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थम नहीं रहा बुखार का प्रकोप, 20 बीमार
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:48 AM IST
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पांच मरीजों की गंभीर है हालत, गांव पहुंची टीम, कैंप लगाकर मरीजों को बांटी दवाएं
औरंगाबाद (सीतापुर)। गोंदलामऊ विकासखंड के ग्राम नटवरग्रंट जमुनापुर में बुखार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भी 20 मरीज बुखार से पीड़ित मिले है। इसमें पांच की हालत नाजुक बनी हुई है। लेकिन यह लोग सीएचसी के बजाए निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे है।
इनका कहना है कि सीएचसी पर केवल खानापूर्ति होती है। इलाज तो बहुत दूर बेड मिलना मुश्किल होता है। गांव में तेजी से बुखार फैल रहा है। एक दिन पहले जहां एक साथ चार मौतों से पूरा गांव में कोहराम मच गया था। दूसरे दिन मौतें तो नहीं हुई लेकिन प्रकोप बराबर बढ़ता रहा। करीब 20 लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
इसमें पूरन (50), रामपती (60), परशुराम (25), मनोहर (70), राजकुमारी (15), रजनी (35) यह लोग गंभीर रुप से बीमार हैं। लेकिन इनका भरोसा अब सीएचसी गोंदलामऊ से उठ चुका है। यह लोग प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
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इनका कहना है कि सीएचसी पर कोई इलाज नहीं होता है हालत गंभीर होने पर भी डॉक्टर सही तरीके से देखना तक जरुरी नहीं समझते हैं। वहां पर तो बेड तक नहीं मिलते है। अगर स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदारी निभाई होती तो आज यह इतनी मौतें नहीं होती। शनिवार को दोपहर के बाद अधीक्षक डॉ. धीरज मिश्र के नेतृत्व में एक टीम गांव पहुंची। कैम्प लगाकर मरीजों को दवाएं वितरित की गई।
न तो मिली टीम न ही रही एंबुलेंस
गांव में चार मौतें होने के बाद सीएमओ ने गांव वालों को भरोसा दिया था कि 24 घंटे गांव में एक एंबुलेंस व टीम मौजूद रहेगी। लेकिन उनका यह निर्देश एक दिन क्या कुछ घंटे भी ठहर नहीं सका। ग्रामीण राजेश कुमार, गौतम, तुलाराम व नरेश कुमार का कहना है कि रात मेें अवधेश (18) व ज्ञानेंद्र (8) की तबियत बिगड़ गई।
घर वाले परेशान होने लगे। उस समय गांव में डॉक्टर व एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं थी। ऐसे में परिजनों ने किसी तरह मेडिकल स्टोर से दवा लाकर इनको खिलाई।
विधायक ने पहुंचकर बंधाया ढांढस
विधायक रामकृष्ण भार्गव शनिवार को गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनको मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिया। वहीं जल निगम की टीम ने गांव जाकर पानी की जांच की। इसमें एक नल में दूषित पानी आ रहा था। इसको बंद करवा दिया गया है।
62 के लिए हैं सैंपल
बुखार से पीड़ित 13 लोग मिले हैं। 62 लोगों के ब्लड का सैंपल लिया गया है। गांव स्तर पर ही टीम लगाकर इलाज कराया जा रहा है।
-डॉ. धीरज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक
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औरंगाबाद (सीतापुर)। गोंदलामऊ विकासखंड के ग्राम नटवरग्रंट जमुनापुर में बुखार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भी 20 मरीज बुखार से पीड़ित मिले है। इसमें पांच की हालत नाजुक बनी हुई है। लेकिन यह लोग सीएचसी के बजाए निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे है।
इनका कहना है कि सीएचसी पर केवल खानापूर्ति होती है। इलाज तो बहुत दूर बेड मिलना मुश्किल होता है। गांव में तेजी से बुखार फैल रहा है। एक दिन पहले जहां एक साथ चार मौतों से पूरा गांव में कोहराम मच गया था। दूसरे दिन मौतें तो नहीं हुई लेकिन प्रकोप बराबर बढ़ता रहा। करीब 20 लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
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इसमें पूरन (50), रामपती (60), परशुराम (25), मनोहर (70), राजकुमारी (15), रजनी (35) यह लोग गंभीर रुप से बीमार हैं। लेकिन इनका भरोसा अब सीएचसी गोंदलामऊ से उठ चुका है। यह लोग प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
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इनका कहना है कि सीएचसी पर कोई इलाज नहीं होता है हालत गंभीर होने पर भी डॉक्टर सही तरीके से देखना तक जरुरी नहीं समझते हैं। वहां पर तो बेड तक नहीं मिलते है। अगर स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदारी निभाई होती तो आज यह इतनी मौतें नहीं होती। शनिवार को दोपहर के बाद अधीक्षक डॉ. धीरज मिश्र के नेतृत्व में एक टीम गांव पहुंची। कैम्प लगाकर मरीजों को दवाएं वितरित की गई।
न तो मिली टीम न ही रही एंबुलेंस
गांव में चार मौतें होने के बाद सीएमओ ने गांव वालों को भरोसा दिया था कि 24 घंटे गांव में एक एंबुलेंस व टीम मौजूद रहेगी। लेकिन उनका यह निर्देश एक दिन क्या कुछ घंटे भी ठहर नहीं सका। ग्रामीण राजेश कुमार, गौतम, तुलाराम व नरेश कुमार का कहना है कि रात मेें अवधेश (18) व ज्ञानेंद्र (8) की तबियत बिगड़ गई।
घर वाले परेशान होने लगे। उस समय गांव में डॉक्टर व एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं थी। ऐसे में परिजनों ने किसी तरह मेडिकल स्टोर से दवा लाकर इनको खिलाई।
विधायक ने पहुंचकर बंधाया ढांढस
विधायक रामकृष्ण भार्गव शनिवार को गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनको मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिया। वहीं जल निगम की टीम ने गांव जाकर पानी की जांच की। इसमें एक नल में दूषित पानी आ रहा था। इसको बंद करवा दिया गया है।
62 के लिए हैं सैंपल
बुखार से पीड़ित 13 लोग मिले हैं। 62 लोगों के ब्लड का सैंपल लिया गया है। गांव स्तर पर ही टीम लगाकर इलाज कराया जा रहा है।
-डॉ. धीरज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक