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Siddharthnagar News: अधूरे पानी प्लांट से गांव में जलापूर्ति ठप, देसी नल से प्यास बुझाने को लोग मजबूर
Mon, 26 Aug 2024 11:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 26 Aug 2024 11:30 AM IST
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-जल जीवन मिशन के तहत 2.14 करोड़ रुपये की लागत से पानी प्लांट का शुरू हुआ था निर्माण
- अधूरे प्रोजेक्ट से हसवापार गांव के टोला लमुही में लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। मिठवल ब्लॉक क्षेत्र के हसवापार गांव के टोला लमुही में जल जीवन मिशन के तहत 2.14 करोड़ रुपये की लागत से पानी प्लांट का निर्माण शुरू हुआ था। लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बाद भी अब तक गांव वालों को पेयजल नसीब नहीं हुआ है। साल भर पहले ही बोर करके पूरे गांव में पाइप की सप्लाई दी गई थी, लेकिन एक हजार की आबादी वाले गांव के लोग अभी तक पेयजल आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। उल्टा गांव के सड़कों की खुदाई करके छोड़ देने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से की, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
जल जीवन मिशन के तहत हसवापार गांव के टोला लमुही में हर घर पानी पहुंचाने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन जलापूर्ति अभी तक शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों को मजबूरी में देसी नल का पानी पीना पड़ रहा है। जबकि कम गहराई तक पास होने के कारण देसी नल का पानी दूषित रहता है। गांव में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सरकार का दावा हकीकत का रूप लेता नजर नहीं आ रहा है। गांव में प्रवेश करने के पहले मुख्य मार्ग पर पानी प्लांट के बगल में सड़क की खुदाई के दौरान नाली टूट गई है। गांव में कई अन्य जगहों पर भी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नालियों का बहाव कम होने की वजह से जलभराव की स्थिति बन जाती है। जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
हसवापार ग्राम सभा अंतर्गत मुडार खुर्द, हसवापार डीह, लमुहि, डड़िया नानकार, हसवापार सहित पांच गांव आते हैं। इन पांचों गांवों की कुल आबादी लगभग चार हजार के आसपास है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भगवान दास ने बताया कि पाइप सप्लाई का काम लमुहि और डड़िया नानकार में ही हुआ है शेष तीन गांवों में अभी तक नहीं हो पाया है। केवल लमुहि गांव में शुरू में ही ट्रायल के रूप में एक सप्ताह तक पानी की सप्लाई की गई थी। उसी दौरान जगह-जगह पाइप में लीकेज हो गया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कई बार किया लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। देवेंद्र चौरसिया, जनार्दन लोधी, रघुनाथ लोधी, तौलन गुप्ता, सुभाष, अरविंद शर्मा, सर्कस, हरिहर, विश्वनाथ, योगेश वर्मा, राम फेरन, अजीमुल्लाह व अन्य ने जल्द पानी सप्लाई करवाने की मांग की है।
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बीडीओ मिठवल सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि यह जल निगम की जिम्मेदारी है। मैं जल निगम को पत्र लिखूंगा कि जल्द से जल्द काम पूर्ण करवा कर जल आपूर्ति सप्लाई बहाल करवाए।
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बोले ग्रामीण
गांव में पानी प्लांट बनना शुरू हुआ तो एक उम्मीद जगी थी कि अब शुद्ध पेयजल मिलेगा। मगर अब यह उम्मीद टूट रही है। घर पर लगे देसी नल का ही सहारा है। शुद्ध पेयजल के चक्कर में गांव की सड़कें भी टूट गईं। जिससे आवाजाही में परेशानी हो रही है।
हीरा लाल कन्नौजिया, निवासी लमुहि
