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नियम से अनजान, सड़क हादसों ने गवां रहे जान
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नियम से अनजान, सड़क हादसों में गवां रहे जान
साढ़े तीन वर्ष में 400 से अधिक लोगों की हादसे में हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। यातायात नियमों के प्रति अज्ञानता और लापरवाही वाहन चालकों के लिए मौत का कारण बन रही है। नियम से अनजान बनकर यात्रा करने वालों की सड़क हादसे में जान जा रही है। साढ़े तीन वर्ष में सड़क हादसों में 400 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। अधिकांश आज भी दिव्यांग की जिंदगी जी रहे हैं। यह वह आंकड़े हैं, जिनका पोस्टमार्टम हुआ और पुलिस डायरी तक पहुंची है। इसके अलावा न जाने कितनी ऐसी घटनाएं हुई होंगी, जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और नवंबर माह में यातायात जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है। साथ ही स्कूल, कॉलेज और चौराहों पर तरह-तरह से वाहन चालकों को यातायात नियम के बारे में बताया जाता है। बावजूद इसके सड़क हादसे कम होने की बजाए बढ़ रहे हैं। सड़क पर बढ़ती वाहनों की आवाजाही और नियम के प्रति अज्ञानता वाहन चालकों के मौत की वजह बन रही है। हादसे में बचे तो दिव्यांग होकर जिंदगी काट रहे हैं। वर्ष 2021 में अब तक 40 से अधिक लोग जान गवां चुके हैं। केवल मई माह में 33 सड़क हादसे हुए, इसमें 22 लोगों की मौत हो गई। जो चिंता का विषय बन चुकी है। सीओ शोहरतगढ़ व यातायात प्रदीप यादव ने बताया कि सड़क हादसों से बचाव के लिए समय-समय पर वाहन चालकों को जागरूक किया जाता है। चेकिंग के दौरान नियम का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। विशेष अभियान चलाकर वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा।
ट्रैक्टर की चपेट में आने से गई थी किशोरी की जान
उसका थानाक्षेत्र के कटकी गांव के पास सात जून को साइकिल सवार 16 वर्षीय किशोरी की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि चालक इयरफोन लगाकर गाना सुन रहा था। अगर गाना न सुनता तो शायद ड्राइविंग के दौरान सतर्क रहता और हादसा न होता है। जबकि वाहन चलाते समय इयरफोन का इस्तेमाल वर्जित है।
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हादसे में एक साथ चली गई तीन की जान
भवानीगंज थानाक्षेत्र के खुनखुन चौराहे पर तीन जून को बाइक सवार को पिकअप ने टक्कर मार दी। इस हादसे में ननद और भाभी के अलावा गांव के ही व्यक्ति की जान चली गई। हादसे के पीछे तेज रफ्तार से वाहन चलाने की बात सामने आई। अगर धीमी गति से वाहन चलाते तो हादसा न होता और आज शायद जीवित रहते। इसके अलावा एक ही बाइक पर तीन सवारी भी बैठाना गलत है।
सड़क पर करें नियमों का पालन
सड़क हादसों से बचने के लिए यातायात नियम का पालन बेहद जरूरी है। अगर दो पहिया वाहन चलाते हैं तो हेलमेट अवश्य लगाएं। बाइक पर तीन सवारी कभी न चलें। अपने ही लेन में चलें और मुड़ते समय डिपर का प्रयोग अवश्य करें। तेज गति में कभी वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय इयरफोन का प्रयोग न करें। वहीं चार पहिया वाहन चलाते समय सीटबेल्ट का प्रयोग करें। वाहन में क्षमता से अधिक सवारी न भरें। सामने वाले वाले से उचित दूरी बनाकर चलें। ओवरटेक न करें तय गति में ही वाहन चलाएं। इन बिंदुओं का ध्यान रखेंगे तो सड़क हादसों से बचा जा सकता है।
हादसों में एक नजर
वर्ष हादसा घायल मौत
