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दिनभर इंतजार, शाम को मायूस
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 11 May 2016 10:43 PM IST
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सिकरी बखरिया स्थित स्टेट बैंक की शाखा पर ग्राहकों की लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भारतीय स्टेट बैंक सिकरी बखरिया शाखा में अव्यवस्था से ग्राहक परेशान हैं। हाल यह है कि ग्राहक सुबह से कामकाज निबटाने के लिए बैंक आते हैं, लेकिन फिर भी बहुत से ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं बैंक के जुटे लोग कम स्टाफ होने का तर्क देते हैं।
सिकरी बखरिया कस्बे में मुख्य रूप से एक ही शाखा संचालित है। इससे 25 से अधिक गांव संबद्ध हैं। ऐसे में यहां हमेशा भीड़ लगी रहती है। बुजुर्ग, महिला, कर्मचारी, व्यवसाई सभी को लेन-देन में पूरा दिन लग जाता है। कई बार तो तीन-चार दिन तक चक्कर लगाते पड़ते हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्राहकों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। आम पब्लिक कतार में धक्के खाती है, जबकि पहुंच वाले लोग किसी प्रकार काम कराकर लौट जाते हैं। वहीं बैंक ग्राहकों से सुविधा के नाम पर प्रतिवर्ष 150 सौ रुपये प्रति खाते से काटती है, मगर यहां ग्राहकों के लिए न तो एक पंखा है और न ही शुद्ध पानी पीने की व्यवस्था।
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इस संबंध में शाखा प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण यह समस्या हो गई है। अगर लेन-देन के लिए एक काउंटर और हो जाए तो असुविधा नहीं होगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द समस्या दूर हो जाएगी।
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सिकरी बखरिया कस्बे में मुख्य रूप से एक ही शाखा संचालित है। इससे 25 से अधिक गांव संबद्ध हैं। ऐसे में यहां हमेशा भीड़ लगी रहती है। बुजुर्ग, महिला, कर्मचारी, व्यवसाई सभी को लेन-देन में पूरा दिन लग जाता है। कई बार तो तीन-चार दिन तक चक्कर लगाते पड़ते हैं।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्राहकों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। आम पब्लिक कतार में धक्के खाती है, जबकि पहुंच वाले लोग किसी प्रकार काम कराकर लौट जाते हैं। वहीं बैंक ग्राहकों से सुविधा के नाम पर प्रतिवर्ष 150 सौ रुपये प्रति खाते से काटती है, मगर यहां ग्राहकों के लिए न तो एक पंखा है और न ही शुद्ध पानी पीने की व्यवस्था।
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इस संबंध में शाखा प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण यह समस्या हो गई है। अगर लेन-देन के लिए एक काउंटर और हो जाए तो असुविधा नहीं होगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द समस्या दूर हो जाएगी।