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पानी की सप्लाई यदि समय से मिलती तो शुद्ध पेयजल पीने को मिलता, जिससे शरीर स्वस्थ रहता और किसी प्रकार की बीमारी का खतरा नहीं होता। देसी नल का पानी दूषित होता है। इसलिए पानी खरीद कर मंगवाना पड़ता है। जिम्मेदारों को चाहिए कि जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल करवावें।
हरि प्रसाद मिश्रा, निवासी - लमुहि
- अधूरे प्रोजेक्ट से हसवापार गांव के टोला लमुही में लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। मिठवल ब्लॉक क्षेत्र के हसवापार गांव के टोला लमुही में जल जीवन मिशन के तहत 2.14 करोड़ रुपये की लागत से पानी प्लांट का निर्माण शुरू हुआ था। लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बाद भी अब तक गांव वालों को पेयजल नसीब नहीं हुआ है। साल भर पहले ही बोर करके पूरे गांव में पाइप की सप्लाई दी गई थी, लेकिन एक हजार की आबादी वाले गांव के लोग अभी तक पेयजल आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। उल्टा गांव के सड़कों की खुदाई करके छोड़ देने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से की, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
जल जीवन मिशन के तहत हसवापार गांव के टोला लमुही में हर घर पानी पहुंचाने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन जलापूर्ति अभी तक शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों को मजबूरी में देसी नल का पानी पीना पड़ रहा है। जबकि कम गहराई तक पास होने के कारण देसी नल का पानी दूषित रहता है। गांव में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सरकार का दावा हकीकत का रूप लेता नजर नहीं आ रहा है। गांव में प्रवेश करने के पहले मुख्य मार्ग पर पानी प्लांट के बगल में सड़क की खुदाई के दौरान नाली टूट गई है। गांव में कई अन्य जगहों पर भी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नालियों का बहाव कम होने की वजह से जलभराव की स्थिति बन जाती है। जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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हसवापार ग्राम सभा अंतर्गत मुडार खुर्द, हसवापार डीह, लमुहि, डड़िया नानकार, हसवापार सहित पांच गांव आते हैं। इन पांचों गांवों की कुल आबादी लगभग चार हजार के आसपास है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भगवान दास ने बताया कि पाइप सप्लाई का काम लमुहि और डड़िया नानकार में ही हुआ है शेष तीन गांवों में अभी तक नहीं हो पाया है। केवल लमुहि गांव में शुरू में ही ट्रायल के रूप में एक सप्ताह तक पानी की सप्लाई की गई थी। उसी दौरान जगह-जगह पाइप में लीकेज हो गया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कई बार किया लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। देवेंद्र चौरसिया, जनार्दन लोधी, रघुनाथ लोधी, तौलन गुप्ता, सुभाष, अरविंद शर्मा, सर्कस, हरिहर, विश्वनाथ, योगेश वर्मा, राम फेरन, अजीमुल्लाह व अन्य ने जल्द पानी सप्लाई करवाने की मांग की है।
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बीडीओ मिठवल सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि यह जल निगम की जिम्मेदारी है। मैं जल निगम को पत्र लिखूंगा कि जल्द से जल्द काम पूर्ण करवा कर जल आपूर्ति सप्लाई बहाल करवाए।
बोले ग्रामीण
गांव में पानी प्लांट बनना शुरू हुआ तो एक उम्मीद जगी थी कि अब शुद्ध पेयजल मिलेगा। मगर अब यह उम्मीद टूट रही है। घर पर लगे देसी नल का ही सहारा है। शुद्ध पेयजल के चक्कर में गांव की सड़कें भी टूट गईं। जिससे आवाजाही में परेशानी हो रही है।
हीरा लाल कन्नौजिया, निवासी लमुहि
पानी की सप्लाई यदि समय से मिलती तो शुद्ध पेयजल पीने को मिलता, जिससे शरीर स्वस्थ रहता और किसी प्रकार की बीमारी का खतरा नहीं होता। देसी नल का पानी दूषित होता है। इसलिए पानी खरीद कर मंगवाना पड़ता है। जिम्मेदारों को चाहिए कि जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल करवावें।
हरि प्रसाद मिश्रा, निवासी - लमुहि