{"_id":"5ffc7c2c8ebc3e31c965d3f4","slug":"village-head-returned-bribe-from-beneficiary-siddharthnagar-news-gkp3804988136","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधान ने वापस किए लाभार्थी से ली गई रिश्वत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम प्रधान ने वापस किए लाभार्थी से ली गई रिश्वत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम प्रधान ने लाभार्थी से ली गई रिश्वत लौटाई
लोटन ब्लॉक के एक गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोटन ब्लॉक के एक गांव के प्रधान की ओर से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच लाभार्थियों में से एक का रिश्वत प्रधान ने वापस कर दिया, जबकि चार लोगों से ली गई रिश्वत वापस नहीं करने पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
शिकायती पत्र के अनुसार एक गांव में पीएम आवास योजना देने के लिए लाभार्थियों से ग्राम प्रधान ने रिश्वत ली थी। प्रकरण की जांच जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक संत कुमार को मिली। जांच के दौरान प्रधान पर रिश्वत लेने का आरोप साबित हुआ। जांच में तारामती ने 20 हजार, दीनानाथ, मालती, सुकई, इसरावती ने 10-10 रुपये देने की बता स्वीकारी। जबकि मीरा, पूनम, फूला, काशीनाथ, सीता और त्रिवेणी आदि ने रिश्वत नहीं लेने की बात बताई। जांच के दौरान लाभार्थियों से लिए गए रिश्वत को वापस करने के लिए कहा गया। इसके बाद भी अब तक प्रधान ने तारामती का 20 हजार रुपये वापस कर दिया। चार लाभार्थियों की रकम वापस नहीं करने पर पीडी ने खंड विकास अधिकारी को लाभार्थियों से तहरीर लेकर केस दर्ज कराने और धनराशि वापसी के लिए पत्र लिखा है।
विज्ञापन
लोटन ब्लॉक के एक गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोटन ब्लॉक के एक गांव के प्रधान की ओर से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच लाभार्थियों में से एक का रिश्वत प्रधान ने वापस कर दिया, जबकि चार लोगों से ली गई रिश्वत वापस नहीं करने पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
शिकायती पत्र के अनुसार एक गांव में पीएम आवास योजना देने के लिए लाभार्थियों से ग्राम प्रधान ने रिश्वत ली थी। प्रकरण की जांच जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक संत कुमार को मिली। जांच के दौरान प्रधान पर रिश्वत लेने का आरोप साबित हुआ। जांच में तारामती ने 20 हजार, दीनानाथ, मालती, सुकई, इसरावती ने 10-10 रुपये देने की बता स्वीकारी। जबकि मीरा, पूनम, फूला, काशीनाथ, सीता और त्रिवेणी आदि ने रिश्वत नहीं लेने की बात बताई। जांच के दौरान लाभार्थियों से लिए गए रिश्वत को वापस करने के लिए कहा गया। इसके बाद भी अब तक प्रधान ने तारामती का 20 हजार रुपये वापस कर दिया। चार लाभार्थियों की रकम वापस नहीं करने पर पीडी ने खंड विकास अधिकारी को लाभार्थियों से तहरीर लेकर केस दर्ज कराने और धनराशि वापसी के लिए पत्र लिखा है।
विज्ञापन