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लोगों में लोकप्रिय था राजमन
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चौराहे पर मातम, बंद रहीं सभी दुकानें
मौत के बाद गांव मेें पसरा गम
लोगों में लोकप्रिय था राजमन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राजमन की मौत ने सभी को गम में डाल दिया। मौत के बाद शुक्रवार को गांव से चौराहे तक गम का माहौल रहा। हमेशा गुलजार रहने वाला नादेपार चौराहा सूना पड़ा था। 100 से अधिक दुकानें बंद थीं। मौजूद लोगों की आंखों में राजमन के लिए आंसू थे। चौराहे का हर व्यक्ति यही कह रहा था कि वह काफी लोकप्रिय था। राजमन सबके सुख-दुख में शामिल रहता था।
मिठाई लाल के पांच बेटों में राजमन चौथे नंबर का था। सभी भाई अलग-अलग काम करते थे। राजमन की अभी शादी नहीं हुई थी। मौत की खबर जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य दुकान पर रोते-बिलखते पहुंचे। धमाके से शव के चीथड़े उड़ गए थे। कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था कि उसको देख सके। दीवार और छत क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने किसी तरह से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार को पूरे दिन गम का माहौल था। हर किसी की जुबान पर राजमन की चर्चा थी।
कुछ देर पहले ही पिता और भाई गए थे घर
लोगों के मुताबिक हादसा होने से कुछ ही देर पहले पिता मिठाईलाल और भाई दुकान से घर गए थे। आसपास के लोगों के मुताबिक राजमन के साथ कुछ परिचित लोग आए और कुछ खाए पीए थे। अगर हादसा थोड़ी देर पहले हुआ होता शायद सभी की जान जाती। क्योंकि दुकान काफी छोटी थी और धमाके में सब तबाह हो गया।
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आठ फिट दूर तक बिखर गईं ईंटें
धमाका इतना तेज था कि दो दीवारें जमींदोज हो गईं। दरवाजा टूटकर कुछ दूर जा गिरा। दीवारों में लगीं ईंटें आठ फिट दूर नहर में जा गिरीं। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि धमाका कितना तेज था। गनीमत रहा कि धमाका दिन नहीं हुआ वरना काफी लोग घायल हो गए होते।
धमाके पर कई सवाल
धमाके के पीछे पुलिस का कहना है कि इन्वर्टर और बैट्री के विस्फोट से यह हादसा हुआ है। जबकि दुकान में बैट्री का कुछ हिस्सा जला है और अन्य हिस्सा ठीक था। लोग दुकान में पेट्रोल और डीजल से भरे गैलन रखे जाने की चर्चा कर रहे थे।
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मौत के बाद गांव मेें पसरा गम
लोगों में लोकप्रिय था राजमन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राजमन की मौत ने सभी को गम में डाल दिया। मौत के बाद शुक्रवार को गांव से चौराहे तक गम का माहौल रहा। हमेशा गुलजार रहने वाला नादेपार चौराहा सूना पड़ा था। 100 से अधिक दुकानें बंद थीं। मौजूद लोगों की आंखों में राजमन के लिए आंसू थे। चौराहे का हर व्यक्ति यही कह रहा था कि वह काफी लोकप्रिय था। राजमन सबके सुख-दुख में शामिल रहता था।
मिठाई लाल के पांच बेटों में राजमन चौथे नंबर का था। सभी भाई अलग-अलग काम करते थे। राजमन की अभी शादी नहीं हुई थी। मौत की खबर जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य दुकान पर रोते-बिलखते पहुंचे। धमाके से शव के चीथड़े उड़ गए थे। कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था कि उसको देख सके। दीवार और छत क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने किसी तरह से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार को पूरे दिन गम का माहौल था। हर किसी की जुबान पर राजमन की चर्चा थी।
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कुछ देर पहले ही पिता और भाई गए थे घर
लोगों के मुताबिक हादसा होने से कुछ ही देर पहले पिता मिठाईलाल और भाई दुकान से घर गए थे। आसपास के लोगों के मुताबिक राजमन के साथ कुछ परिचित लोग आए और कुछ खाए पीए थे। अगर हादसा थोड़ी देर पहले हुआ होता शायद सभी की जान जाती। क्योंकि दुकान काफी छोटी थी और धमाके में सब तबाह हो गया।
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आठ फिट दूर तक बिखर गईं ईंटें
धमाका इतना तेज था कि दो दीवारें जमींदोज हो गईं। दरवाजा टूटकर कुछ दूर जा गिरा। दीवारों में लगीं ईंटें आठ फिट दूर नहर में जा गिरीं। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि धमाका कितना तेज था। गनीमत रहा कि धमाका दिन नहीं हुआ वरना काफी लोग घायल हो गए होते।
धमाके पर कई सवाल
धमाके के पीछे पुलिस का कहना है कि इन्वर्टर और बैट्री के विस्फोट से यह हादसा हुआ है। जबकि दुकान में बैट्री का कुछ हिस्सा जला है और अन्य हिस्सा ठीक था। लोग दुकान में पेट्रोल और डीजल से भरे गैलन रखे जाने की चर्चा कर रहे थे।