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Siddharthnagar News: बसंत पंचमी
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वसंत पंचमी आज, विद्या की देवी की होगी उपासना
सिद्धार्थनगर। माघ शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि बृहस्पतिवार को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन शिक्षा की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। लोग देवी मंदिरों में जाकर भगवती की आराधना करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान होंगे। भारत में इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत भी हो जाती है। इस दिन कुछ खास चीजें खरीदकर घर लाने से भगवती सरस्वती की कृपा होती है।
ज्योतिर्विदों के अनुसार, इस बार वसंत पंचमी को सरस्वती की पूजा के लिए दुर्लभ चार शुभ योग बन रहे हैं। शिव योग, सिद्ध योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग रहेगा। ये चारों योग बहुत ही शुभ योग हैं। वसंत पंचमी पर्व पर शब्द, स्वरों, ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन का महत्व है। प्रकृति के नवनिर्माण की इस ऋतु में उत्तरायण ग्रह परिवर्तन के साथ ऋतु परिवर्तन होता है। प्रकृति अपनी नई छटा बिखेरती है।
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि माघ शुक्ल पंचमी तिथि 25 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 26 जनवरी को सुबह 10:28 तक रहेगी। उदया तिथि के हिसाब से वसंत पंचमी 26 जनवरी को मनाई जाएगी। देवी सरस्वती की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कल सुबह 07 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12:34 तक रहेगा।
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दूर होंगी वैवाहिक जीवन की समस्याएं
वसंत पंचमी के दिन भगवान कामदेव और माता रति की भी पूजा की जाती है। वसंत पंचमी के दिन जल्दी स्नान करके पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ मां सरस्वती की आराधना करनी चाहिए। भगवान कामदेव और माता रति की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो जाती हैं।
शादी-विवाह से जुड़ी सामग्री की खरीदारी करना शुभ
मान्यताओं के अनुसार वसंत पंचमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का तिलकोत्सव हुआ था। इसलिए इस दिन शादी-विवाह से जुड़ी चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। जैसे- शादी का जोड़ा, गहने या फिर कोई अन्य विवाह उपयोगी वस्तु को खरीदना शुभ माना जाता है।
पीले रंग की फूल माला माता को पसंद
मां सरस्वती को पीले रंग के फूल बहुत पसंद हैं। इसलिए वसंत पंचमी के दिन देवी को पीले रंग के फूल चढ़ाएं और अपने घर में देवी सरस्वती की पूजा कर उन्हें पीले रंग के फूलों की माला लाएं और साथ ही इस दिन घर के मुख्य द्वार की भी पीले रंग के फूलों से सजावट करनी चाहिए।
संगीत से संबंधित यंत्र
विद्या की देवी को संगीत की देवी कहा जाता है और उनके चित्र में उनके हाथों में वीणा दिखाई देती है। इसलिए इस दिन संगीत से संबंधित कोई भी वस्तु घर लाना बहुत शुभ माना जाता है। खासकर उनके लिए जो संगीत से प्रेम रखते हैं।
वसंत पंचमी पर उन्हें प्रसन्न करने के लिए आप कोई छोटा सा वाद्य यंत्र भी लेकर आ सकते हैं। छोटी-सी बांसुरी लेकर मां सरस्वती के चरणों में अर्पित कर सकते हैं।
मोरपंखी का पौधा घर लाना शुभ माना गया है
वसंत पंचमी के दिन आप मोरपंखी का पौधा भी घर लेकर आ सकते हैं। इसे विद्या का पौधा भी कहा जाता है। जिस घर में मोरपंखी का पौधा होता है, उस घर के बच्चों पर स्वयं माता सरस्वती की कृपा रहती है। घर की पूर्व दिशा में यह पौधा जोड़े से लगाने पर बहुत लाभ देता है। वसंत पंचमी के दिन आप माता सरस्वती का कोई चित्र, मूर्ति या प्रतिमा भी घर लेकर आ सकते हैं। घर में सरस्वती की मूर्ति रखना बहुत अच्छा होता है।
