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ग्रामीणों ने रुकवाया सीसी सड़क का निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 20 Jan 2017 10:48 PM IST
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चैनिया गांव में सीसी सड़क की दीवार में प्रयोग किया जा रहा दोयम दर्जे का ईंट।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। भनवापुर ब्लाक के चैनिया गांव में मानक के अनुरुप सीसी रोड का निर्माण न होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने शुक्रवार को काम रुकवा दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मजदूरों को भी भगा दिया। अनियमितता की शिकायत विभागीय अधिकारियों से करते हुए जांच की मांग की है। जांच पूरी न होने तक सड़क निर्माण न होने देने की चेतावनी दी। चैनिया गांव में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग रामकिशुन के घर से प्राथमिक स्कूल के पुल तक करीब 500 मीटर सीसी सड़क का निर्माण करा रहा है। इस कार्य पर 18 लाख रुपये स्वीकृत हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। शुक्रवार को सड़क निर्माण के लिए किनारे-किनारे बन रही दीवाल में दोयम दर्जे की ईंट के साथ ही 3 की जगह 2 ही ईंट का प्रयोग किया जा रहा था। गारे में सीमेंट और बालू का अनुपात भी मानक के अनुरूप नहीं था। इससे क्षुब्ध होकर गांव के सुनील पांडेय, राजू, ओमप्रकाश, बहतराम, गुदरी, रामलाल, विशंभर, दुर्गेश आदि ने काम रोकवा दिया। मजदूरों को भी वहां से भगा दिया। सुनील ने विभाग के एक्सईएन को फोन परनिर्माण में अनियमितता की जानकारी दी।
चेतावनी दी कि अगर निर्माण मानक के अनुसार नहीं हुआ तो निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में एक्सईएन अभय प्रताप सिंह ने कहा कि वह अभी जिले से बाहर हैं। मौके पर जेई को भेजकर निर्माण की जांच कराई जाएगी। अगर ईंट और गारा मानकविहीन है, तो उसे वापस कराकर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाएगा।
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ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। शुक्रवार को सड़क निर्माण के लिए किनारे-किनारे बन रही दीवाल में दोयम दर्जे की ईंट के साथ ही 3 की जगह 2 ही ईंट का प्रयोग किया जा रहा था। गारे में सीमेंट और बालू का अनुपात भी मानक के अनुरूप नहीं था। इससे क्षुब्ध होकर गांव के सुनील पांडेय, राजू, ओमप्रकाश, बहतराम, गुदरी, रामलाल, विशंभर, दुर्गेश आदि ने काम रोकवा दिया। मजदूरों को भी वहां से भगा दिया। सुनील ने विभाग के एक्सईएन को फोन परनिर्माण में अनियमितता की जानकारी दी।
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चेतावनी दी कि अगर निर्माण मानक के अनुसार नहीं हुआ तो निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में एक्सईएन अभय प्रताप सिंह ने कहा कि वह अभी जिले से बाहर हैं। मौके पर जेई को भेजकर निर्माण की जांच कराई जाएगी। अगर ईंट और गारा मानकविहीन है, तो उसे वापस कराकर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाएगा।
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