{"_id":"605387728ebc3e59274e092d","slug":"wheat-will-be-procured-from-april-1-siddharthnagar-news-gkp388871533","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रचार- प्रसार के जरिए किसानों को करेंगे गेहूं बेचने के लिए प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रचार- प्रसार के जरिए किसानों को करेंगे गेहूं बेचने के लिए प्रेरित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक अप्रैल से होगी गेहूं की खरीद
किसानों की सहूलियत के लिए बनाए गए 51 क्रय केंद्र
उपज बेचने के लिए करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गेहूं बेचने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। प्रचार-प्रसार के जरिए उन्हें बताया जाएगा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने के लिए क्या शर्तें हैं और क्या करना होगा। एक अप्रैल से शुरू होने वाले गेहूं खरीद के लिए जिले में 51 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसान ही उपज को बेच सकेंगे। खरीद संबंधित तैयारियों पर विभागीय जिम्मेदार जुटे हैं।
सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए खरीद व्यवस्था को बेहतर बना रही है। बिचौलियों की दखल को खत्म करके किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है। इसलिए खरीद व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रणाली को अपनाते हुए खरीद की जा रही है। एक अप्रैल शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए विभागीय तैयारियां पूरी हो चुकी है। किसानों की सहूलियत को देखते हुए जिले में 51 क्रय केंद्र इस बार बनाए गए हैं। किसान सरकारी क्रय केंद्र पर ही अपनी उपज बेचें इसके लिए विभाग प्रचार-प्रसार करेगा। इस बाबत जिला विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने कहा कि एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। इसके लिए विभागीय तैयारियां चल रही हैं।
खरीद की नहीं रहेगी कोई सीमा
किसान अपनी खतौनी के अनुसार अपनी उपज बेंच सकते हैं। खरीद की क्षमता और सीमा खत्म कर दी गई है। इस बार तय तिथि में जब तक किसान पहुंचेंगे उनकी उपज को खरीदा जाएगा। जबकि पहले लक्ष्य निर्धारित होता था। लक्ष्य पूरा होते ही खरीद खत्म हो जाती थी। इससे किसान वंचित रह जाते थे। मगर इस बार खरीद के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा।
विज्ञापन
ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
किसान अगर सरकारी क्रय केंद्र पर उपज बेचने की सोच रहे हैं तो उन्हें विभागीय के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके लिए किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के किसान को खतौनी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड की छायाप्रति देनी होगी। साथ ही मोबाइल फोन ले जाना होगा, क्योंकि आवेदन करते समय ओटीपी मोबाइल पर आएगी। इसके बाद उसी नंबर से आवेदन प्रक्रिया पूरी होगी।
50 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा अधिक
इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1975 रुपये निर्धारित किया गया है। जबकि पिछले वर्ष 1925 रुपये प्रति क्विंटल था। यानी इस वर्ष 50 रुपये प्रति क्विंटल अधिक के दर से किसानों को भुगतान होगा। यह मूल्य सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने पर मिलेगा। धनराशि का भुगतान किसानों को बैंक खाते के माध्यम से खरीद के 72 घंटे में होना है।
विज्ञापन
किसानों की सहूलियत के लिए बनाए गए 51 क्रय केंद्र
उपज बेचने के लिए करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गेहूं बेचने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। प्रचार-प्रसार के जरिए उन्हें बताया जाएगा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने के लिए क्या शर्तें हैं और क्या करना होगा। एक अप्रैल से शुरू होने वाले गेहूं खरीद के लिए जिले में 51 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसान ही उपज को बेच सकेंगे। खरीद संबंधित तैयारियों पर विभागीय जिम्मेदार जुटे हैं।
सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए खरीद व्यवस्था को बेहतर बना रही है। बिचौलियों की दखल को खत्म करके किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है। इसलिए खरीद व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रणाली को अपनाते हुए खरीद की जा रही है। एक अप्रैल शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए विभागीय तैयारियां पूरी हो चुकी है। किसानों की सहूलियत को देखते हुए जिले में 51 क्रय केंद्र इस बार बनाए गए हैं। किसान सरकारी क्रय केंद्र पर ही अपनी उपज बेचें इसके लिए विभाग प्रचार-प्रसार करेगा। इस बाबत जिला विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने कहा कि एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। इसके लिए विभागीय तैयारियां चल रही हैं।
विज्ञापन
खरीद की नहीं रहेगी कोई सीमा
किसान अपनी खतौनी के अनुसार अपनी उपज बेंच सकते हैं। खरीद की क्षमता और सीमा खत्म कर दी गई है। इस बार तय तिथि में जब तक किसान पहुंचेंगे उनकी उपज को खरीदा जाएगा। जबकि पहले लक्ष्य निर्धारित होता था। लक्ष्य पूरा होते ही खरीद खत्म हो जाती थी। इससे किसान वंचित रह जाते थे। मगर इस बार खरीद के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा।
विज्ञापन
ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
किसान अगर सरकारी क्रय केंद्र पर उपज बेचने की सोच रहे हैं तो उन्हें विभागीय के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके लिए किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के किसान को खतौनी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड की छायाप्रति देनी होगी। साथ ही मोबाइल फोन ले जाना होगा, क्योंकि आवेदन करते समय ओटीपी मोबाइल पर आएगी। इसके बाद उसी नंबर से आवेदन प्रक्रिया पूरी होगी।
50 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा अधिक
इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1975 रुपये निर्धारित किया गया है। जबकि पिछले वर्ष 1925 रुपये प्रति क्विंटल था। यानी इस वर्ष 50 रुपये प्रति क्विंटल अधिक के दर से किसानों को भुगतान होगा। यह मूल्य सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने पर मिलेगा। धनराशि का भुगतान किसानों को बैंक खाते के माध्यम से खरीद के 72 घंटे में होना है।