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एंबुलेंस न मिलने पर प्रसूता की मौत
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रेउसा (सीतापुर)। रेउसा सीएचसी में प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। घरवालों ने समय से एंबुलेंस न मिलने का आरोप लगाया। परिवारीजनों का कहना है कि अगर एंबुलेंस आ जाती तो शायद मौत न होती। वहीं जिम्मेदार जांच कराने की बात कह रहे हैं।
रेउसा के ग्राम मितानपुरवा मजरा भिठानाफर्र निवासी रामनोहर की पत्नी मोनिका देवी के मंगलवार रात को प्रसव पीड़ा शुरु हो गई। इस पर परिवारीजनों ने एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन काफी इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंची। इससे मोनिका की हालत बिगड़ रही थी।
परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने की वजह से उसे अन्य वाहन से अस्पताल लाने में परिवार वाले असमर्थ थे। सुबह आशा बहू ने किसी तरह मोनिका को सीएचसी पर भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए जिला महिला अस्पताल ले जाने की बात कही। लेकिन परिवार वाले यहीं पर इलाज कराने का अनुरोध किया।
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डॉक्टरों ने प्रसव तो करा दिया। उसके बाद मोनिका की हालत बिगड़ने लगी। राममनोहर ने फिर से एंबुलेंस को फोन किया। जिससे जिला महिला अस्पताल ले जा सकें। लेकिन फिर एंबुलेंस नहीं आई। कुछ देर बाद मोनिका की मौत हो गई।
परिवारीजनों का कहना है कि अगर समय से एंबुलेंस मिल जाती तो शायद जान बच जाती। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनंत मिश्र का कहना है कि एंबुलेंस न मिलने की जानकारी मिली है। अगर परिवार शिकायती पत्र देते है तो जांच कराई जाएगी।
कहा, नहीं है जानकारी में
जिला एंबुलेंस प्रभारी कैलाश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एंबुलेंस समय से पहुंच रही है। रेउसा इलाके की घटना संज्ञान में नहीं आई है। इस पर उन्होंने रेउसा इलाके के प्रतिनिधि से बात कराई, लेकिन वह भी इस घटना से इंकार करते रहे। कहने लगे कि दूसरे नंबर पर कॉल की होगी। ऐसी कोई कॉल नहीं आई है।
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रेउसा के ग्राम मितानपुरवा मजरा भिठानाफर्र निवासी रामनोहर की पत्नी मोनिका देवी के मंगलवार रात को प्रसव पीड़ा शुरु हो गई। इस पर परिवारीजनों ने एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन काफी इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंची। इससे मोनिका की हालत बिगड़ रही थी।
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परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने की वजह से उसे अन्य वाहन से अस्पताल लाने में परिवार वाले असमर्थ थे। सुबह आशा बहू ने किसी तरह मोनिका को सीएचसी पर भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए जिला महिला अस्पताल ले जाने की बात कही। लेकिन परिवार वाले यहीं पर इलाज कराने का अनुरोध किया।
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डॉक्टरों ने प्रसव तो करा दिया। उसके बाद मोनिका की हालत बिगड़ने लगी। राममनोहर ने फिर से एंबुलेंस को फोन किया। जिससे जिला महिला अस्पताल ले जा सकें। लेकिन फिर एंबुलेंस नहीं आई। कुछ देर बाद मोनिका की मौत हो गई।
परिवारीजनों का कहना है कि अगर समय से एंबुलेंस मिल जाती तो शायद जान बच जाती। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनंत मिश्र का कहना है कि एंबुलेंस न मिलने की जानकारी मिली है। अगर परिवार शिकायती पत्र देते है तो जांच कराई जाएगी।
कहा, नहीं है जानकारी में
जिला एंबुलेंस प्रभारी कैलाश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एंबुलेंस समय से पहुंच रही है। रेउसा इलाके की घटना संज्ञान में नहीं आई है। इस पर उन्होंने रेउसा इलाके के प्रतिनिधि से बात कराई, लेकिन वह भी इस घटना से इंकार करते रहे। कहने लगे कि दूसरे नंबर पर कॉल की होगी। ऐसी कोई कॉल नहीं आई है।