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आंधी-पानी ने गर्मी से राहत देने के साथ मचाई तबाही

Sat, 08 Jun 2019 12:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:32 AM IST
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आंधी-पानी ने गर्मी से राहत देने के साथ मचाई तबाही
जगह-जगह पेड़ धराशाई होने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त, तार टूटने से सात गोवंश मरे
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सीतापुर। जिले में गुरुवार की रात अचानक मौसम बदल गया। आंधी-पानी व कुछ इलाकों में ओले गिरने से मौसम सुहाना हुआ तो भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं, तेज आंधी ने तबाही भी मचाई। टीनशेड तिनके की तरह उड़कर दूर जा गिरे। पक्की दीवारें भरभराकर ढह गई।

एलटी लाइन का तार टूटकर गिरने से सात गोवंशों की मौत हो गई। कई पेड़ और बिजली के पोल धराशाई हो गए। पेड़ टूटकर गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने के चलते जिले भर की बिजली गुल हो गई। रात भर गुल रही बिजली के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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शहर में क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर दस घंटे बाद शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं 14 तो कहीं 18 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो पाई। पिछले कई दिनों से गर्मी के तेवर बेहद तल्ख थे। गुरुवार को दिन भर मौसम का मिजाज बेहद सख्त रहा।
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देर रात करीब दस बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज धूल भरी हवा चलने लगीं। देखते ही देखते हवा आंधी में तब्दील हो गईं। शहर में कई घरों व दुकानों के बाहर रखे टीन शेड आंधी में उड़कर दूर जा गिरे। बिजली के 6 पोल और कई पेड़ धराशाई हो गए। जिससे शहर की आपूर्ति ठप हो गई।

बिसवां के बेनीपुर गांव में शत्रोहन व रामकुबेर के घर के बाहर बरामदे की पक्की दीवार आंधी में भर भराकर ढह गई। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। पेड़ गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने के चलते ग्रामीण इलाकों की बिजली भी गुल हो गई। जिले भर की विद्युत आपूर्ति रात भर ठप रहने से लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी।

मरम्मत के बाद शहर में शुक्रवार की सुबह सात बजे तो ग्रामीण इलाकों में कहीं सुबह 8, कहीं 10 तो कहीं 12 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। कुछ इलाकों में शुक्रवार की शाम आपूर्ति सुचारु हुई। खैराबाद में बिसवां मार्ग के करीब मुर्गी फार्म में संचालित अस्थाई गौशाला में आंधी से एलटी लाइन का तार टूटकर गिर गया था। सुबह करीब चार बजे आपूर्ति शुरू करते ही टूटे तार से गोशाला में करंट फैल गया।

करंट की चपेट में आकर सात गायों की मौत हो गई। गायों की मौत से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। डीएम अखिलेश तिवारी तथा एसडीएम सदर पूर्णिमा सिंह ने मौके का मुआयना कर पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों को जर्जर तार बदलने और पेड़ों के करीब से लाइन नही निकाले जाने के निर्देश दिए हैं।

आम की फसल की भारी नुकसान
लहरपुर। आंधी की वजह से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बागों में पेड़ से टूटकर बड़ी संख्या में आम गिर गए। जिसके चलते शुक्रवार को बाजारों में कच्चे आम की भारी आवक हुई। हालात यह रहे कि 30 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला आम 5 से 10 रुपये प्रति किलो में ही बेचा गया।

बागबान अयूब खान तथा हसमत खान ने बताया कि आम की फसल लगभग तैयार होने लगी थी। आंधी से काफी तादाद में आम टूटने से भारी नुकसान हो गया है। बागबानों ने सरकार से आम की फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।

सब्जी व अन्य फसलों को बारिश से फायदा
बारिश होने से तरबूज, खरबूज, भिंडी व अन्य सब्जी की फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। तेज धूप से झुलस रही सब्जी की फसलों के लिए बारिश संजीवनी बनकर बरसी है। इसके अलावा गन्ना व मेंथा की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद है।

किसान रोहित सिंह, कृष्ण कुमार व हरद्वारी लाल ने बताया इन दिनों धान की पौध लगाने का समय है। बारिश से खेतों में नमी होने के चलते धान की पौध लगाने का काम शुरू हो जाएगा। अरहर की बोआई के लिए भी बारिश लाभदायक साबित हुई है।

डीएम की खरी-खरी, बिगड़ी व्यवस्था सुधारे पावर कॉर्पोरेशन
खैराबाद। नगर की गोशाला में करंट से सात गायों की मौत के बाद शुक्रवार की दोपहर डीएम अखिलेश तिवारी ने घटनास्थल का जायजा लिया। पेड़ में उलझे बिजली के तार देख डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीओ विद्युत राहुल शर्मा को जमकर खरीखोटी सुनाई।

कहा पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से घटना होना प्रतीत हो रही है। तार टूटने के बाद बगैर पेट्रोलिंग के आपूर्ति शुरू किया जाना घोर लापरवाही दर्शाता है। एसडीओ को कार्यशैली और कॉर्पोरेशन की बिगड़ी व्यवस्था सुधारने की चेतावनी देते हुए डीएम ने दो टूक कहा वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

हादसे को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश है। पशु सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजय सेठ ने कहा कि सबसे पहले पशुओं की सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए थी। उसके बाद गोशाला की शुरुआत की जानी थी। गोवंशों को खुले आसमान के नीचे रखे जाने से यह हादसा हुआ है।


यहां के 35 गोवंशों में सात की मौत हो गई जबकि 28 गोवंशों पर भी खतरा मंडरा रहा है। बचे गोवंशों की सुरक्षा का इंतजाम प्राथमिकता से होना चाहिए। उधर, एसडीएम सदर पूर्णिमा सिंह, डॉ. संजय कुमार की मौजूदगी में गायों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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