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कुमुदिनी के फूल तोड़ते समय नाले में डूबकर दो बालिकाओं की मौत
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:50 PM IST
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हादसे के बाद गांव में मचा कोहराम, सूचना पर गांव पहुंचे एसडीएम-सीओ
महमूदाबाद/सदरपुर (सीतापुर)। थाना सदरपुर इलाके में घर से बकरी चराने निकली दो लड़कियों की नाले में डूबकर मौत हो गयी। ग्रामीणों की सहायता से शवों को बाहर निकाला गया। एक साथ दो बालिकाओं की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया। एसडीएम, सीओ ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया है।
सदरपुर थानाक्षेत्र के धरमपुर गांव में रहने वाले नत्था की बेटी सीमा (15) और सियाराम की बेटी सुनीता (10) मंगलवार की शाम अपनी-अपनी बकरियां चराने के लिए गांव के दक्षिण खेतों की ओर गई थीं। उधर बकवा नाले के किनारे बकरियां चर रही थीं।
इसी बीच दोनों लड़कियों की निगाह नाले में खिले कुमुदिनी के फूलों पर पड़ी। इस पर लड़कियां नाले में उतरकर कुमुदिनी के फूल तोड़ने का प्रयास करने लगीं। अचानक सुनीता का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगी। सुनीता को डूबता देख सीमा ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी गहरे पानी में चली गई।
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यह देख उनके साथ बकरी चराने गई दूसरी लड़कियों ने खेतों में काम कर रहे लोगों को मदद के लिए पुकारा। ग्रामीणों ने पहुंचकर दोनों को नाले से बाहर निकाला। मगर तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर पाकर एसडीएम महमूदाबाद संतोष राय, सीओ अंकित कुमार, एसओ सदरपुर सूर्यबली पांडेय ने गांव पहुंचकर हालातों का जायजा लिया।
मरते दम तक नहीं छोड़ा साथ
धरमपुर की सुनीता व सीमा पड़ोसी होने के नाते अच्छी दोस्त थीं। वह दोनों अक्सर साथ में बकरियां चराने जाया करती थीं। मंगलवार की शाम हादसे के समय भी वह साथ थीं। दोस्ती का जज्बा यह कि सुनीता जब गहरे पानी में डूबने लगी तो सीमा ने घबराने के बजाय उसकी जान बचाने का प्रयास किया। हालांकि सहेली को बचाने के प्रयास में वह भी अपनी जान गंवा बैठी। मगर मरते दम तक साथ नहीं छोड़ा।
आर्थिक सहायता दिलाने का होगा प्रयास
आवश्यक कार्रवाई के बाद मृतक बच्चियों के घरवालों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-संतोष राय, एसडीएम
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महमूदाबाद/सदरपुर (सीतापुर)। थाना सदरपुर इलाके में घर से बकरी चराने निकली दो लड़कियों की नाले में डूबकर मौत हो गयी। ग्रामीणों की सहायता से शवों को बाहर निकाला गया। एक साथ दो बालिकाओं की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया। एसडीएम, सीओ ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया है।
सदरपुर थानाक्षेत्र के धरमपुर गांव में रहने वाले नत्था की बेटी सीमा (15) और सियाराम की बेटी सुनीता (10) मंगलवार की शाम अपनी-अपनी बकरियां चराने के लिए गांव के दक्षिण खेतों की ओर गई थीं। उधर बकवा नाले के किनारे बकरियां चर रही थीं।
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इसी बीच दोनों लड़कियों की निगाह नाले में खिले कुमुदिनी के फूलों पर पड़ी। इस पर लड़कियां नाले में उतरकर कुमुदिनी के फूल तोड़ने का प्रयास करने लगीं। अचानक सुनीता का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगी। सुनीता को डूबता देख सीमा ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी गहरे पानी में चली गई।
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यह देख उनके साथ बकरी चराने गई दूसरी लड़कियों ने खेतों में काम कर रहे लोगों को मदद के लिए पुकारा। ग्रामीणों ने पहुंचकर दोनों को नाले से बाहर निकाला। मगर तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर पाकर एसडीएम महमूदाबाद संतोष राय, सीओ अंकित कुमार, एसओ सदरपुर सूर्यबली पांडेय ने गांव पहुंचकर हालातों का जायजा लिया।
मरते दम तक नहीं छोड़ा साथ
धरमपुर की सुनीता व सीमा पड़ोसी होने के नाते अच्छी दोस्त थीं। वह दोनों अक्सर साथ में बकरियां चराने जाया करती थीं। मंगलवार की शाम हादसे के समय भी वह साथ थीं। दोस्ती का जज्बा यह कि सुनीता जब गहरे पानी में डूबने लगी तो सीमा ने घबराने के बजाय उसकी जान बचाने का प्रयास किया। हालांकि सहेली को बचाने के प्रयास में वह भी अपनी जान गंवा बैठी। मगर मरते दम तक साथ नहीं छोड़ा।
आर्थिक सहायता दिलाने का होगा प्रयास
आवश्यक कार्रवाई के बाद मृतक बच्चियों के घरवालों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-संतोष राय, एसडीएम