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जनऔषधि केंद्र तो खुला, पर दवाओं का टोटा
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:15 AM IST
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महिला अस्पताल में अभी नहीं मिल पाई जगह, 649 में महज 60 दवाओं का है स्टॉक
सीतापुर। गरीबों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र तो खुल गया है, लेकिन इसका पूरा लाभ मरीजों को मिल नहीं पा रहा है। कारण यह है कि यहां पर दवाओं का टोटा बना हुआ है। इस समय मुश्किल से 60 दवाएं मौजूद हैं। जबकि इस केंद्र पर 649 दवाएं होने का दावा किया जा रहा है।
अधिकतर सामान्य बीमारियों की ही दवाएं उपलब्ध है। ऐसे में मरीज बाहर से महंगी दवाएं खरीद रहे हैं। केंद्र सरकार ने मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। यह केंद्र सदर अस्पताल से लेकर सीएचसी/पीएचसी तक खोले जाएंगे।
लेकिन शुरुआती चरण में यह जिला व महिला अस्पताल में खुलेंगे। दो सप्ताह पहले जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का शुभारंभ हो गया है। इस केंद्र के माध्यम से मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाएं दी जा रही है। यहां पर विभिन्न बीमारियों की 649 दवाएं मिलेगी। लेकिन अभी इस केंद्र पर केवल 60 दवाएं उपलब्ध है।
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इनका भी स्टॉक जल्द समाप्त होने वाला है। ऐसे में अगर डॉक्टर दवा लिखते भी है तो उन्हें केंद्र पर दवा नहीं मिल पाती है। इससे वह बाहर से दवा खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। इसके कारण मरीजों को इस केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं महिला चिकित्सालय में जगह न मिलने की वजह से केंद्र नहीं खुल सका है।
रिस्पांस ठीक पर नहीं है बेहतर
15 दिन से केंद्र चल रहा है, ऐसे में उम्मीद थी जेनरिक दवाओं को खूब बिक्री होगी। लेकिन डॉक्टर दवाओं को लेकर अधिक रुचि नहीं ले रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब तीन हजार मरीज आते हैं।
लेकिन इस केंद्र पर 200-250 पर्चे ही आ रहे हैं। वह भी सामान्य बीमारियों के होते हैं। अगर डॉक्टर दवाओं को लेकर रुचि लेने लगें तो यह आंकड़ा 700 के पार पहुंच जाएगा। इससे मरीजों को काफी हद तक फायदा होगा।
इन बीमारियों की है दवा
इस केंद्र पर दर्द, बुखार, विटामिन, एंटीबायोटिक, कैल्शियम, शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, मासिक धर्म, मलेरिया, इंन्फेक्शन, एलर्जी आदि बीमारियों की दवा मौजूद है। गंभीर बीमारियों की दवाओं का टोटा बना हुआ है।
दो दिन में आ जाएंगी दवाएं
इस समय दवाओं की कमी है। डिमांड भेजी जा चुकी है। दो दिन के अंदर पर्याप्त दवाएं आ जाएगी। जिले में इस केंद्र को लेकर रिस्पांस ठीक मिल रहा है ।
-आशीष कुमार शुक्ल, फॉर्मासिस्ट
भेजी गई है डिमांड
जिला अस्पताल के जनऔषधि केंद्र में दवाओं की कमी को लेकर जानकारी मिली है। इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द दवाओं की आपूर्ति होगी।
-नवीन कुमार, जिला औषधि निरीक्षक
चयनित नहीं हो सके अस्पताल
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवार को पांच लाख रुपये तक का मेडिकल क्लेम मिलेगा। लेकिन इस योजना के क्रियान्वयन की रफ्तार जिले में बहुत ही सुस्त चल रही है। हाल ये है अभी अस्पताल चयनित नहीं हो सके हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इसके लिए एडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी अस्पतालों के साथ बैठक करके चयन करेगी। साथ ही आयुष्मान मित्र का भी चयन किया जाएगा। इसके लिए एक मीटिंग होगी मगर अभी इसकी रूपरेखा भी नहीं बन सकी है।
कमेटी लेगी निर्णय