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सिद्धार्थनगर। माघ शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि बृहस्पतिवार को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन शिक्षा की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। लोग देवी मंदिरों में जाकर भगवती की आराधना करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान होंगे। भारत में इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत भी हो जाती है। इस दिन कुछ खास चीजें खरीदकर घर लाने से भगवती सरस्वती की कृपा होती है।
ज्योतिर्विदों के अनुसार, इस बार वसंत पंचमी को सरस्वती की पूजा के लिए दुर्लभ चार शुभ योग बन रहे हैं। शिव योग, सिद्ध योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग रहेगा। ये चारों योग बहुत ही शुभ योग हैं। वसंत पंचमी पर्व पर शब्द, स्वरों, ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन का महत्व है। प्रकृति के नवनिर्माण की इस ऋतु में उत्तरायण ग्रह परिवर्तन के साथ ऋतु परिवर्तन होता है। प्रकृति अपनी नई छटा बिखेरती है।
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आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि माघ शुक्ल पंचमी तिथि 25 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 26 जनवरी को सुबह 10:28 तक रहेगी। उदया तिथि के हिसाब से वसंत पंचमी 26 जनवरी को मनाई जाएगी। देवी सरस्वती की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कल सुबह 07 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12:34 तक रहेगा।
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दूर होंगी वैवाहिक जीवन की समस्याएं
वसंत पंचमी के दिन भगवान कामदेव और माता रति की भी पूजा की जाती है। वसंत पंचमी के दिन जल्दी स्नान करके पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ मां सरस्वती की आराधना करनी चाहिए। भगवान कामदेव और माता रति की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो जाती हैं।
शादी-विवाह से जुड़ी सामग्री की खरीदारी करना शुभ
मान्यताओं के अनुसार वसंत पंचमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का तिलकोत्सव हुआ था। इसलिए इस दिन शादी-विवाह से जुड़ी चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। जैसे- शादी का जोड़ा, गहने या फिर कोई अन्य विवाह उपयोगी वस्तु को खरीदना शुभ माना जाता है।
पीले रंग की फूल माला माता को पसंद
मां सरस्वती को पीले रंग के फूल बहुत पसंद हैं। इसलिए वसंत पंचमी के दिन देवी को पीले रंग के फूल चढ़ाएं और अपने घर में देवी सरस्वती की पूजा कर उन्हें पीले रंग के फूलों की माला लाएं और साथ ही इस दिन घर के मुख्य द्वार की भी पीले रंग के फूलों से सजावट करनी चाहिए।
संगीत से संबंधित यंत्र
विद्या की देवी को संगीत की देवी कहा जाता है और उनके चित्र में उनके हाथों में वीणा दिखाई देती है। इसलिए इस दिन संगीत से संबंधित कोई भी वस्तु घर लाना बहुत शुभ माना जाता है। खासकर उनके लिए जो संगीत से प्रेम रखते हैं।
वसंत पंचमी पर उन्हें प्रसन्न करने के लिए आप कोई छोटा सा वाद्य यंत्र भी लेकर आ सकते हैं। छोटी-सी बांसुरी लेकर मां सरस्वती के चरणों में अर्पित कर सकते हैं।
मोरपंखी का पौधा घर लाना शुभ माना गया है
वसंत पंचमी के दिन आप मोरपंखी का पौधा भी घर लेकर आ सकते हैं। इसे विद्या का पौधा भी कहा जाता है। जिस घर में मोरपंखी का पौधा होता है, उस घर के बच्चों पर स्वयं माता सरस्वती की कृपा रहती है। घर की पूर्व दिशा में यह पौधा जोड़े से लगाने पर बहुत लाभ देता है। वसंत पंचमी के दिन आप माता सरस्वती का कोई चित्र, मूर्ति या प्रतिमा भी घर लेकर आ सकते हैं। घर में सरस्वती की मूर्ति रखना बहुत अच्छा होता है।
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