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Siddharthnagar News: तालाब पट्टा आवंटन के नाम पर रुपये लेनदेन का वीडियो वायरल
Sun, 03 Mar 2024 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 03 Mar 2024 11:02 PM IST
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डुमरियागंज। डुमरियागंज तहसील मे तैनात एक कर्मचारी की ओर से तालाब पट्टा आवंटन के नाम पर पैसे के लेनदेन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे संज्ञान में लेते हुए रविवार को एसडीएम डुमरियागंज ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
तालाब पट्टा कराने को लेकर डुमरियागंज तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानून-गो के लेनदेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि जिसमें वह एक व्यक्ति से तालाब पट्टा के नाम लेन देन की बात स्वीकार करते हुए कार्य न होने की स्थिति में ली गई। धनराशि वापस करने की बात कह रहे हैं। तहसील क्षेत्र के बेंवा मुस्तफा ग्राम पंचायत में स्थित पोखरे की नीलामी हुई थी। जिसमें एकमात्र आवेदन प्रियावती देवी पत्नी प्रदुमन ने किया। जिसपर लगान के रूप में निर्धारित 40 हजार रुपये आवेदिका ने जमा किया। जिसकी रसीद तो पीडि़त को मिल गई।
पीडि़त का आरोप हैं की निर्धारित लगान के अतिरिक्त रजिस्ट्रार कानून-गो ने पट्टा स्वीकृत के नाम पर रुपये लिया। पोखरे का पट्टा न होने की स्थिति में अतिरिक्त धनराशि मांगने पर कुछ समय बाद वापस करने की बात कर रहे हैं। वहीं पीडि़त ने बताया कि पट्टे के नाम पर पूर्व के एसडीएम ने पट्टे कि धनराशि 40 हजार के साथ दस हजार रुपये लिए साथ ही लेखपाल ने 15 हजार और रजिस्टार कानून गो ने सात हजार रुपये लिए लेकिन पट्टा नहीं किया और अब कह रहे हैं कि आपका पट्टा नहीं होगा जबकि पोखरे कि साफ-सफाई के लिए डेढ़ लाख और उसमें मछली के बच्चे जिसकी लागत तीस हजार होगी उसे तालाब में डाल दिए हैं।
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पीड़ित ने मामले में एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है साथ ही मामले को डीएम को भी शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है स वही इस संबंध में रजिस्ट्रार कानून-गो सुशील तिवारी ने वायरल वीडियो के जरिए लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और प्रायोजित बताया है।
इस संबंध में डुमरियागंज एसडीएम डॉ. संजीव दीक्षित ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर और डीएम के निर्देश पर तहसीलदार डुमरियागंज डॉ. संतराज सिंह बघेल को मामले की जांच करके तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया गया है, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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तालाब पट्टा कराने को लेकर डुमरियागंज तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानून-गो के लेनदेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि जिसमें वह एक व्यक्ति से तालाब पट्टा के नाम लेन देन की बात स्वीकार करते हुए कार्य न होने की स्थिति में ली गई। धनराशि वापस करने की बात कह रहे हैं। तहसील क्षेत्र के बेंवा मुस्तफा ग्राम पंचायत में स्थित पोखरे की नीलामी हुई थी। जिसमें एकमात्र आवेदन प्रियावती देवी पत्नी प्रदुमन ने किया। जिसपर लगान के रूप में निर्धारित 40 हजार रुपये आवेदिका ने जमा किया। जिसकी रसीद तो पीडि़त को मिल गई।
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पीडि़त का आरोप हैं की निर्धारित लगान के अतिरिक्त रजिस्ट्रार कानून-गो ने पट्टा स्वीकृत के नाम पर रुपये लिया। पोखरे का पट्टा न होने की स्थिति में अतिरिक्त धनराशि मांगने पर कुछ समय बाद वापस करने की बात कर रहे हैं। वहीं पीडि़त ने बताया कि पट्टे के नाम पर पूर्व के एसडीएम ने पट्टे कि धनराशि 40 हजार के साथ दस हजार रुपये लिए साथ ही लेखपाल ने 15 हजार और रजिस्टार कानून गो ने सात हजार रुपये लिए लेकिन पट्टा नहीं किया और अब कह रहे हैं कि आपका पट्टा नहीं होगा जबकि पोखरे कि साफ-सफाई के लिए डेढ़ लाख और उसमें मछली के बच्चे जिसकी लागत तीस हजार होगी उसे तालाब में डाल दिए हैं।
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पीड़ित ने मामले में एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है साथ ही मामले को डीएम को भी शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है स वही इस संबंध में रजिस्ट्रार कानून-गो सुशील तिवारी ने वायरल वीडियो के जरिए लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और प्रायोजित बताया है।
इस संबंध में डुमरियागंज एसडीएम डॉ. संजीव दीक्षित ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर और डीएम के निर्देश पर तहसीलदार डुमरियागंज डॉ. संतराज सिंह बघेल को मामले की जांच करके तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया गया है, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।