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Siddharthnagar News: संकल्प, कार्य और व्यवहार से बढ़ेगा विकसित भारत
Wed, 30 Sep 2026 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:23 PM IST
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सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश शासन के सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में ‘विकसित भारत @ 2047’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का द्वितीय चरण आयोजित हुआ। प्रतियोगिता में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की छात्रा सुहानी श्रीवास्तव ने प्रथम, इसी विश्वविद्यालय की मुस्कान ने द्वितीय और राजकीय महाविद्यालय डुमरियागंज के छात्र सत्यम पांडेय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसमें विश्वविद्यालय परिसर समेत जिले के 11 महाविद्यालयों के 31 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इनमें 28 छात्राएं शामिल रहीं। प्रथम चरण में अपने-अपने महाविद्यालयों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया था। विजेताओं को मुख्य अतिथि विशेष सचिव उच्च शिक्षा सर्वेश सिंह और कुलपति प्रो. कविता शाह ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
विशेष सचिव सर्वेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं की सोच, संकल्प और कर्मठता देश की दिशा तय करने में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ शिक्षणेत्तर गतिविधियों में सहभागिता से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास होता है। दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन, निरंतर प्रयास और मेहनत सफलता की कुंजी हैं।
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कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि विद्यार्थी जीवन सपनों को देखने और उन्हें साकार करने का समय है। सपने जब संकल्प, कार्य और व्यवहार का रूप लेते हैं, तभी विकसित भारत की संकल्पना आगे बढ़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का सामना करते हुए समाधान तलाशने और अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। नशे जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहकर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. कलाशंकर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीति यादव, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन डॉ. शिवम शुक्ला ने किया। सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने जानकारी दी।
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इसमें विश्वविद्यालय परिसर समेत जिले के 11 महाविद्यालयों के 31 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इनमें 28 छात्राएं शामिल रहीं। प्रथम चरण में अपने-अपने महाविद्यालयों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया था। विजेताओं को मुख्य अतिथि विशेष सचिव उच्च शिक्षा सर्वेश सिंह और कुलपति प्रो. कविता शाह ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
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विशेष सचिव सर्वेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं की सोच, संकल्प और कर्मठता देश की दिशा तय करने में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ शिक्षणेत्तर गतिविधियों में सहभागिता से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास होता है। दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन, निरंतर प्रयास और मेहनत सफलता की कुंजी हैं।
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कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि विद्यार्थी जीवन सपनों को देखने और उन्हें साकार करने का समय है। सपने जब संकल्प, कार्य और व्यवहार का रूप लेते हैं, तभी विकसित भारत की संकल्पना आगे बढ़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का सामना करते हुए समाधान तलाशने और अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। नशे जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहकर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. कलाशंकर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीति यादव, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन डॉ. शिवम शुक्ला ने किया। सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने जानकारी दी।