{"_id":"5bbe4574867a55286e5bbcd6","slug":"111539196276-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने इलाके के टॉप 10 स्कूल नहीं बता पाए बीईओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने इलाके के टॉप 10 स्कूल नहीं बता पाए बीईओ
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम ने समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अफसरों की जमकर ली क्लास
सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की समीक्षा बैठक में बुधवार को डीएम ने जमकर क्लास ली। बीईओ की कार्यशैली से वह इतनी नाराज दिखी कि यहां तक कह दिया चुल्लू भर पानी में डूब जाओ। अपने इलाके के 10 बेहतर स्कूल के नाम भी नहीं बता पाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की पांच बिदुंओं एमडीएम, ड्रेस वितरण, समन्वयक चयन, निरीक्षण, पुस्तक वितरण पर बुधवार को समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक की शुरुआत से ही डीएम ने सख्त तेवर दिखाए। कारण यह था कि इससे पहले भी जितनी बैठकें हुई उसमें बेसिक शिक्षा विभाग फेल ही नजर आया।
इस पर बीएसए को सख्त हिदायत दी गई थी कि कमियां जल्द सुधार लो। लेकिन विभाग पर इन निर्देशों पर कोई असर नहीं हुआ। पहले की तरह बैठक शुरु हुई तो अफसर काम करने के बजाए बहानेबाजी करने लगे। इस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। एक-एक करके अफसरों की क्लास ली।
विज्ञापन
डीएम ने बीईओ से पूछा कि आप लोग अपने इलाके के 10 बेहतर स्कूल बताएं। इस पर बीईओ बंगले झांकने लगे। एक भी बीईओ स्कूल के नाम नहीं बता पाए। इस पर डीएम ने गुस्साते हुए कहा कि आप लोग अपने को बीईओ कहते हो मगर इलाके के बेहतर स्कूल के नाम तक नहीं जानते हो। आखिर ब्लॉक पर करते क्या हो।
इसी तरह डीसी बालिका शिक्षा से फोटोयुक्त निरीक्षण आख्या मांगीं तो टालमटोल करने लगे। इस पर पूछा आप कब से यहां पर तैनात हो तो उन्होंने जवाब दिया। इसके बाद बीएसए से कहा कि तत्काल इनको जिले से रिलीव कर दो। यह किसी भी काम के नहीं है।
डीसी प्रशिक्षण से समन्वयकों के चयन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों ने आपत्ति लगा दी थी। तो उन्होंने कहा कि आपत्ति निस्तारित करके फाइल भेजते। इस पर वह कुछ बोल नहीं सके। डीसी सामुदायिक सहभागिता से 30 सितंबर की छात्र संख्या मांगीं तो उन्होंने बताया मैम यह एकत्र की जा रही है।
जूता-मोजा, ड्रेस वितरण व कॉपी किताबों के बारे में पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। आखिर में झल्लाते हुए कहा इन तीनों को जिले से रिलीव कर दो। यह सब किसी भी काम के नहीं है। बीएसए से कहा कि आप से पांच बिदुंओं पर जानकारी मांगीं गई थी। वह भी दे नहीं पाए। स्कूल शिक्षक जा नहीं रहे हैं।
छात्र संख्या आ नहीं रही है। आखिर आप कर क्या रहे हैं। पिछली बैठकों में भी कुछ ऐसी ही जानकारी लेकर आए थे। यह अंतिम अवसर देती हूं, सुधर जाओ, वरना आपको भी जिले से रिलीव कर दूंगी। नकारो की फौज नहीं चाहिए केवल काम करने वाले अफसर चाहिए। अकेले विभाग चला लूंगी।
विज्ञापन
सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की समीक्षा बैठक में बुधवार को डीएम ने जमकर क्लास ली। बीईओ की कार्यशैली से वह इतनी नाराज दिखी कि यहां तक कह दिया चुल्लू भर पानी में डूब जाओ। अपने इलाके के 10 बेहतर स्कूल के नाम भी नहीं बता पाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की पांच बिदुंओं एमडीएम, ड्रेस वितरण, समन्वयक चयन, निरीक्षण, पुस्तक वितरण पर बुधवार को समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक की शुरुआत से ही डीएम ने सख्त तेवर दिखाए। कारण यह था कि इससे पहले भी जितनी बैठकें हुई उसमें बेसिक शिक्षा विभाग फेल ही नजर आया।
विज्ञापन
इस पर बीएसए को सख्त हिदायत दी गई थी कि कमियां जल्द सुधार लो। लेकिन विभाग पर इन निर्देशों पर कोई असर नहीं हुआ। पहले की तरह बैठक शुरु हुई तो अफसर काम करने के बजाए बहानेबाजी करने लगे। इस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। एक-एक करके अफसरों की क्लास ली।
विज्ञापन
डीएम ने बीईओ से पूछा कि आप लोग अपने इलाके के 10 बेहतर स्कूल बताएं। इस पर बीईओ बंगले झांकने लगे। एक भी बीईओ स्कूल के नाम नहीं बता पाए। इस पर डीएम ने गुस्साते हुए कहा कि आप लोग अपने को बीईओ कहते हो मगर इलाके के बेहतर स्कूल के नाम तक नहीं जानते हो। आखिर ब्लॉक पर करते क्या हो।
इसी तरह डीसी बालिका शिक्षा से फोटोयुक्त निरीक्षण आख्या मांगीं तो टालमटोल करने लगे। इस पर पूछा आप कब से यहां पर तैनात हो तो उन्होंने जवाब दिया। इसके बाद बीएसए से कहा कि तत्काल इनको जिले से रिलीव कर दो। यह किसी भी काम के नहीं है।
डीसी प्रशिक्षण से समन्वयकों के चयन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों ने आपत्ति लगा दी थी। तो उन्होंने कहा कि आपत्ति निस्तारित करके फाइल भेजते। इस पर वह कुछ बोल नहीं सके। डीसी सामुदायिक सहभागिता से 30 सितंबर की छात्र संख्या मांगीं तो उन्होंने बताया मैम यह एकत्र की जा रही है।
जूता-मोजा, ड्रेस वितरण व कॉपी किताबों के बारे में पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। आखिर में झल्लाते हुए कहा इन तीनों को जिले से रिलीव कर दो। यह सब किसी भी काम के नहीं है। बीएसए से कहा कि आप से पांच बिदुंओं पर जानकारी मांगीं गई थी। वह भी दे नहीं पाए। स्कूल शिक्षक जा नहीं रहे हैं।
छात्र संख्या आ नहीं रही है। आखिर आप कर क्या रहे हैं। पिछली बैठकों में भी कुछ ऐसी ही जानकारी लेकर आए थे। यह अंतिम अवसर देती हूं, सुधर जाओ, वरना आपको भी जिले से रिलीव कर दूंगी। नकारो की फौज नहीं चाहिए केवल काम करने वाले अफसर चाहिए। अकेले विभाग चला लूंगी।