई भी शिकायत नहीं है।
- डॉ. धीरज मिश्रा, सचिव, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ शाखा सीतापुर
सीएमओ छिपाती रहीं जानकारी
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला से जब इस्तीफे के बारे में जानकारी पूछी गई तो वह इसे छुपाने की कोशिश करती रही। सीएमओ ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। जब रात में डीएम से मिलने व आपसे मिलने की बात कही तो बोली हां मामला था। अब ऐसी कोई बात नहीं है।
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जिले में 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण इलाके की स्वास्थ्य सुविधाएं संचालित होती हैं। सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से वैक्सीनेशन, वाहन किराया, साफ-सफाई का कोई बजट नहीं दिया गया है। इन हालातों में अब काम कराना मुश्किल हो रहा है। बजट के अभाव में गांवों में बाल स्वास्थ्य गारंटी के तहत टीमें नहीं जा पा रही हैं। वाहनों के ठेकेदार भी अब बजट के अभाव में अपना वाहन देना बंद कर रहे है।
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अस्पतालों में स्टॉफ की कमी के कारण सफाई नहीं हो पा रही है। इसके लिए कई बार विभाग को अवगत कराया जा चुका है फिर भी अनदेखी की जा रही है। जबकि रोजाना अस्पतालों के निरीक्षण हो रहे है। सफाई न मिलने पर अधीक्षकों पर कार्रवाई हो रही है। दो-दो चिकित्सकों के सहारे सीएचसी, पीएचसी चलाई जा रही है। अस्पतालों में स्टॉफ का टोटा बना हुआ है। जबकि रोजाना नई-नई योजनाएं बनाकर उनके क्रियान्यवन की हकीकत परखी जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी अफसरों को अपने कार्यस्थल क्षेत्र पर ही रुकने के निर्देश दिए थे।
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ब्लॉक मुख्यालय छोड़ने से पहले अफसरों की अनुमति लेना जरूरी बताया था। रविवार को जिलाधिकारी ने इस निर्देश की हकीकत परखने के लिए सभी अधीक्षकों की लाइव लोकेशन मांगी तो अधिकांश ब्लॉक मुख्यालय से बाहर मिले। इससे नाराज अधीक्षक बीती रात जिलाधिकारी आवास मिलने पहुंचे थे। लेकिन उस समय जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी।
उसके बाद अधीक्षक सीएमओ से मिले। सोमवार देर शाम अधीक्षकों को डीएम ने मिलने के लिए बुलाया। करीब दो घंटे तक चली लंबी बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधीक्षकों की समस्याएं सुनी। बजट के लिए पत्र लिखने व बाहर होने की जानकारी देने सहित अन्य मांगों पर जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। उसके बाद अधीक्षकों ने इस्तीफा वापस ले लिया।
‘एक साथ सभी अधीक्षक बाहर न जाएं’
डीएम ने कहा कि जिन सीएचसी व पीएचसी के भवन मरम्मत योग्य है, उनको नगर पालिका व नगर पंचायत से मरम्मत करवाया जाएगा। जिन सीएचसी पर सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां पर प्रत्येक रविवार को ब्लॉक से 10-10 सफाई कर्मचारी भेजे जाएंगे। वह सीएचसी की बेहतर तरीके से सफाई करेंगे। लाइव लोकेशन पर बताया कि अगर आप लोग लखनऊ में है तो बता दीजिए। एक साथ सभी अधीक्षक बाहर न जाएं। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हो। बजट को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है। डीएम ने अधीक्षकों से कहा कि आप लोग ओपीडी में समय से बैठे और मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज करें।
डीएम ने सभी सुनी समस्याएं
जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को बहुत ही गंभीरता से सुना है। रविवार को एक दिन की छुट्टी मिलती है, उस दिन लोकेशन लिए जाने से खराब लगा था, तभी हम लोगों ने इस्तीफा दिया था। सभी मांगों पर डीएम ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब कोई भी शिकायत नहीं है।
- डॉ. धीरज मिश्रा, सचिव, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ शाखा सीतापुर
सीएमओ छिपाती रहीं जानकारी
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला से जब इस्तीफे के बारे में जानकारी पूछी गई तो वह इसे छुपाने की कोशिश करती रही। सीएमओ ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। जब रात में डीएम से मिलने व आपसे मिलने की बात कही तो बोली हां मामला था। अब ऐसी कोई बात नहीं है।