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नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की कैद
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि सिंह ने दुष्कर्म के मामले में एक अभियुक्त को 10 वर्ष के कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप त्रिपाठी द्वारा की गई।
इस आशय की एक प्राथमिकी मिश्रिख थानाक्षेत्र अंतर्गत नैमिषारण्य निवासी प्रेम कश्यप के विरुद्ध उन्हीं के एक पड़ोसी द्वारा दर्ज कराई गई थी। जिसमें वादी की 14 वर्षीया पुत्री को शौच के लिए जाते समय आरोपी द्वारा खींचकर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोपी लगाया गया था।
इस मामले में पुलिस द्वारा दो आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद एक आरोपी राजा बाबू को नाबालिग पाते हुए उसका मामला विचारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित किया गया, जबकि दूसरे आरोपी प्रेम कश्यप के विरुद्ध चले विचारण में आए साक्ष्य के बाद उसे दोषी पाते हुए न्यायाधीश ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
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अभियुक्त पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अभियुक्त से वसूले गए अर्थदंड में से आधी राशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर प्रदान की जाए।
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इस आशय की एक प्राथमिकी मिश्रिख थानाक्षेत्र अंतर्गत नैमिषारण्य निवासी प्रेम कश्यप के विरुद्ध उन्हीं के एक पड़ोसी द्वारा दर्ज कराई गई थी। जिसमें वादी की 14 वर्षीया पुत्री को शौच के लिए जाते समय आरोपी द्वारा खींचकर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोपी लगाया गया था।
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इस मामले में पुलिस द्वारा दो आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद एक आरोपी राजा बाबू को नाबालिग पाते हुए उसका मामला विचारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित किया गया, जबकि दूसरे आरोपी प्रेम कश्यप के विरुद्ध चले विचारण में आए साक्ष्य के बाद उसे दोषी पाते हुए न्यायाधीश ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
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अभियुक्त पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अभियुक्त से वसूले गए अर्थदंड में से आधी राशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर प्रदान की जाए।