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Siddharthnagar News: प्रदेश से पहुंचे तो अपने ही शहर में वाहन के लिए अटके लोग
Thu, 31 Oct 2024 07:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 31 Oct 2024 07:08 PM IST
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शहर में वाहन न मिलने पर इधर-उधर भटक रहे यात्री।
सिद्धार्थनगर। प्रदेश से दीपावली मामले के लिए आने वालों को घर तक पहुंचने के लिए परेशानियों से गुजरना पड़ा। कारण लोकल रूट पर चलने वाली ई-रिक्शा और अन्य निजी वाहन वाले तीन बजते ही घर के लिए निकल चुके थे। ऐसे में रेलवे और रोडवेज पर स्टेशन पर उतरने वालों को पैदल बांसी तिराहा और उसका मार्ग तक आना पड़ा, जब जाकर उन्हें वाहन मिले। रोडवेज की बसें भी अपनी ही समय से निकलती है। अधिकांश बस लंबी रूट पर चली गई है। जिसकी वजह से परेशानी होना पड़ा। कुछ ई-रिक्शा वाले मिले तो वह बुकिंग किए और कई गुना किराया लेकर गए।
जिले में बड़ी संख्या में मुंबई, दिल्ली, गुजराज सहित अन्य शहरों में लोग रहते हैं। जो पर्व मनाने के लिए घर जरूर आते हैं। दीपावली पर लोग कई दिनों से घर आ रहे हैं। वहां से किसी तरह से परेशानी सहकर बस और ट्रेन से जिला मुख्यालय पर पहुंचे तो उन्हें फिर दुश्वारी का सामना करना पड़ा। कारण शहर में बृहस्पतिवार को अन्य दिनों की तुलना में ई-रिक्शा कम दिखा। इसके पीछे त्योहार कारण बताया जा रहा है। क्योंकि अधिकांश ई-रिक्शा और टैंपो वाले दो बजे तक घर जा चुके थे। गोरखपुर से गोमतीनगर जाने वाली ट्रेन उतरे ककरहवा निवासी रत्नेश बैग और झोला लेकर निकले। रोडवेज पर पहुंच तो पता चला कि बस ही नहीं है।
उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा सिद्धार्थ तिराहा के पास मिला वह 500 रुपये में बुकिंग के लिए बोल रहा था। वह उससे आगे बांसी तिराहे की ओर पैदल निकल पड़े। वहीं, उसका रोड पर खड़े रिंकू ने बताया कि उन्हें उसका जाना है, कोई बस और साधन नहीं मिला। अब वाहन का इंतजार कर रहे हैं। जो है वह बुकिंग पर चलने के लिए कह रहा है। मुंबई से आने में भी परेशानी हुई। और अब घर पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह इन दिनों का हाल नहीं था। ऐसा सैकड़ों लोगों के साथ हुआ जो बस और ट्रेन से उतरे हुए थे। कारण रोडवेज की बस भी लांग रूट पर चली गई हैं। प्रदेश से आने के बाद यहां से घर जाने के लिए परेशान होना पड़ा।
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रोडवेज के पास है इतनी बस
परिवहन निगम के सिद्धार्थनगर डिपो में 48 बस है, जिसमें जिले के लोकल रूटों पर 12 बसों का ही संचालन हो रहा है। बाकी दीपावली को देखते हुए लांग रूट पर बस चली गई है। यहीं कारण है कि दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों से घर आने वाले लोगों को घर तक यात्रा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। त्योहार में जो यात्री शहर में आ गए हैं, उन्हें प्राइवेट वाहन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
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कोट
सभी बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों के सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोकल रूट पर बसों का फेरा बढ़ाया गया है।
-वीके गंगवार, एआरएम
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जिले में बड़ी संख्या में मुंबई, दिल्ली, गुजराज सहित अन्य शहरों में लोग रहते हैं। जो पर्व मनाने के लिए घर जरूर आते हैं। दीपावली पर लोग कई दिनों से घर आ रहे हैं। वहां से किसी तरह से परेशानी सहकर बस और ट्रेन से जिला मुख्यालय पर पहुंचे तो उन्हें फिर दुश्वारी का सामना करना पड़ा। कारण शहर में बृहस्पतिवार को अन्य दिनों की तुलना में ई-रिक्शा कम दिखा। इसके पीछे त्योहार कारण बताया जा रहा है। क्योंकि अधिकांश ई-रिक्शा और टैंपो वाले दो बजे तक घर जा चुके थे। गोरखपुर से गोमतीनगर जाने वाली ट्रेन उतरे ककरहवा निवासी रत्नेश बैग और झोला लेकर निकले। रोडवेज पर पहुंच तो पता चला कि बस ही नहीं है।
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उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा सिद्धार्थ तिराहा के पास मिला वह 500 रुपये में बुकिंग के लिए बोल रहा था। वह उससे आगे बांसी तिराहे की ओर पैदल निकल पड़े। वहीं, उसका रोड पर खड़े रिंकू ने बताया कि उन्हें उसका जाना है, कोई बस और साधन नहीं मिला। अब वाहन का इंतजार कर रहे हैं। जो है वह बुकिंग पर चलने के लिए कह रहा है। मुंबई से आने में भी परेशानी हुई। और अब घर पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह इन दिनों का हाल नहीं था। ऐसा सैकड़ों लोगों के साथ हुआ जो बस और ट्रेन से उतरे हुए थे। कारण रोडवेज की बस भी लांग रूट पर चली गई हैं। प्रदेश से आने के बाद यहां से घर जाने के लिए परेशान होना पड़ा।
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रोडवेज के पास है इतनी बस
परिवहन निगम के सिद्धार्थनगर डिपो में 48 बस है, जिसमें जिले के लोकल रूटों पर 12 बसों का ही संचालन हो रहा है। बाकी दीपावली को देखते हुए लांग रूट पर बस चली गई है। यहीं कारण है कि दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों से घर आने वाले लोगों को घर तक यात्रा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। त्योहार में जो यात्री शहर में आ गए हैं, उन्हें प्राइवेट वाहन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोट
सभी बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों के सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोकल रूट पर बसों का फेरा बढ़ाया गया है।
-वीके गंगवार, एआरएम