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कर्ज में डूबे रिटायर्ड सरकारी कर्मी ने लगाई फांसी, मौत
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:34 AM IST
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मृतक के पास मिले सुसाइड नोट में कर्ज को बताया गया आत्महत्या की वजह
महोली (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में शनिवार को एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी का शव बाग में पेड़ से फंदे पर लटकता पाया गया। मृतक के पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें उसने कर्ज की वजह से आत्महत्या करने की बात कही है।
नगर के मोहल्ला दीक्षित टोला में रहने वाला नरेश कुमार (48) पुत्र जोधा वर्तमान में परिवार सहित हरियाणा में रहकर मजदूरी करता था। तीन दिन पहले वह महोली आया था। शुक्रवार की शाम वह घर से निकला था। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर उसके छोटे भाई किशोरी ने मोबाइल से हरियाणा में उसके परिवार को सूचना दी।
इस बीच शनिवार की सुबह बड़ागांव मार्ग के किनारे एक बाग में पेड़ पर रस्सी के सहारे नरेश का शव फंदे पर लटकता पाया गया। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें मृतक ने कर्ज में डूबकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
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दरअसल, मृतक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात था। मृतक के बेटे नीरज ने बताया कि काफी कर्ज होने पर तीन साल पहले उसके पिता ने स्वेच्छा से वीआरएस लेकर महाजनों का कर्ज अदा कर दिया था। इसके बाद वह लोग परिवार सहित हरियाणा चले गए थे।
तीन दिन पहले ही नरेश महोली आया था। नीरज ने वर्तमान में कर्ज संबंधी किसी जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। कोतवाली प्रभारी धर्मप्रकाश ने बताया कि मृतक के बेटे ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
...विधायक साहब मेरे परिवार की मदद करें
मृतक नरेश के पास से मिला सुसाइड नोट कोतवाली प्रभारी को संबोधित कर लिखा गया है। इसमें लिखा है कि प्रार्थी ने कर्ज में डूबकर आत्महत्या किया है। जिसमें मेरे बच्चे, परिवार व पत्नी का कोई दोष नही है। विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार मेरे परिवार की मदद करें। भगवान आपको सदा इसी पद पर रखे और जिलाधिकारी से भी प्रार्थना है कि मेरे परिवार की मदद करें।
सुसाइड नोट मृतक ने ही लिखा है इसकी होगी जांच
आत्महत्या पर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का कोई प्रावधान नहीं है। बरामद सुसाइड नोट मृतक ने ही लिखा है, यह जांच का विषय है। इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-नीरज पटेल, एसडीएम
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महोली (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में शनिवार को एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी का शव बाग में पेड़ से फंदे पर लटकता पाया गया। मृतक के पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें उसने कर्ज की वजह से आत्महत्या करने की बात कही है।
नगर के मोहल्ला दीक्षित टोला में रहने वाला नरेश कुमार (48) पुत्र जोधा वर्तमान में परिवार सहित हरियाणा में रहकर मजदूरी करता था। तीन दिन पहले वह महोली आया था। शुक्रवार की शाम वह घर से निकला था। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर उसके छोटे भाई किशोरी ने मोबाइल से हरियाणा में उसके परिवार को सूचना दी।
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इस बीच शनिवार की सुबह बड़ागांव मार्ग के किनारे एक बाग में पेड़ पर रस्सी के सहारे नरेश का शव फंदे पर लटकता पाया गया। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें मृतक ने कर्ज में डूबकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
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दरअसल, मृतक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात था। मृतक के बेटे नीरज ने बताया कि काफी कर्ज होने पर तीन साल पहले उसके पिता ने स्वेच्छा से वीआरएस लेकर महाजनों का कर्ज अदा कर दिया था। इसके बाद वह लोग परिवार सहित हरियाणा चले गए थे।
तीन दिन पहले ही नरेश महोली आया था। नीरज ने वर्तमान में कर्ज संबंधी किसी जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। कोतवाली प्रभारी धर्मप्रकाश ने बताया कि मृतक के बेटे ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
...विधायक साहब मेरे परिवार की मदद करें
मृतक नरेश के पास से मिला सुसाइड नोट कोतवाली प्रभारी को संबोधित कर लिखा गया है। इसमें लिखा है कि प्रार्थी ने कर्ज में डूबकर आत्महत्या किया है। जिसमें मेरे बच्चे, परिवार व पत्नी का कोई दोष नही है। विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार मेरे परिवार की मदद करें। भगवान आपको सदा इसी पद पर रखे और जिलाधिकारी से भी प्रार्थना है कि मेरे परिवार की मदद करें।
सुसाइड नोट मृतक ने ही लिखा है इसकी होगी जांच
आत्महत्या पर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का कोई प्रावधान नहीं है। बरामद सुसाइड नोट मृतक ने ही लिखा है, यह जांच का विषय है। इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-नीरज पटेल, एसडीएम