{"_id":"59c6acd84f1c1bb5688b6367","slug":"131506192600-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां धूमावती के श्रद्घालुओं ने किए दर्शन, मांगी मन्नतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां धूमावती के श्रद्घालुओं ने किए दर्शन, मांगी मन्नतें
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्र की मुख्य खबर इसे ही बनाएं
नैमिषारण्य (सीतापुर)। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को भक्तों ने कालीपीठ स्थित मां धूमावती की पूजा अर्चना की और शीश नवाया।
अलसुबह से ही शुरू हुआ मां धूमावती के दर्शन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। मालूम हो कि नवरात्रि में पड़ने वाले शनिवार के अलावा अन्य दिनों में माता के दर्शन संभव नहीं हैं।
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को अलसुबह चार बजे मंदिर के पट खुले। कालीपीठाधीश गोपाल शास्त्री ने पूजा अर्चना की। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।
भक्तों ने मां धूमावती का दर्शन कर मनौतियां मांगीं और माता के श्री चरणों में काली पोटली में काले तिल, फल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की।
कालीपीठाधीश गोपालशास्त्री ने बताया कि दस महाविद्याओं में उग्र देवी धूमावती का स्वरूप विधवा का है। नवरात्रि में सुहागिनें सुहाग और पुत्र की रक्षा के लिये दर्शन करती हैं एवं काली पोटली में काले तिल जो कि माता धूमावती को अतिप्रिय हैं अर्पित कर मनौती मानती हैं।
विज्ञापन
इस अवसर पर श्रद्धालु महिलाओं न माता रानी को मंगल गीत सुना कर मैया को रिझाया। सायंकाल आरती के उपरांत कालीपीठ के प्रबंधक भास्कर शास्त्री ने भक्तों के लिये प्रसाद एवं फलाहार की विशेष प्रबंध किया।
विज्ञापन
नैमिषारण्य (सीतापुर)। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को भक्तों ने कालीपीठ स्थित मां धूमावती की पूजा अर्चना की और शीश नवाया।
अलसुबह से ही शुरू हुआ मां धूमावती के दर्शन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। मालूम हो कि नवरात्रि में पड़ने वाले शनिवार के अलावा अन्य दिनों में माता के दर्शन संभव नहीं हैं।
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को अलसुबह चार बजे मंदिर के पट खुले। कालीपीठाधीश गोपाल शास्त्री ने पूजा अर्चना की। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।
विज्ञापन
भक्तों ने मां धूमावती का दर्शन कर मनौतियां मांगीं और माता के श्री चरणों में काली पोटली में काले तिल, फल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की।
कालीपीठाधीश गोपालशास्त्री ने बताया कि दस महाविद्याओं में उग्र देवी धूमावती का स्वरूप विधवा का है। नवरात्रि में सुहागिनें सुहाग और पुत्र की रक्षा के लिये दर्शन करती हैं एवं काली पोटली में काले तिल जो कि माता धूमावती को अतिप्रिय हैं अर्पित कर मनौती मानती हैं।
विज्ञापन
इस अवसर पर श्रद्धालु महिलाओं न माता रानी को मंगल गीत सुना कर मैया को रिझाया। सायंकाल आरती के उपरांत कालीपीठ के प्रबंधक भास्कर शास्त्री ने भक्तों के लिये प्रसाद एवं फलाहार की विशेष प्रबंध किया।