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शुभ मुहूर्त के लिए ज्योतिर्विदों की शरण में प्रत्याशी
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:02 PM IST
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नामांकन से पहले शुभ मुहूर्त का फेर
सीतापुर। नगर निकाय चुनाव में कुर्सी पर कब्जे के लिए उम्मीदवार अब पंडितों के चक्कर लगा रहे हैं। पुरोहितों से शुभ मुहूर्त निकालने के बाद ही नामांकन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है।
हर प्रत्याशी अपने पुरोहितों से इस बात की जानकारी ले रहा है, कि किस शुभ मुहूर्त में नामांकन किया जाए, जिससे विरोधी को पछाड़कर जीत हासिल हो सके। साथ ही प्रत्याशी अपने-अपने निकाय क्षेत्र के वोटरों को अपने पक्ष में वोट करने के लिए पूजा-पाठ भी कर रहे हैं।
नैमिषारण्य विद्वान ज्योतिषाचार्यों का गढ़ है। ऐसे में उम्मीदवार अपने कुंडली के आधार पर ब्राह्मणों से संपर्क साधे हुए हैं। जिले में छह नगर पालिका व 5 नगर पंचायतें हैं।
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हर निकाय में अपनी किस्मत आजमाने का मूड बनाकर चुनावी अखाड़े में ताल ठोंकने को 10 से 15 उम्मीदवार तैयार हैं। यहां 4 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है।
लेकिन नामांकन किस दिन किया जाए, ये अभी कोई भी प्रत्याशी साफ नहीं कर रहा है। जिले भर से तमाम प्रत्याशी नैमिष के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने और ज्योतिर्विदों से मिलने आ रहे हैं।
दर्शन और पूजन को सिर्फ क्षेत्र के प्रत्याशी नहीं बल्कि जिले भर के सभी उम्मीदवार पहुंच रहे हैं। चुनावों में हर कोई अपने सिर जीत का सेहरा बांधना चाहता है।
जिसके लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक मंदिरों में विशेष अनुष्ठान से लेकर पाठ तक करा रहे हैं। कई प्रत्याशियों ने तो मन्नत तक मान रखी है।
बस किसी भी हाल में जीत मिल सके। ऐसे में किसे सफलता मिलेगी ये निकाय चुनाव के परिणाम बताएंगे। चुनावों के बहाने ही सही प्रत्याशी व उनके समर्थक मंदिरों और अपने पुरोहितों की शरण में पहुंच रहे है।
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सीतापुर। नगर निकाय चुनाव में कुर्सी पर कब्जे के लिए उम्मीदवार अब पंडितों के चक्कर लगा रहे हैं। पुरोहितों से शुभ मुहूर्त निकालने के बाद ही नामांकन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है।
हर प्रत्याशी अपने पुरोहितों से इस बात की जानकारी ले रहा है, कि किस शुभ मुहूर्त में नामांकन किया जाए, जिससे विरोधी को पछाड़कर जीत हासिल हो सके। साथ ही प्रत्याशी अपने-अपने निकाय क्षेत्र के वोटरों को अपने पक्ष में वोट करने के लिए पूजा-पाठ भी कर रहे हैं।
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नैमिषारण्य विद्वान ज्योतिषाचार्यों का गढ़ है। ऐसे में उम्मीदवार अपने कुंडली के आधार पर ब्राह्मणों से संपर्क साधे हुए हैं। जिले में छह नगर पालिका व 5 नगर पंचायतें हैं।
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हर निकाय में अपनी किस्मत आजमाने का मूड बनाकर चुनावी अखाड़े में ताल ठोंकने को 10 से 15 उम्मीदवार तैयार हैं। यहां 4 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है।
लेकिन नामांकन किस दिन किया जाए, ये अभी कोई भी प्रत्याशी साफ नहीं कर रहा है। जिले भर से तमाम प्रत्याशी नैमिष के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने और ज्योतिर्विदों से मिलने आ रहे हैं।
दर्शन और पूजन को सिर्फ क्षेत्र के प्रत्याशी नहीं बल्कि जिले भर के सभी उम्मीदवार पहुंच रहे हैं। चुनावों में हर कोई अपने सिर जीत का सेहरा बांधना चाहता है।
जिसके लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक मंदिरों में विशेष अनुष्ठान से लेकर पाठ तक करा रहे हैं। कई प्रत्याशियों ने तो मन्नत तक मान रखी है।
बस किसी भी हाल में जीत मिल सके। ऐसे में किसे सफलता मिलेगी ये निकाय चुनाव के परिणाम बताएंगे। चुनावों के बहाने ही सही प्रत्याशी व उनके समर्थक मंदिरों और अपने पुरोहितों की शरण में पहुंच रहे है।