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Siddharthnagar News: घोटाले की बहती गंगा में धोए हाथ... फंस गई गर्दन
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संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। विद्युत उपखंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में हुए 60 लाख रुपये के गबन के मामले में डुमरियागंज डिवीजन के तत्कालीन एक्सईएन सहित चार लोगों को शनिवार को निगम के प्रबंध निदेशक ने निलंबित कर दिया था। एक लेखाधिकारी के निलंबन के लिए विद्युत निगम के एमडी मध्यांचल ने संस्तुति दे दी है।
अब निगम उक्त लोगों पर अपना शिकंजा कसते हुए उनसे गबन की धनराशि वसूल करने की कवायद में जुट गया है। वहीं, दूसरी तरफ गबन केस की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी विद्युत निगम के एक्सईएन की तरफ से विभागीय जानकारी साक्ष्यों सहित मिलने के बाद गबन केस में निलंबित अधिकारियों पर भी केस दर्ज कर आरोपी बनाने की बात कह रहे हैं।
विद्युत उप खंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में तैनात रहे टेक्नीशियन मनोज कुमार ने एक अप्रैल 2022 से 30 अप्रैल 2023 की अवधि में 8,41,70, 218 रुपये (आठ करोड़ 41 लाख, 70 हजार आठ सौ अठारह रुपये ) के सापेक्ष राजस्व 7,81,54,792 रुपए ( 7 करोड़ 81 लाख, 54 हजार 7 सौ 92 रुपये) विद्युत निगम के राजस्व खाते में जमा किए थे।
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शेष बिजली बिल का संग्रह (राजस्व ) 60 लाख 15 हजार 425 रुपये खंड के खाते में जमा ही नहीं किए। संग्रहीत राजस्व और खंड के राजस्व खाते में जमा की गई धनराशि की नियमित जांच नहीं की गई। जबकि नियमता दैनिक रूप से संग्रहीत राजस्व खंड के राजस्व बैंक खाते में जमा कराना सुनिश्चित नहीं किया गया।
यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है, जिसकी कराई गई जांच में एक्सईएन और एसडीओ तथा लेखाधिकारी आदि की लापरवाही पाई गई थी। तत्कालीन एक्सईएन राममूरत के स्थानांतरण के बाद नए एक्सईएन संतोष कुमार त्रिपाठी के दिसंबर वर्ष 2024 में कागजातों के जांच पड़ताल और मिलान करने पर गबन का खुलासा हुआ था।
जिसके बाद एक्सईएन ने आरोपी टेक्नीशियन मनोज कुमार के विरुद्ध तहरीर देकर गबन का केस दर्ज कराया गया था। मामले में इंस्पेक्टर क्राइम आरके मिश्र विवेचना कर रहे थे और उन्होंने एक्सईएन से 17 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस का आरोप था कि मांगे गए बिंदुओं पर निगम के अधिकारी पूरी सूचना नहीं उपलब्ध करा रहे है।
जबकि एक्सईएन का दावा था कि 16 बिंदुओं पर सूचना उपलब्ध करा दी गई है। एक बिंदु जो उच्चाधिकारी के जरिये सूचना मिल सकती है। पत्राचार किया गया है। वहीं, इसी बीच शनिवार को विभागीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर गबन मामले में संलिप्ता और लापरवाही पाए जाने पर पूर्वाचल डिस्काम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने शनिवार को डुमरियागंज डिवीजन कार्यालय में तैनात रहे तत्कालीन एक्सईएन मौजूदा तैनाती बक्सर डिवीजन-जौनपुर राममूरत तथा सहायक अभियंता राजस्व सुनील कुमार श्रीवास्तव, सहायक अभियंता राजस्व सरफराज अहमद अल्वी, राजस्व रोकणिया सजयं कुमार को 60 लाख रुपये गबन के मामले में संलिप्ता एवं लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित करने के साथ ही लेखाधिकारी सुजीत कुमार सोनकर के निलंबन को लेकर संस्तुति एमडी मध्यांचल ने दे दी है।
टेक्नीशियन मनोज कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब इनकी मुश्किलें बढ़ेंगी। क्योंकि पुलिस विभाग के अलावा विभागीय शिकंजा कसेगा। जांच बढ़ेगी। अगर लेनदेन की पुष्टि हो गई तो रिकवरी के साथ मुकदमे जद में आए जाएंगे। क्योंकि अब जांच की रफ्तार ते हो जाएगी।
