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... तो इस बार बारिश में लबालब होंगी सड़कें
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सीतापुर। शहर के नाले गंदगी व मलबे से पटे पड़े है। यह हालात तब हैं जब मानसून आने में कुछ ही समय बाकी है। नालों की ऊपरी सतह तक पानी भरा है। नाले के अंदर घास उग आई है। बरसात शुरू हुई तो इस बार सड़कें पानी से लबालब हो जाएंगी। लेकिन जिम्मेदार इससे बेफ्रिक हैं।
शहर में 19 छोटे-बड़े नाले हैं। इन नालों की साफ सफाई मानसून आने से पहले कर दी जाती है। पिछले बरस इन नालों की सफाई हुई थी। एक बरस बीतने को है। लेकिन अभी तक नाला साफ तो दूर इसका प्लान तक नहीं बन सका है। जबकि एक नाले की पूरी तरह सफाई करने में चार से पांच दिन लगते है।
अब समय भी बहुत ही कम बचा है। ऐसे में अगर मानसून से पहले सफाई नहीं हुई तो हालात और भी खराब हो सकते है। बाशिंदों का कहना है कि नगर पालिका की तरफ से गैर जिम्मेदराना रवैया अपनाया जा रहा है। बरसात के समय ये नाले पूरी तरह से चोक हो जाएंगे। इससे मोहल्लों व घरों के अंदर तक पानी भर जाएगा।
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विकास नगर में तो पूरे साल भरा रहता पानी
मोहल्ला विकास नगर में नाला तो दूर यहां पूरे साल जलभराव रहता है। यहां नाला न होने से खाली पड़े प्लाटों में पानी जमा है। इससे मच्छर पनप रहे है।
जबकि नाले निर्माण के लिए कई बार स्टीमेट बनवाएं गए। लेकिन हर बरस बजट का रोना रोकर इसका निर्माण नहीं हो सका।
नगर पालिका भी यह नाला नहीं बनवाना चाहती है। बोर्ड मीटिंग में भी मुद्दा उठ चुका है। लेकिन अध्यक्ष ही नाले के निर्माण को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे है।
सिविल लाइन का नाला चोक
सिविल लाइन की जलनिकासी के लिए नाला बना है। लेकिन यह इस समय चोक है। मोहल्लेवासियों का कहना है पिछले बरस नाले की सफाई हुई थी। अभी इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है। जबकि इस नाले से पूरे मोहल्ले की जलनिकासी होती है।
उग आई है झाड़ियां
चुंगी चौकी से हरदोई रोड पर एक नाला निकला हुआ है। इस नाले के जरिए भार्गव कॉलोनी, गौशाला सहित कई मोहल्लों की जलनिकासी होती है। लेकिन इस समय हर मलबे से पटा पड़ा है। पॉलीथिन ऊपरी सतह तक जमा हो गई है। नाले के अंदर झाड़ियां तक उग आई है।
गंदगी से पटा है नाला
शहर के रोडवेज बस स्टाप के निकट नाला निकला हुआ है। इस नाले से रोडवेज व आस पड़ोस बसे मोहल्ले की जलनिकासी होती है। लेकिन नाले में पानी ऊपरी सतह तक आ गया है। हर जगह पर गंदगी दिखाई दे रही है।
जलभराव से जूझेंगे लोग
माल गोदाम के सामने नाला निकला हुआ है। इस नाले के जरिए विजय लक्ष्मी नगर, आर्यनगर की जलनिकासी होती है। मौजूदा हालात में यह पूरी तरह पट चुका है। बाशिंदों का कहना है बरसात होने वाली है। ऐसे में अगर इसकी सफाई नहीं कराई गई तो जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
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शहर में 19 छोटे-बड़े नाले हैं। इन नालों की साफ सफाई मानसून आने से पहले कर दी जाती है। पिछले बरस इन नालों की सफाई हुई थी। एक बरस बीतने को है। लेकिन अभी तक नाला साफ तो दूर इसका प्लान तक नहीं बन सका है। जबकि एक नाले की पूरी तरह सफाई करने में चार से पांच दिन लगते है।
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अब समय भी बहुत ही कम बचा है। ऐसे में अगर मानसून से पहले सफाई नहीं हुई तो हालात और भी खराब हो सकते है। बाशिंदों का कहना है कि नगर पालिका की तरफ से गैर जिम्मेदराना रवैया अपनाया जा रहा है। बरसात के समय ये नाले पूरी तरह से चोक हो जाएंगे। इससे मोहल्लों व घरों के अंदर तक पानी भर जाएगा।
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विकास नगर में तो पूरे साल भरा रहता पानी
मोहल्ला विकास नगर में नाला तो दूर यहां पूरे साल जलभराव रहता है। यहां नाला न होने से खाली पड़े प्लाटों में पानी जमा है। इससे मच्छर पनप रहे है।
जबकि नाले निर्माण के लिए कई बार स्टीमेट बनवाएं गए। लेकिन हर बरस बजट का रोना रोकर इसका निर्माण नहीं हो सका।
नगर पालिका भी यह नाला नहीं बनवाना चाहती है। बोर्ड मीटिंग में भी मुद्दा उठ चुका है। लेकिन अध्यक्ष ही नाले के निर्माण को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे है।
सिविल लाइन का नाला चोक
सिविल लाइन की जलनिकासी के लिए नाला बना है। लेकिन यह इस समय चोक है। मोहल्लेवासियों का कहना है पिछले बरस नाले की सफाई हुई थी। अभी इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है। जबकि इस नाले से पूरे मोहल्ले की जलनिकासी होती है।
उग आई है झाड़ियां
चुंगी चौकी से हरदोई रोड पर एक नाला निकला हुआ है। इस नाले के जरिए भार्गव कॉलोनी, गौशाला सहित कई मोहल्लों की जलनिकासी होती है। लेकिन इस समय हर मलबे से पटा पड़ा है। पॉलीथिन ऊपरी सतह तक जमा हो गई है। नाले के अंदर झाड़ियां तक उग आई है।
गंदगी से पटा है नाला
शहर के रोडवेज बस स्टाप के निकट नाला निकला हुआ है। इस नाले से रोडवेज व आस पड़ोस बसे मोहल्ले की जलनिकासी होती है। लेकिन नाले में पानी ऊपरी सतह तक आ गया है। हर जगह पर गंदगी दिखाई दे रही है।
जलभराव से जूझेंगे लोग
माल गोदाम के सामने नाला निकला हुआ है। इस नाले के जरिए विजय लक्ष्मी नगर, आर्यनगर की जलनिकासी होती है। मौजूदा हालात में यह पूरी तरह पट चुका है। बाशिंदों का कहना है बरसात होने वाली है। ऐसे में अगर इसकी सफाई नहीं कराई गई तो जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।