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Siddharthnagar News: जहां बनाना था पार्किंग स्थल, वहां बना दीं दुकानें
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नक्शा के अनुसार नहीं बना है नगर पालिका सिद्धार्थनगर कार्यालय का भवन
डीएम से शिकायत, 2013 में दो मंजिला भवन का नक्शा हुआ था स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका सिद्धार्थनगर कार्यालय का भवन स्वीकृत हुए नक्शा के अनुसार नहीं है। इसके स्वीकृत मानचित्र में ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग बनाई जानी थी, जहां दुकानें बना दी गईं। नतीजा यह है कि यहां आने वाले अथवा आसपास वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने से अक्सर जाम लग रहा है। इससे शहरियों को जाम में फंसकर दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
शहर के गांधीनगर मोहल्ले में स्थित नगर पालिका कार्यालय के पुराने भवन की जगह नए भवन के निर्माण के लिए नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की तरफ से 26 फरवरी 2013 को नक्शा स्वीकृत किया गया था। स्वीकृति के साथ मानचित्र के अनुसार ही भवन निर्माण का निर्देश दिया गया था। जिसके बाद तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष जमील सिद्दीकी के कार्यकाल में 2318 वर्ग फीट में इस भवन का निर्माण पूरा हुआ था। शहर के शास्त्रीनगर निवासी शकील अहमद ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पालिका कार्यालय भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुसार नहीं हुआ है। मानचित्र के अनुसार सिर्फ दो मंजिला भवन (भूमिगत और प्रथम तल) का निर्माण होना था। जिसमें ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग स्थल बनाई जानी थी, जिसकी जगह दुकानें बना दी गई हैं। वर्तमान में नगर पालिका कार्यालय के आसपास पार्किंग स्थल नहीं होने से यहां अथवा दुकानों पर आने वाले लोगों के वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को घंटों सांसत झेलनी पड़ती है। शहर के दूधनाथ, दिनेश और रघुवर प्रसाद का कहना है कि सिद्धार्थ तिराहे से आगे नगर पालिका के पास अक्सर जाम की स्थिति रहती है, अगर यहां पार्किंग होता तो शहरियों को जाम से जूझना नहीं पड़ता।
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अवैध तरीके से बना है नगर पालिका कार्यालय
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि सिर्फ दो मंजिला बनाने की जगह नगर पालिका कार्यालय तीन मंजिला बना दिया गया। स्वीकृत मानचित्र में द्वितीय मंजिल पर ओपेन टेरिस दर्शाया गया है। वर्तमान में नगर पालिका के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर बनी दुकानों को किराए पर दिया गया और द्वितीय तल पर अवैध तरीके से नगर पालिका कार्यालय बना दिया गया है। शिकायतकर्ता ने पांच बिंदुओं की जांचकर कार्रवाई की मांग की है।
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नगर पालिका परिषद के शिकायती पत्र के आधार पर जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के अनुसार निर्णय किया जाएगा।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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डीएम से शिकायत, 2013 में दो मंजिला भवन का नक्शा हुआ था स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका सिद्धार्थनगर कार्यालय का भवन स्वीकृत हुए नक्शा के अनुसार नहीं है। इसके स्वीकृत मानचित्र में ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग बनाई जानी थी, जहां दुकानें बना दी गईं। नतीजा यह है कि यहां आने वाले अथवा आसपास वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने से अक्सर जाम लग रहा है। इससे शहरियों को जाम में फंसकर दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
शहर के गांधीनगर मोहल्ले में स्थित नगर पालिका कार्यालय के पुराने भवन की जगह नए भवन के निर्माण के लिए नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की तरफ से 26 फरवरी 2013 को नक्शा स्वीकृत किया गया था। स्वीकृति के साथ मानचित्र के अनुसार ही भवन निर्माण का निर्देश दिया गया था। जिसके बाद तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष जमील सिद्दीकी के कार्यकाल में 2318 वर्ग फीट में इस भवन का निर्माण पूरा हुआ था। शहर के शास्त्रीनगर निवासी शकील अहमद ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पालिका कार्यालय भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुसार नहीं हुआ है। मानचित्र के अनुसार सिर्फ दो मंजिला भवन (भूमिगत और प्रथम तल) का निर्माण होना था। जिसमें ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग स्थल बनाई जानी थी, जिसकी जगह दुकानें बना दी गई हैं। वर्तमान में नगर पालिका कार्यालय के आसपास पार्किंग स्थल नहीं होने से यहां अथवा दुकानों पर आने वाले लोगों के वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को घंटों सांसत झेलनी पड़ती है। शहर के दूधनाथ, दिनेश और रघुवर प्रसाद का कहना है कि सिद्धार्थ तिराहे से आगे नगर पालिका के पास अक्सर जाम की स्थिति रहती है, अगर यहां पार्किंग होता तो शहरियों को जाम से जूझना नहीं पड़ता।
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अवैध तरीके से बना है नगर पालिका कार्यालय
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि सिर्फ दो मंजिला बनाने की जगह नगर पालिका कार्यालय तीन मंजिला बना दिया गया। स्वीकृत मानचित्र में द्वितीय मंजिल पर ओपेन टेरिस दर्शाया गया है। वर्तमान में नगर पालिका के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर बनी दुकानों को किराए पर दिया गया और द्वितीय तल पर अवैध तरीके से नगर पालिका कार्यालय बना दिया गया है। शिकायतकर्ता ने पांच बिंदुओं की जांचकर कार्रवाई की मांग की है।
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नगर पालिका परिषद के शिकायती पत्र के आधार पर जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के अनुसार निर्णय किया जाएगा।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी