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Siddharthnagar News: नए स्टेशन भवन व यात्री सुविधाओं के लिए दो माह करें इंतजार

Mon, 05 Feb 2024 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 05 Feb 2024 02:09 AM IST
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Wait two months for new station building and passenger facilities
सिद्धार्थनगर। निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन सिद्धार्थनगर का भवन दो माह में पूरा हो सकेगा, तब तक यहां आने वाले यात्रियों एवं शहरियों को सांसत झेलनी होगी। पुराने स्टेशन भवन की जगह नए भवन निर्माण के दौरान प्रवेश द्वार बंद होने से यात्रियों को घूमकर प्लेटफाॅर्म पर आना जाना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर में चारो तरफ पसरे निर्माण सामग्री के बीच से गुजरने के दौरान भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही बाउंड्रीवाल निर्माण होने से स्टेशन के सामने रोड पर भी आवागमन बाधित होने से वाहन चालक जाम से जूझते है। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर ही इन समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
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गोरखपुर, गोंडा वाया सिद्धार्थनगर छोटी लाइन की जगह बड़ी लाइन बने आठ वर्ष से अधिक हो गया था लेकिन स्टेशन भवन पुराना था, जबकि प्लेटफाॅर्म नया बन गया था। जिससे पुराना स्टेशन भवन, टिकट काउंटर व यात्री विश्रामालय नीचे हो गया था और नया प्लेटफाॅर्म ऊंचा हो गया था। अब नया स्टेशन भवन प्लेटफाॅर्म के समानांतर ऊंचाई पर बन रहा है। जिससे यात्रियों को आवागमन समेत अन्य सुविधाएं बेहतर की जा रही है। वहीं रेलवे स्टेशन के पीछे परिसर में पार्किंग क्षेत्र बढ़ाया जा रहा है। जिससे यहां पर अधिक वाहनों के खड़े होने की जगह मिलेगी। इसके साथ ही स्टेशन किनारे बने रेलवे की पुरानी एवं क्षतिग्रस्त हो चुकी बाउंड्रीवाल भी निर्मित हो रही है। इन निर्माण कार्याें के दौरान पुराने भवन से प्लेटफाॅर्म पर आने जाने का रास्ता बाधित हो गया है। जिससे यात्रियों को बगल से घूमकर प्लेटफाॅर्म पर आना जाना पड़ रहा है। साथ ही परिसर में पसरे ईंट, गिट्टी, बालू आदि निर्माण सामग्री के कारण भी वाहन चालकों एवं यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
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रविवार को स्टेशन पहुंचे रवि अग्रवाल का कहना था कि पिछले चार माह से चल रहे निर्माण के कारण यहां आने जाने में सांसत हो रही है। जब भी कहीं जाने के ट्रेन पकड़ने आते है अथवा ट्रेन से उतरते है तो प्लेटफार्म और परिसर में बिखरे ईंट, गिट्टी आदि से बचकर नहीं निकले तो ठोकर लगकर घायल होना तय है।
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बढ़ रहा प्लेटफाॅर्म के छाजन का दायरा
नया स्टेशन भवन के साथ ही प्लेटफाॅर्म नंबर एक और दो पर बने छाजन का दायरा बढ़ाया जा रहा है। दोनों प्लेटफाॅर्म पर 40-40 फीट छाजन बढ़ाए जा रहे है, जिससे यहां ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को बारिश, धूप और ठंड में बचने में सहूलियत मिलेगी। प्लेटफाॅर्म पर बैठने एवं पेयजल की भी व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही यात्री विश्रामालय का भी नए सिरे से निर्माण हो रहा है, जिसमें बेहतर यात्री सुविधाएं मुहैया होगी। इसके साथ ही स्टेशन के दक्षिण तरफ गुड शेड बनने से माल उतारने एवं रखरखाव की सुविधा बढ़ेगी।
बाउंड्रीवाल बनी तो रुक जाएगी कई घरों की राह
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के सामने दक्षिण तरफ खाली पड़ी भूमि के किनारे बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए खुदाई कर पिलर बनने का कार्य शुरू हो गया है। अधिकांश लोगों ने रेलवे भूमि से सटे मकान बनाकर स्टेशन की तरफ दरवाजा खोला है। इससे रेलवे भूमि के किनारे बने मकानों के निकास बंद हो जाएंगे, इससे यहां रहने वाले लोगों की सांसत होनी तय है। दक्षिण तरफ बाउंड्रीवाल बनने से गोबरहवा बाजार से स्टेशन की तरफ आने वाले दो रास्ते भी बंद हो जाएंगे, जिससे आसपास के 200 से अधिक घर के लोगों का आवागमन प्रभावित होना तय है।

अमृत भारत योजना के तहत सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्य कराए जा रहे हें, इसे जल्द पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया है।
-पंकज सिंह, सीपीआरओ, पूर्वाेत्तर रेलवे गोरखपुर
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