2018 141 78 80
2019 129 69 89
2020 143 71 93
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साढ़े तीन वर्ष में 400 से अधिक लोगों की हादसे में हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। यातायात नियमों के प्रति अज्ञानता और लापरवाही वाहन चालकों के लिए मौत का कारण बन रही है। नियम से अनजान बनकर यात्रा करने वालों की सड़क हादसे में जान जा रही है। साढ़े तीन वर्ष में सड़क हादसों में 400 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। अधिकांश आज भी दिव्यांग की जिंदगी जी रहे हैं। यह वह आंकड़े हैं, जिनका पोस्टमार्टम हुआ और पुलिस डायरी तक पहुंची है। इसके अलावा न जाने कितनी ऐसी घटनाएं हुई होंगी, जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और नवंबर माह में यातायात जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है। साथ ही स्कूल, कॉलेज और चौराहों पर तरह-तरह से वाहन चालकों को यातायात नियम के बारे में बताया जाता है। बावजूद इसके सड़क हादसे कम होने की बजाए बढ़ रहे हैं। सड़क पर बढ़ती वाहनों की आवाजाही और नियम के प्रति अज्ञानता वाहन चालकों के मौत की वजह बन रही है। हादसे में बचे तो दिव्यांग होकर जिंदगी काट रहे हैं। वर्ष 2021 में अब तक 40 से अधिक लोग जान गवां चुके हैं। केवल मई माह में 33 सड़क हादसे हुए, इसमें 22 लोगों की मौत हो गई। जो चिंता का विषय बन चुकी है। सीओ शोहरतगढ़ व यातायात प्रदीप यादव ने बताया कि सड़क हादसों से बचाव के लिए समय-समय पर वाहन चालकों को जागरूक किया जाता है। चेकिंग के दौरान नियम का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। विशेष अभियान चलाकर वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा।
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ट्रैक्टर की चपेट में आने से गई थी किशोरी की जान
उसका थानाक्षेत्र के कटकी गांव के पास सात जून को साइकिल सवार 16 वर्षीय किशोरी की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि चालक इयरफोन लगाकर गाना सुन रहा था। अगर गाना न सुनता तो शायद ड्राइविंग के दौरान सतर्क रहता और हादसा न होता है। जबकि वाहन चलाते समय इयरफोन का इस्तेमाल वर्जित है।
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हादसे में एक साथ चली गई तीन की जान
भवानीगंज थानाक्षेत्र के खुनखुन चौराहे पर तीन जून को बाइक सवार को पिकअप ने टक्कर मार दी। इस हादसे में ननद और भाभी के अलावा गांव के ही व्यक्ति की जान चली गई। हादसे के पीछे तेज रफ्तार से वाहन चलाने की बात सामने आई। अगर धीमी गति से वाहन चलाते तो हादसा न होता और आज शायद जीवित रहते। इसके अलावा एक ही बाइक पर तीन सवारी भी बैठाना गलत है।
सड़क पर करें नियमों का पालन
सड़क हादसों से बचने के लिए यातायात नियम का पालन बेहद जरूरी है। अगर दो पहिया वाहन चलाते हैं तो हेलमेट अवश्य लगाएं। बाइक पर तीन सवारी कभी न चलें। अपने ही लेन में चलें और मुड़ते समय डिपर का प्रयोग अवश्य करें। तेज गति में कभी वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय इयरफोन का प्रयोग न करें। वहीं चार पहिया वाहन चलाते समय सीटबेल्ट का प्रयोग करें। वाहन में क्षमता से अधिक सवारी न भरें। सामने वाले वाले से उचित दूरी बनाकर चलें। ओवरटेक न करें तय गति में ही वाहन चलाएं। इन बिंदुओं का ध्यान रखेंगे तो सड़क हादसों से बचा जा सकता है।
हादसों में एक नजर
वर्ष हादसा घायल मौत
2018 141 78 80
2019 129 69 89
2020 143 71 93