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Siddharthnagar News: विद्यालय की लोकेशन में नहीं कर पाएंगे गड़बड़ी
Sat, 22 Jul 2023 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 22 Jul 2023 11:07 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित होने वाले विद्यालयों में अब लोकेशन अपडेट करने में प्रबंधक गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे। बोर्ड परीक्षा में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए यूपीएमएसपी का एप अपग्रेड हुआ। उसी पर विद्यालय की फोटो के साथ लोकेशन अपलोड की जाएगी। जिससे विद्यालय की दूरी की जांच करने में परेशानी न होने पाए।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में 28 राजकीय, 28 सहायता प्राप्त और 130 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन कॉलेजों में हाईस्कूल और इंटर के करीब 60 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। जिले में संचालित होने वाले सभी माध्यमिक विद्यालयों की लोकेशन हर वर्ष बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। इसके लिए बोर्ड एक एप पर विद्यालय परिसर से जिओ लोकेशन अपलोड करवाता है। कई विद्यालय संचालक अपनी सुविधानुसार विद्यालय परिसर से अन्यत्र कहीं से भी लॉगिंग कर लेते हैं। इससे विद्यालयों की जिओ लोकेशन यूपी बोर्ड के एप पर गलत फीड हो जाती थी। इसके चलते परीक्षा केंद्र निर्धारण करते समय किसी विद्यालय का परीक्षा केंद्र 20 तो किसी का परीक्षा केंद्र 50 किलोमीटर दूर तक चला जाता है। इसके चलते हर वर्ष बोर्ड के परीक्षार्थियों को परेशानी होती थी। बोर्ड की तरफ से मिले निर्देश की बात कहकर जिला प्रशासन के लोग जिम्मेदारी से भाग खड़े होते थे। इसका खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ता था। इससे सबक लेते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार नया एप डेवलप किया है। इस एप के जरिए विद्यालय संचालकों की मनमानी पर रोक लगने के साथ एक विद्यालय से दूसरे विद्यालयों की दूरी का सही लोकेशन का पता चल सकेगा। इससे परीक्षा निर्धारण में होने वाल गलतियों पर भी लगाम लगेगी।
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एप पर अपलोड होगी विद्यालय की फोटो
यूपी बोर्ड के एपीआई एप को विद्यालय परिसर से ही अपलोड करना होगा। इसके बाद कैमरे से विद्यालय भवन का नाम लिखा फोटो क्लिक कर अपलोड करना होगा। एप की खासियत यह है कि फोटो क्लिक करने वाले को नहीं दिखेगा। लेकिन वेबसाइड पर अपलोड हो जाएगा। इसके लिए एंड्रायड मोबाइल वर्जन 10 या इससे उन्नत मॉडल का उपायोग करना होगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से एक नया एप जारी किया गया है। इसमें विद्यालयों की फोटो क्लिक कर अपलोड करना होगा। इसके साथ ही जिओ लोकेशन स्वत: अपलोड हो जाएगा। इससे विद्यालय संचालकों की मनमानी पर रोक लगेगी।
-उपेंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सिद्धार्थनगर
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में 28 राजकीय, 28 सहायता प्राप्त और 130 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन कॉलेजों में हाईस्कूल और इंटर के करीब 60 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। जिले में संचालित होने वाले सभी माध्यमिक विद्यालयों की लोकेशन हर वर्ष बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। इसके लिए बोर्ड एक एप पर विद्यालय परिसर से जिओ लोकेशन अपलोड करवाता है। कई विद्यालय संचालक अपनी सुविधानुसार विद्यालय परिसर से अन्यत्र कहीं से भी लॉगिंग कर लेते हैं। इससे विद्यालयों की जिओ लोकेशन यूपी बोर्ड के एप पर गलत फीड हो जाती थी। इसके चलते परीक्षा केंद्र निर्धारण करते समय किसी विद्यालय का परीक्षा केंद्र 20 तो किसी का परीक्षा केंद्र 50 किलोमीटर दूर तक चला जाता है। इसके चलते हर वर्ष बोर्ड के परीक्षार्थियों को परेशानी होती थी। बोर्ड की तरफ से मिले निर्देश की बात कहकर जिला प्रशासन के लोग जिम्मेदारी से भाग खड़े होते थे। इसका खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ता था। इससे सबक लेते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार नया एप डेवलप किया है। इस एप के जरिए विद्यालय संचालकों की मनमानी पर रोक लगने के साथ एक विद्यालय से दूसरे विद्यालयों की दूरी का सही लोकेशन का पता चल सकेगा। इससे परीक्षा निर्धारण में होने वाल गलतियों पर भी लगाम लगेगी।
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एप पर अपलोड होगी विद्यालय की फोटो
यूपी बोर्ड के एपीआई एप को विद्यालय परिसर से ही अपलोड करना होगा। इसके बाद कैमरे से विद्यालय भवन का नाम लिखा फोटो क्लिक कर अपलोड करना होगा। एप की खासियत यह है कि फोटो क्लिक करने वाले को नहीं दिखेगा। लेकिन वेबसाइड पर अपलोड हो जाएगा। इसके लिए एंड्रायड मोबाइल वर्जन 10 या इससे उन्नत मॉडल का उपायोग करना होगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से एक नया एप जारी किया गया है। इसमें विद्यालयों की फोटो क्लिक कर अपलोड करना होगा। इसके साथ ही जिओ लोकेशन स्वत: अपलोड हो जाएगा। इससे विद्यालय संचालकों की मनमानी पर रोक लगेगी।
-उपेंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सिद्धार्थनगर