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डुमरियागंज। विद्युत उपखंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में हुए 60 लाख रुपये के गबन के मामले में डुमरियागंज डिवीजन के तत्कालीन एक्सईएन सहित चार लोगों को शनिवार को निगम के प्रबंध निदेशक ने निलंबित कर दिया था। एक लेखाधिकारी के निलंबन के लिए विद्युत निगम के एमडी मध्यांचल ने संस्तुति दे दी है।
अब निगम उक्त लोगों पर अपना शिकंजा कसते हुए उनसे गबन की धनराशि वसूल करने की कवायद में जुट गया है। वहीं, दूसरी तरफ गबन केस की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी विद्युत निगम के एक्सईएन की तरफ से विभागीय जानकारी साक्ष्यों सहित मिलने के बाद गबन केस में निलंबित अधिकारियों पर भी केस दर्ज कर आरोपी बनाने की बात कह रहे हैं।
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विद्युत उप खंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में तैनात रहे टेक्नीशियन मनोज कुमार ने एक अप्रैल 2022 से 30 अप्रैल 2023 की अवधि में 8,41,70, 218 रुपये (आठ करोड़ 41 लाख, 70 हजार आठ सौ अठारह रुपये ) के सापेक्ष राजस्व 7,81,54,792 रुपए ( 7 करोड़ 81 लाख, 54 हजार 7 सौ 92 रुपये) विद्युत निगम के राजस्व खाते में जमा किए थे।
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शेष बिजली बिल का संग्रह (राजस्व ) 60 लाख 15 हजार 425 रुपये खंड के खाते में जमा ही नहीं किए। संग्रहीत राजस्व और खंड के राजस्व खाते में जमा की गई धनराशि की नियमित जांच नहीं की गई। जबकि नियमता दैनिक रूप से संग्रहीत राजस्व खंड के राजस्व बैंक खाते में जमा कराना सुनिश्चित नहीं किया गया।
यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है, जिसकी कराई गई जांच में एक्सईएन और एसडीओ तथा लेखाधिकारी आदि की लापरवाही पाई गई थी। तत्कालीन एक्सईएन राममूरत के स्थानांतरण के बाद नए एक्सईएन संतोष कुमार त्रिपाठी के दिसंबर वर्ष 2024 में कागजातों के जांच पड़ताल और मिलान करने पर गबन का खुलासा हुआ था।
जिसके बाद एक्सईएन ने आरोपी टेक्नीशियन मनोज कुमार के विरुद्ध तहरीर देकर गबन का केस दर्ज कराया गया था। मामले में इंस्पेक्टर क्राइम आरके मिश्र विवेचना कर रहे थे और उन्होंने एक्सईएन से 17 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस का आरोप था कि मांगे गए बिंदुओं पर निगम के अधिकारी पूरी सूचना नहीं उपलब्ध करा रहे है।
जबकि एक्सईएन का दावा था कि 16 बिंदुओं पर सूचना उपलब्ध करा दी गई है। एक बिंदु जो उच्चाधिकारी के जरिये सूचना मिल सकती है। पत्राचार किया गया है। वहीं, इसी बीच शनिवार को विभागीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर गबन मामले में संलिप्ता और लापरवाही पाए जाने पर पूर्वाचल डिस्काम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने शनिवार को डुमरियागंज डिवीजन कार्यालय में तैनात रहे तत्कालीन एक्सईएन मौजूदा तैनाती बक्सर डिवीजन-जौनपुर राममूरत तथा सहायक अभियंता राजस्व सुनील कुमार श्रीवास्तव, सहायक अभियंता राजस्व सरफराज अहमद अल्वी, राजस्व रोकणिया सजयं कुमार को 60 लाख रुपये गबन के मामले में संलिप्ता एवं लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित करने के साथ ही लेखाधिकारी सुजीत कुमार सोनकर के निलंबन को लेकर संस्तुति एमडी मध्यांचल ने दे दी है।
टेक्नीशियन मनोज कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब इनकी मुश्किलें बढ़ेंगी। क्योंकि पुलिस विभाग के अलावा विभागीय शिकंजा कसेगा। जांच बढ़ेगी। अगर लेनदेन की पुष्टि हो गई तो रिकवरी के साथ मुकदमे जद में आए जाएंगे। क्योंकि अब जांच की रफ्तार ते हो जाएगी।