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गंगा मइया में जब तक पानी रहे, मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:35 AM IST
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करवा चौथ पर पूजन-अर्चन के बाद चांद का दीदार कर सुहागिनों ने पति की सलामती व लंबी उम्र का मांगा वरदान
सीतापुर। जिले में शनिवार को करवा चौथ पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। सुहागिनों ने दिन भर निर्जला व्रत रखा। शाम को सोलह श्रंगार कर विधि-विधान से पूजा के बाद चांद निकलने का इंतजार करने लगीं। आसमान में चांद निकलने पर उसका दीदार कर सुहागिनों ने अपने पतियों की सलामती व लंबी उम्र का वरदान मांगा।
चंद्र दर्शन के बाद सुहागिनों ने पति के हाथ से मिठाई खाई और पानी पीकर व्रत तोड़ा। इस दौरान पति ने अपनी पत्नी को उपहार भी दिए। करवा चौथ पर सुबह से ही घरों में उत्सव सरीखा माहौल नजर आने लगा। ‘गंगा मइया में जब तक पानी रहे, मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे’ की कामना लेकर सुहागिनों ने करवा चौथ पर अपने सुहाग की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा।
दिन भर सुहागिनें पूजा की तैयारियों में लगी रहीं। सांझ ढलते ही सुहागिनों ने रंगबिरंगे परिधान व आभूषण पहनकर तथा विविध प्रकार के श्रृंगार कर परंपरा के अनुसार गणेश भगवान, शिवजी एवं मां पार्वती तथा करवा की पूजा की। इसके बाद चांद निकलने का इंतजार करने लगीं।
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चांद निकलने पर सुहागिनों ने चंद्रमा की पूजा के बाद चलनी में पति का चेहरा देख सलामती व लंबी उम्र की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। फिर पतियों ने अपनी पत्नी को मिष्ठान खिलाकर व जल पिलाकर उपहार भी दिए। देर रात शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक उत्सव सरीखा माहौल बना रहा।
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सीतापुर। जिले में शनिवार को करवा चौथ पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। सुहागिनों ने दिन भर निर्जला व्रत रखा। शाम को सोलह श्रंगार कर विधि-विधान से पूजा के बाद चांद निकलने का इंतजार करने लगीं। आसमान में चांद निकलने पर उसका दीदार कर सुहागिनों ने अपने पतियों की सलामती व लंबी उम्र का वरदान मांगा।
चंद्र दर्शन के बाद सुहागिनों ने पति के हाथ से मिठाई खाई और पानी पीकर व्रत तोड़ा। इस दौरान पति ने अपनी पत्नी को उपहार भी दिए। करवा चौथ पर सुबह से ही घरों में उत्सव सरीखा माहौल नजर आने लगा। ‘गंगा मइया में जब तक पानी रहे, मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे’ की कामना लेकर सुहागिनों ने करवा चौथ पर अपने सुहाग की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा।
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दिन भर सुहागिनें पूजा की तैयारियों में लगी रहीं। सांझ ढलते ही सुहागिनों ने रंगबिरंगे परिधान व आभूषण पहनकर तथा विविध प्रकार के श्रृंगार कर परंपरा के अनुसार गणेश भगवान, शिवजी एवं मां पार्वती तथा करवा की पूजा की। इसके बाद चांद निकलने का इंतजार करने लगीं।
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चांद निकलने पर सुहागिनों ने चंद्रमा की पूजा के बाद चलनी में पति का चेहरा देख सलामती व लंबी उम्र की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। फिर पतियों ने अपनी पत्नी को मिष्ठान खिलाकर व जल पिलाकर उपहार भी दिए। देर रात शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक उत्सव सरीखा माहौल बना रहा।