आयुष्मान भारत योजना को लेकर कमेटी गठित हो गई है। कमेटी की जल्द बैठक होगी। उसके बाद ही अस्पताल व आयुष्मान मित्र का चयन हो सकेगा।
-डॉ. आरके नैय्यर, सीएमओ
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सीतापुर। गरीबों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र तो खुल गया है, लेकिन इसका पूरा लाभ मरीजों को मिल नहीं पा रहा है। कारण यह है कि यहां पर दवाओं का टोटा बना हुआ है। इस समय मुश्किल से 60 दवाएं मौजूद हैं। जबकि इस केंद्र पर 649 दवाएं होने का दावा किया जा रहा है।
अधिकतर सामान्य बीमारियों की ही दवाएं उपलब्ध है। ऐसे में मरीज बाहर से महंगी दवाएं खरीद रहे हैं। केंद्र सरकार ने मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। यह केंद्र सदर अस्पताल से लेकर सीएचसी/पीएचसी तक खोले जाएंगे।
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लेकिन शुरुआती चरण में यह जिला व महिला अस्पताल में खुलेंगे। दो सप्ताह पहले जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का शुभारंभ हो गया है। इस केंद्र के माध्यम से मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाएं दी जा रही है। यहां पर विभिन्न बीमारियों की 649 दवाएं मिलेगी। लेकिन अभी इस केंद्र पर केवल 60 दवाएं उपलब्ध है।
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इनका भी स्टॉक जल्द समाप्त होने वाला है। ऐसे में अगर डॉक्टर दवा लिखते भी है तो उन्हें केंद्र पर दवा नहीं मिल पाती है। इससे वह बाहर से दवा खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। इसके कारण मरीजों को इस केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं महिला चिकित्सालय में जगह न मिलने की वजह से केंद्र नहीं खुल सका है।
रिस्पांस ठीक पर नहीं है बेहतर
15 दिन से केंद्र चल रहा है, ऐसे में उम्मीद थी जेनरिक दवाओं को खूब बिक्री होगी। लेकिन डॉक्टर दवाओं को लेकर अधिक रुचि नहीं ले रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब तीन हजार मरीज आते हैं।
लेकिन इस केंद्र पर 200-250 पर्चे ही आ रहे हैं। वह भी सामान्य बीमारियों के होते हैं। अगर डॉक्टर दवाओं को लेकर रुचि लेने लगें तो यह आंकड़ा 700 के पार पहुंच जाएगा। इससे मरीजों को काफी हद तक फायदा होगा।
इन बीमारियों की है दवा
इस केंद्र पर दर्द, बुखार, विटामिन, एंटीबायोटिक, कैल्शियम, शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, मासिक धर्म, मलेरिया, इंन्फेक्शन, एलर्जी आदि बीमारियों की दवा मौजूद है। गंभीर बीमारियों की दवाओं का टोटा बना हुआ है।
दो दिन में आ जाएंगी दवाएं
इस समय दवाओं की कमी है। डिमांड भेजी जा चुकी है। दो दिन के अंदर पर्याप्त दवाएं आ जाएगी। जिले में इस केंद्र को लेकर रिस्पांस ठीक मिल रहा है ।
-आशीष कुमार शुक्ल, फॉर्मासिस्ट
भेजी गई है डिमांड
जिला अस्पताल के जनऔषधि केंद्र में दवाओं की कमी को लेकर जानकारी मिली है। इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द दवाओं की आपूर्ति होगी।
-नवीन कुमार, जिला औषधि निरीक्षक
चयनित नहीं हो सके अस्पताल
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवार को पांच लाख रुपये तक का मेडिकल क्लेम मिलेगा। लेकिन इस योजना के क्रियान्वयन की रफ्तार जिले में बहुत ही सुस्त चल रही है। हाल ये है अभी अस्पताल चयनित नहीं हो सके हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इसके लिए एडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी अस्पतालों के साथ बैठक करके चयन करेगी। साथ ही आयुष्मान मित्र का भी चयन किया जाएगा। इसके लिए एक मीटिंग होगी मगर अभी इसकी रूपरेखा भी नहीं बन सकी है।
कमेटी लेगी निर्णय
आयुष्मान भारत योजना को लेकर कमेटी गठित हो गई है। कमेटी की जल्द बैठक होगी। उसके बाद ही अस्पताल व आयुष्मान मित्र का चयन हो सकेगा।
-डॉ. आरके नैय्यर, सीएमओ